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ऋचा चड्ढा ने 'मुसाफिरी' के टाइटल ट्रैक के लिए स्नेहा खानवलकर से मिलाया हाथ, खुद लिखे गाने के बोल

ऋचा चड्ढा ने 'मुसाफिरी' के टाइटल ट्रैक के लिए स्नेहा खानवलकर से मिलाया हाथ, खुद लिखे गाने के बोल
ऋचा चड्ढा ने 'मुसाफिरी' के टाइटल ट्रैक के लिए स्नेहा खानवलकर से मिलाया हाथ, खुद लिखे गाने के बोल

मुंबई, 3 नवंबर (आईएएनएस)। अभिनेत्री ऋचा चड्ढा ने अपनी नॉन-फिक्शन सीरीज 'मुसाफिरी' के टाइटल ट्रैक के लिए म्यूजिक कंपोजर और सिंगर स्नेहा खानवलकर के साथ हाथ मिलाया है। इस गाने को स्नेहा ने कंपोज करने के साथ अपनी आवाज भी दी है। खास बात यह है कि गाने के बोल खुद ऋचा ने लिखे हैं। ऋचा ने स्नेहा को अपना लकी चार्म बताते हुए कहा कि दोनों का साथ कई खास मौकों से जुड़ा रहा है।

ऋचा ने एक बयान में कहा, ''मुझे गर्व है कि मैं स्नेहा को अपनी दोस्त कह सकती हूं। अगर भारत में एक हजार कहानियां हैं, तो स्नेहा शायद उन सभी के लिए साउंडट्रैक ढूंढ सकती हैं। मुझे इस गाने की गुनगुनाहट, जिज्ञासा और शरारत-भरा अंदाज बहुत पसंद आया। इसमें कहीं-कहीं लोरी जैसी मिठास भी है।''

उन्होंने आगे कहा, ''एक अभिनेत्री के तौर पर मेरी पहली फिल्म 'ओए लकी! लकी ओए!' थी, जो स्नेहा की भी पहली फिल्म थी। बतौर प्रोड्यूसर मेरी पहली फिल्म 'गर्ल्स विल बी गर्ल्स' में भी स्नेहा का एक गाना था और अब बतौर क्रिएटर मेरे पहले प्रोजेक्ट में भी वह मेरे साथ हैं। वह सच में मेरा लकी चार्म हैं।''

वहीं, स्नेहा खानवलकर ने ऋचा की तारीफ करते हुए कहा, ''ऋचा की अपनी एक अलग और स्वतंत्र आवाज है। उन्होंने अपनी पत्रकारिता की पढ़ाई का 'मुसाफिरी' में बखूबी इस्तेमाल किया है। यह एक शानदार, दिलचस्प और मनोरंजक शो है, जो हमें उन जगहों और इलाकों की गहराई से सैर कराता है, जिन्हें हम देखते तो रहे हैं, लेकिन जिनके बारे में कभी इतने करीब से नहीं जान पाए।''

स्नेहा ने गाने के बनने की कहानी बताते हुए कहा कि जब ऋचा ने उनसे सीरीज का टाइटल ट्रैक बनाने के लिए कहा, तो उन्होंने शुरुआत में एक बेसिक रिदमिक ट्रैक तैयार किया था। इसके साथ उन्होंने कुछ ऐसे शब्दों पर धुन गुनगुनाई थी, जिनका कोई तय मतलब नहीं था। बाद में ऋचा ने उसी धुन पर खुद बोल लिखे, जिन्हें स्नेहा ने रिकॉर्ड किया। उन्होंने कहा कि ऋचा के साथ काम करना हमेशा मजेदार रहता है।

स्नेहा खानवलकर को फिल्म 'ओए लकी! लकी ओए!' के म्यूजिक और 'गैंग्स ऑफ वासेपुर' के दोनों पार्ट के संगीत के लिए खास पहचान मिली। वह इस कैटेगरी में नॉमिनेशन पाने वाली दूसरी महिला संगीतकार हैं। उनसे 28 साल पहले उषा खन्ना को इस कैटेगरी में नॉमिनेशन मिला था।

--आईएएनएस

पीके/एएस

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