Samachar Nama
×

'जब शिखर है तो चिंता किस बात की', रोहित शर्मा ने शिखर धवन को बताया अपना 'जिगरी दोस्त'

'जब शिखर है तो चिंता किस बात की', रोहित शर्मा ने शिखर धवन को बताया अपना 'जिगरी दोस्त'
'जब शिखर है तो चिंता किस बात की', रोहित शर्मा ने शिखर धवन को बताया अपना 'जिगरी दोस्त'

मुंबई, 18 सितंबर (आईएएनएस)। इंडियन क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान रोहित शर्मा और पूर्व ओपनिंग पार्टनर शिखर धवन की जोड़ी ने क्रिकेट के मैदान पर कई यादगार पारियां खेली हैं। अब रोहित शर्मा ने शिखर धवन के साथ अपने इसी खास रिश्ते को याद किया। उन्होंने बताया कि धवन के साथ उनकी दोस्ती बाकी साथियों से थोड़ी अलग रही है, क्योंकि दोनों ने बहुत कम उम्र में साथ खेलना शुरू कर दिया था।

दरअसल, शिखर धवन, रोहित शर्मा के शो 'फैमिली फुल हाउस विद रोहित शर्मा' में स्पेशल गेस्ट बनकर पहुंचे। इस दौरान रोहित ने अपने पुराने दोस्त का स्वागत करते हुए उनके साथ बिताए क्रिकेट के दिनों को याद किया। कार्यक्रम की शुरुआत में ही रोहित ने मजाकिया अंदाज में कहा कि आज वह कुछ ज्यादा ही तरोताजा महसूस कर रहे हैं, क्योंकि उनका जिगरी दोस्त आने वाला है।

रोहित ने हंसते हुए कहा, 'मैं भी बहुत फ्रेश लग रहा हूं, क्योंकि मेरा जिगरी दोस्त आ रहा है, भाई।' इसके बाद उन्होंने दर्शकों से दोस्ती के मतलब को लेकर बात की और अपने अंदाज में बताया कि उनके लिए सच्चा दोस्त कैसा होता है।

रोहित ने कहा, ''दोस्त ऐसा होना चाहिए, जो रेस्तरां में बिल देने का समय आते ही अचानक जरूरी फोन आने की बात कहकर वहां से निकल जाए। आजकल दोस्त एक-दूसरे को मीम और रील भेजकर जुड़े रहते हैं, लेकिन मेरा एक ऐसा दोस्त आने वाला है, जिसके साथ मैंने इससे कहीं ज्यादा चीजें साझा की हैं।''

रोहित ने कहा, ''उसके साथ मैंने ड्रेसिंग रूम साझा किया है, जीत साझा की है, हार साझा की है, दबाव साझा किया है और ओपनिंग भी साझा की है।'

इसके बाद रोहित ने बताया कि शिखर धवन के साथ उनका रिश्ता बाकी साथियों से अलग क्यों रहा। उन्होंने कहा, ''सबके साथ दोस्ती होती है, फ्रेंडशिप सब कुछ होती है, लेकिन जो आ रहा है ना, उसके साथ मेरी थोड़ी अलग बॉन्डिंग रही है। क्योंकि हमने बहुत छोटी उम्र में एक साथ खेलना शुरू किया था, कॉम्पिटिटिव लेवल पर।'

उन्होंने आगे कहा, 'हमारी जो पार्टनरशिप रही है, वह बिल्कुल तनावमुक्त रही है। मैं हमेशा यही सोचता था कि जब उसके साथ खेलूंगा, तो मेरा दबाव पूरा निकल जाएगा, क्योंकि वह दबाव लेता था और मेरे ऊपर आने नहीं देता था। इसीलिए मैं हमेशा सोचता हूं, 'जब शिखर है तो चिंता किस बात की।''

--आईएएनएस

पीके/एएस

Share this story