पाकिस्तान: बढ़ते उग्रवाद और सीमा संघर्ष ने बढ़ाई मुश्किलें, सुरक्षा व्यवस्था बदहाल
इस्लामाबाद, 23 मई (आईएएनएस)। पाकिस्तान के सुरक्षा हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं। चरमपंथी सिर उठा रहे हैं और सीमाओं पर भी संघर्ष की स्थिति बनी रहती है। देश को तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) के पुनरुत्थान, बलूच विद्रोह और अफगानिस्तान के साथ बढ़ते तनाव जैसी चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है।
बढ़ती उग्रवादी हिंसा, सीमा पार संघर्षों में वृद्धि और सशस्त्र समूहों की बढ़ती क्षमता के चलते आने वाले समय में देश में अस्थिरता और हिंसा और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।
साउथ एशिया टेररिज्म पोर्टल (एसएटीपी) के आंशिक आंकड़ों का हवाला देते हुए यूरेशिया रिव्यू ने बताया कि पाकिस्तान में मई के पहले 17 दिनों में आतंक से जुड़े 57 हिंसक घटनाएं दर्ज की गईं, जिनमें सुरक्षा बलों, आतंकियों और नागरिकों सहित 200 लोगों की मौत हुई।
रिपोर्ट की मानें तो खैबर पख्तूनख्वा प्रांत टीटीपी के दोबारा सिर उठाने से सबसे अधिक पीड़ित है। 2009 के बाद सबसे अधिक मौतें 2025 में दर्ज की हैं। यहां 545 घटनाओं में 2,359 लोगों ने जान गंवाई, जबकि 2024 में 487 घटनाओं में 1,363 मौतें दर्ज की गई थीं, जो कुल मौतों में 73.07 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाती है।
खैबर पख्तूनख्वा के बाद बलूचिस्तान दूसरा सबसे अधिक हिंसा पीड़ित प्रांत रहा। यहां 2025 में 482 आतंकी वारदात हुई और इसमें 1,534 लोगों की मौत हुई, जबकि 2024 में 250 घटनाओं में 774 मौतें हुई थीं। जो 98.19 प्रतिशत की तेज वृद्धि को दर्शाती हैं।
रिपोर्ट में कहा गया है कि बलूचिस्तान की बिगड़ती सुरक्षा स्थिति और सुरक्षा बलों पर बढ़ते हमले मुख्य रूप से बलूच राष्ट्रवादी समूहों की नाराजगी का परिणाम हैं, जो जबरन गुमशुदगी और कथित न्यायिक हत्याओं को लेकर असंतोष जता रहे हैं।
रिपोर्ट के अनुसार, अफगानिस्तान-पाकिस्तान सीमा क्षेत्र में दो प्रकार की हिंसक घटनाएं लगातार देखी जा रही हैं। एक तरफ घुसपैठ करने वाले उग्रवादी सुरक्षा चौकियों पर हमले कर रहे हैं और दूसरी तरफ सीमा पर बाड़बंदी और ढांचागत निर्माण को लेकर दोनों देशों की सेनाओं के बीच गोलीबारी होती रहती है।
पड़ोसी देशों, विशेषकर अफगानिस्तान के साथ बढ़ते तनाव के अलावा टीटीपी और बलूच लिबरेशन आर्मी (बीएलए) के हमलों के बीच पाकिस्तान 2025 के ग्लोबल टेररिज्म इंडेक्स में पहली बार शीर्ष स्थान पर पहुंच गया है। यह रिपोर्ट इंस्टीट्यूट फॉर इकोनॉमिक्स एंड पीस द्वारा प्रकाशित की गई थी।
रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि पाकिस्तान में आतंकवाद से होने वाली मौतें 2013 के बाद सबसे उच्च स्तर पर पहुंच गई हैं। 2023 में 1,045 आतंकी वारदातें रिपोर्ट हुई थीं जिसमें 1,139 लोगों की जान गई थी।
--आईएएनएस
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