तेलंगाना में सियासी पारा चढ़ा, रेवंत रेड्डी ने बीआरएस को मिट्टी में मिलाने की खाई कसम
हैदराबाद, 21 अप्रैल (आईएएनएस)। भीषण गर्मी से जूझ रहे तेलंगाना में राजनीतिक तापमान भी तेज हो गया है। मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी और विपक्ष के नेता के. चंद्रशेखर राव (केसीआर) के बीच तीखी जुबानी जंग ने सियासी माहौल गरमा दिया है।
सोमवार रात दोनों नेताओं ने अलग-अलग जनसभाओं में एक-दूसरे पर जमकर निशाना साधा और खुली चुनौतियां दीं।
जगतियाल में आयोजित एक जनसभा को संबोधित करते हुए भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) के अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री केसीआर ने दावा किया कि उनकी पार्टी फिर से सत्ता में वापसी करेगी। उन्होंने कहा कि सत्ता में आते ही हैदराबाद डिजास्टर रिस्पॉन्स एंड एसेट प्रोटेक्शन एजेंसी को खत्म करने वाली फाइल सबसे पहले साइन की जाएगी।
यह जनसभा पूर्व मंत्री टी. जीवन रेड्डी के पार्टी में शामिल होने के अवसर पर आयोजित की गई थी। केसीआर ने उन्हें बीआरएस का महासचिव नियुक्त करने की भी घोषणा की।
केसीआर ने कहा कि बीआरएस की “विजय यात्रा” जगतियाल से शुरू होगी, वहीं मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने पलटवार करते हुए कहा कि अगले चुनाव में वे बीआरएस और केसीआर को “100 मीटर जमीन के नीचे दफना देंगे।”
रेवंत रेड्डी ने यह भी चुनौती दी कि यदि वह अगले चुनाव में केसीआर को विपक्ष के नेता के पद से हटाने में विफल रहते हैं, तो अपना नाम बदल लेंगे। करीमनगर जिले के नस्तुरापल्ली में आयोजित जनसभा में उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार 2029 के चुनावों में 100 से अधिक सीटें जीतकर दोबारा सत्ता में आएगी।
मुख्यमंत्री ने मेडीगड्डा बैराज (जो कलेश्वरम लिफ्ट इरिगेशन प्रोजेक्ट का हिस्सा है) का दौरा करने के बाद आरोप लगाया कि बीआरएस शासन के दौरान बने इस प्रोजेक्ट में भारी भ्रष्टाचार हुआ है।
उन्होंने कहा कि “अगर केसीआर को कलेश्वरम परियोजना में 1 लाख करोड़ रुपये की बर्बादी के लिए फांसी भी दी जाए, तो वह पाप नहीं होगा।” साथ ही उन्होंने कहा कि निजाम काल में होते तो केसीआर को इस घोटाले के लिए फांसी दी जा चुकी होती।
रेवंत रेड्डी ने बताया कि लोकतांत्रिक व्यवस्था और कानून के शासन को देखते हुए राज्य सरकार ने इस मामले की जांच सीबीआई को सौंपने का फैसला किया है। उन्होंने केंद्र की भाजपा सरकार पर भी निशाना साधते हुए कहा कि राज्य सरकार के अनुरोध के बावजूद सीबीआई जांच के आदेश नहीं दिए गए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार इस “बड़े पैमाने के भ्रष्टाचार” के जिम्मेदार लोगों को नहीं बख्शेगी। उन्होंने आरोप लगाया कि जांच की संभावना से घबराकर बीआरएस नेता टी. हरीश राव दिल्ली जाकर भाजपा नेताओं से गुहार लगा रहे हैं।
रेवंत रेड्डी की ये टिप्पणियां उस समय आई हैं जब तेलंगाना हाई कोर्ट जल्द ही उन याचिकाओं पर फैसला सुनाने वाला है, जिनमें केसीआर, हरीश राव और अन्य ने जस्टिस पी.सी. घोष आयोग की रिपोर्ट को रद्द करने की मांग की है।
वहीं, जगतियाल की जनसभा में केसीआर ने कांग्रेस सरकार पर “अराजक शासन” चलाने का आरोप लगाया और विश्वास जताया कि बीआरएस फिर सत्ता में लौटेगी। उन्होंने कांग्रेस सरकार को हटाने के लिए एक नए आंदोलन की भी अपील की।
लंबे समय बाद सार्वजनिक मंच पर नजर आए केसीआर ने अपने आक्रामक अंदाज में रेवंत रेड्डी पर पलटवार करते हुए कहा कि “उनकी मौत की कामना करने वालों के बावजूद, वह आखिरी सांस तक तेलंगाना की सेवा करते रहेंगे।”
उन्होंने कहा, “अगर मुझे हजार बार भी जन्म लेना पड़े, तो भी मैं तेलंगाना के लिए लड़ता रहूंगा। वे चाहे सौ जन्म ले लें, मुझे जनता से अलग नहीं कर सकते।”
इसके साथ ही, उन्होंने कांग्रेस पर 2023 चुनावों में किए गए “छह गारंटी” और 420 से अधिक वादों को पूरा न करने का आरोप लगाया। केसीआर ने दावा किया कि कांग्रेस सरकार से कोई भी वर्ग संतुष्ट नहीं है और उसने अब तक कोई नई योजना शुरू नहीं की है।
--आईएएनएस
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