असम: डिब्रूगढ़ में ईएसएम रोजगार मेला, 434 पूर्व सैनिकों ने लिया हिस्सा
कोलकाता, 30 अक्टूबर (आईएएनएस)। रक्षा मंत्रालय के पूर्व सैनिक कल्याण विभाग के अंतर्गत पुनर्वास महानिदेशालय (डीजीआर) द्वारा शुक्रवार को असम के डिब्रूगढ़ में पूर्व सैनिक (ईएसएम) रोजगार मेले का आयोजन किया गया।
इस पहल का उद्देश्य पूर्व सैनिकों के लिए सार्थक रोजगार के अवसर प्रदान करना और प्रशिक्षित सशस्त्र बलों के कर्मियों के अनुभव, कौशल और नेतृत्व को उद्योग जगत से जोड़ना था, जो नागरिक करियर में कदम रख रहे हैं।
इस मेले में 434 से अधिक पूर्व सैनिकों और बहुराष्ट्रीय कंपनियों सहित 32 प्रमुख कंपनियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। उन्होंने विभिन्न क्षेत्रों में 350 से अधिक रिक्तियां प्रदान कीं।
रोजगार मेले का उद्घाटन 41 उपक्षेत्र के जनरल ऑफिसर कमांडिंग (जीओसी) मेजर जनरल विशाल पठानिया, डीजी डीजीआर मेजर जनरल एसबीके सिंह और ब्रिगेडियर सौम्या बनर्जी ने किया। कॉर्पोरेट जगत की ओर से कर्नल पीके घोष (सेवानिवृत्त), निदेशक, जालान इंडस्ट्रीज और ग्रुप कैप्टन मोहंतो पांगिंग (सेवानिवृत्त) विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित थे।
एक अधिकारी ने बताया, “वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लेने वाले पूर्व सैनिकों और कॉर्पोरेट प्रतिनिधियों से बातचीत की और रोजगार के उभरते अवसरों, उद्योग की अपेक्षाओं और नागरिक कार्यबल में आवश्यक कौशल के बारे में जानकारी प्राप्त की। इन बातचीत से कॉर्पोरेट क्षेत्र की बदलती आवश्यकताओं को पूरा करने में सैन्य अनुभव, नेतृत्व, अनुशासन और पेशेवर विशेषज्ञता के महत्व पर प्रकाश डाला गया।”
इस कार्यक्रम में भर्ती करने वाली प्रमुख कंपनियों में ब्रह्मपुत्र क्रैकर एंड पॉलीमर लिमिटेड, असम पेट्रो-केमिकल्स लिमिटेड, इनोवेशन लिमिटेड, जालान इंडस्ट्रीज लिमिटेड, ऑयल इंडिया लिमिटेड, आईसीआईसीआई बैंक, डिब्रूगढ़ विश्वविद्यालय, उदचल्लो और अन्य शामिल थे।
इस कार्यक्रम ने पूर्व सैनिकों को अपनी तकनीकी, प्रबंधकीय, प्रशासनिक और नेतृत्व क्षमताओं को प्रदर्शित करने के लिए एक साझा मंच प्रदान किया, साथ ही नियोक्ताओं को कुशल, अनुशासित और अनुभवी प्रतिभाओं से जुड़ने का अवसर भी दिया।
अधिकारी ने कहा, "इस पहल ने पूर्व सैनिकों के लिए सार्थक दूसरे करियर के अच्छे अवसर प्रदान करने और नागरिक कार्यबल में उनके संक्रमण का समर्थन करने के लिए डीजीआर की प्रतिबद्धता को और मजबूत किया।"
पूर्व सैनिक कल्याण विभाग (डीजीआर) रोजगार सुविधा, कौशल विकास, उद्यमिता और उद्योग के साथ सहयोग के माध्यम से सेवानिवृत्त और सेवानिवृत्त सशस्त्र बलों के कर्मियों के पुनर्वास को सुगम बनाना जारी रखे हुए है।
अधिकारियों ने बताया कि पूर्व सैनिक कल्याण विभाग के मार्गदर्शन में की गई ये पहलें पूर्व सैनिकों को गरिमा, उद्देश्य और राष्ट्र की निरंतर सेवा के साथ सार्थक नागरिक करियर में संक्रमण करने में सक्षम बनाने के लिए सरकार की प्रतिबद्धता की पुष्टि करती हैं।
अधिकारी ने आगे कहा, "डीजीआर कॉरपोरेट संगठनों और उद्योग संघों को पूर्व सैनिकों के साथ अपने जुड़ाव को मजबूत करने और उनके सिद्ध नेतृत्व, सत्यनिष्ठा, अनुशासन और पेशेवर विशेषज्ञता का लाभ उठाने के लिए प्रोत्साहित करता है। उद्योग की अधिक भागीदारी पूर्व सैनिकों के लिए नए करियर के रास्ते खोलने में मदद कर सकती है, साथ ही नियोक्ताओं को इस बहुमूल्य प्रतिभा भंडार से लाभ उठाने में सक्षम बना सकती है।"
सैन्य सेवा के दौरान प्रशिक्षण से उन्हें नेतृत्व कौशल, ईमानदारी और अनुशासन तो मिलता ही है, लेकिन अब सशस्त्र बल अधिकारियों को सेवानिवृत्ति से पहले प्रबंधन और जनसंपर्क जैसे उन्नत पाठ्यक्रम करने के लिए प्रोत्साहित कर रहे हैं। इससे उनकी पेशेवर विशेषज्ञता बढ़ती है।
कार्यशील आयु में ही सेवानिवृत्त होने वाले अधिकारियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए, उद्योग जगत के साथ इस तरह का संपर्क कॉर्पोरेट क्षेत्र में उनके प्रवेश के लिए महत्वपूर्ण है। कंपनियों ने संगठन के भीतर पूर्व-प्रशिक्षित अधिकारियों के महत्व को स्वीकार किया है।
--आईएएनएस
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