Samachar Nama
×

जयपुर में पालतू कुत्तों और बिल्लियों का रजिस्ट्रेशन नहीं कराने पर लगेगा 5 हजार रुपये जुर्माना

जयपुर में पालतू कुत्तों और बिल्लियों का रजिस्ट्रेशन नहीं कराने पर लगेगा 5 हजार रुपये जुर्माना
जयपुर में पालतू कुत्तों और बिल्लियों का रजिस्ट्रेशन नहीं कराने पर लगेगा 5 हजार रुपये जुर्माना

जयपुर, 22 जुलाई (आईएएनएस)। जयपुर नगर निगम (जेएमसी) ने सभी पालतू कुत्तों और बिल्लियों का रजिस्ट्रेशन अनिवार्य कर दिया है। इसके साथ ही घोषणा की है कि जो मालिक 30 सितंबर तक अपने पालतू जानवरों का रजिस्ट्रेशन नहीं कराएंगे, उन्हें 5,000 रुपये तक का जुर्माना भरना होगा।

नगर निगम ने निवासियों को रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया पूरी करने के लिए दो महीने का अतिरिक्त समय दिया है। नगर निगम कमिश्नर ओम कसेरा ने कहा कि इस पहल का मकसद जयपुर को रेबीज-मुक्त बनाना, पालतू जानवरों के कल्याण और शहर में पालतू जानवरों का एक पूरा डेटाबेस तैयार करना है।

जयपुर नगर निगम 2 अगस्त को फ्रेंडशिप डे के मौके पर शहर का सबसे बड़ा 'पेट कार्निवल' भी आयोजित करेगा। इस इवेंट में मौके पर ही पालतू जानवरों का रजिस्ट्रेशन, मुफ्त एंटी-रेबीज वैक्सीनेशन, जानवरों की सेहत की जांच और उन्हें गोद लेने की सुविधा मिलेगी। इससे पालतू जानवरों के मालिकों को जानवरों की जरूरी देखभाल और नियमों के पालन के लिए एक ही जगह पर सभी सुविधाएं मिलेंगी।

नए नियमों के तहत, हर पालतू कुत्ते और बिल्ली को तीन महीने की उम्र में एंटी-रेबीज का पहला टीका लगवाना जरूरी है और उसके बाद हर साल टीका लगवाना होगा। टीकाकरण की जानकारी कॉर्पोरेशन के पास मौजूद पालतू जानवरों के रजिस्ट्रेशन रिकॉर्ड का एक अहम हिस्सा होगी।

कमिश्नर ने कहा कि इस पहल का मकसद जुर्माना लगाना नहीं, बल्कि लोगों की सेहत और पशु कल्याण को बेहतर बनाना है। उन्होंने नागरिकों से तय समय-सीमा के अंदर अपने पालतू जानवरों का रजिस्ट्रेशन कराने की अपील की। ​​कॉर्पोरेशन ने पेट शॉप, कुत्ते और बिल्ली पालने वालों (ब्रीडर्स) और केनेल चलाने वालों के लिए भी नए नियम लागू किए हैं।

संशोधित नियमों के तहत, एनिमल वेलफेयर बोर्ड ऑफ इंडिया (एडब्लूबीआई) के पास रजिस्ट्रेशन कराना जरूरी है। किसी भी कुत्ते या बिल्ली को बेचने या नए मालिक को सौंपने से पहले म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन के पास उसका रजिस्ट्रेशन कराना अनिवार्य है।

तीन महीने से कम उम्र के पिल्लों या बिल्ली के बच्चों के मामले में खरीदारों को एक हलफनामा देना होगा जिसमें यह पुष्टि की गई हो कि जानवर को तय उम्र में एंटी-रेबीज का टीका लगाया जाएगा।

पालतू जानवरों का कारोबार करने वालों को भी हर तीन महीने में नगर निगम को खरीदे और बेचे गए सभी जानवरों का रिकॉर्ड जमा करना होगा। रजिस्ट्रेशन फीस 1,000 रुपये प्लस जीएसटी तय की गई है, जबकि सालाना रिन्यूअल फीस 500 रुपये प्लस जीएसटी होगी।

जो पालतू जानवरों के मालिक 30 सितंबर के बाद अपने जानवरों का रजिस्ट्रेशन नहीं कराएंगे, उन्हें 5,000 रुपये तक का जुर्माना देना पड़ सकता है। नियमों का और उल्लंघन करने पर 2,000 रुपये का जुर्माना लग सकता है।

निगम ने अधिकारियों द्वारा जब्त किए गए कुत्तों के लिए रोजाना 100 रुपये का रखरखाव शुल्क भी तय किया है। नगर निगम ने कहा कि इन नए उपायों से बीमारियों पर बेहतर नियंत्रण, पालतू जानवरों की बेहतर देखभाल और पूरे जयपुर में पालतू जानवरों के प्रबंधन के लिए एक अधिक व्यवस्थित ढांचा तैयार होने की उम्मीद है।

--आईएएनएस

ओपी/एएस

Share this story

Tags