अफगानिस्तान में पाकिस्तानी एयरस्ट्राइक पर मानवाधिकार संगठनों ने जताई चिंता, स्वतंत्र जांच की उठाई मांग
काबुल, 29 जून (आईएएनएस)। अफगानिस्तान के पक्तिया, पक्तिका और कुनार प्रांतों में पाकिस्तानी सेना द्वारा किए गए हवाई हमलों को लेकर अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठन ने गंभीर चिंता जताई है। इन हमलों में महिलाओं और बच्चों सहित कई नागरिकों के मारे जाने और घायल होने की पुष्टि की गई है।
तालिबान के उप प्रवक्ता हमदुल्ला फितरत ने बताया कि रविवार रात हुए इन हमलों में 36 नागरिकों की मौत हो गई, जबकि 163 लोग घायल हुए हैं। इसके अलावा तीन घर भी पूरी तरह नष्ट हो गए।
इंटरनेशनल ह्यूमन राइट्स फाउंडेशन (आईएचआरएफ) ने कहा, " नागरिक इलाकों और राहत कार्य में लगे लोगों पर हमलों की रिपोर्ट अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून (आईएचएल) के गंभीर उल्लंघन की ओर इशारा करती है।" संगठन ने कहा कि ऐसे हमले ‘भेदभाव, मापदंड के अनुसार कार्रवाई और सावधानी’ जैसे अंतरराष्ट्रीय नियमों का उल्लंघन हो सकते हैं।
आईएचआरएफ ने यह भी कहा कि नागरिकों या राहतकर्मियों पर जानबूझकर या बिना भेदभाव के हमला जेनेवा कन्वेंशन और इसके प्रोटोकॉल का गंभीर उल्लंघन माना जा सकता है।
संगठन ने पाकिस्तान सरकार से इन सैन्य अभियानों के कानूनी आधार, लक्ष्य निर्धारण प्रक्रिया और परिस्थितियों को लेकर पारदर्शी स्पष्टीकरण देने की मांग की है। साथ ही स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच में सहयोग करने और प्रभावित क्षेत्रों तक मानवीय सहायता पहुंच सुनिश्चित करने की अपील की गई है।
आईएचआरएफ ने संयुक्त राष्ट्र और अन्य मानवाधिकार संस्थाओं से भी अपील की है कि वे इस घटनाक्रम पर कड़ी नजर रखें, सभी घटनाओं का दस्तावेजीकरण करें और तथ्य-खोज मिशन को समर्थन दें।
अफगानिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति हामिद करजई ने इन हवाई हमलों की निंदा करते हुए इसे देश की संप्रभुता का उल्लंघन बताया। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की।
तालिबान प्रवक्ता जबीहुल्लाह मुजाहिद ने भी इन हमलों को “कायराना आक्रमण” बताया। उन्होंने कहा कि पक्तिका, पक्तिया और कुनार के कई जिलों में हुए हमलों में बड़ी संख्या में नागरिक, जिनमें महिलाएं और बच्चे शामिल हैं, मारे गए और घायल हुए हैं।
उन्होंने पाकिस्तान पर “आक्रामक नीति” अपनाने का आरोप लगाते हुए इसे मानवता के खिलाफ अपराध करार दिया और कड़ी निंदा की।
--आईएएनएस
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