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पेट्रोल-डीजल सस्ते होने पर बस किराया भी घटाएगी राज्य सरकार: शिवकुमार

पेट्रोल-डीजल सस्ते होने पर बस किराया भी घटाएगी राज्य सरकार: शिवकुमार
पेट्रोल-डीजल सस्ते होने पर बस किराया भी घटाएगी राज्य सरकार: शिवकुमार

बेंगलुरु, 4 नवंबर (आईएएनएस)। कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने बुधवार को कहा कि यदि केंद्र सरकार पेट्रोल और डीजल की कीमतें घटाती है, तो राज्य सरकार भी उसी अनुपात में बस का किराया घटाएगी।

मुख्यमंत्री ने ये बातें बुधवार को विधान सौधा में मीडिया के सवालों का जवाब देते हुए कही।

विपक्षी दलों द्वारा गुरुवार को बस किराए में बढ़ोतरी के विरोध में राज्यव्यापी प्रदर्शन के आह्वान से संबंधित एक प्रश्न के उत्तर में उन्होंने कहा कि परिवहन निगम घाटे में चल रहे हैं। एक समय ऐसा भी आया जब उनके पास अगले 10 दिनों से तीन सप्ताह तक के लिए डीजल खरीदने के लिए भी पर्याप्त धन नहीं था। सरकार को हस्तक्षेप करना पड़ा और आवश्यक वित्तीय सहायता प्रदान करनी पड़ी। इसके अलावा, महिलाओं के लिए मुफ्त बस यात्रा प्रदान करने वाली 'शक्ति' योजना ने परिवहन निगमों पर अतिरिक्त वित्तीय बोझ डाल दिया है। परिणामस्वरूप, कुछ मार्गों पर किराए में 2 या 3 रुपए की वृद्धि हो सकती है।

उन्होंने पूछा कि पेट्रोल और डीजल की कीमतें बढ़ने पर विपक्षी दल चुप क्यों रहे? खाना पकाने की गैस की कीमतें बढ़ने पर उन्होंने आवाज क्यों नहीं उठाई? ​​उर्वरकों, कीटनाशकों, इस्पात, सीमेंट और दवाओं की कीमतों में वृद्धि के खिलाफ उन्होंने विरोध क्यों नहीं किया? क्या उन्हें कृषि उपकरणों की बढ़ती लागत और किसानों पर इसके बोझ की चिंता नहीं है?

उन्होंने कहा कि राज्य में चल रहे सूखे के दौरान किसानों को हो रही कठिनाइयों से मैं भलीभांति अवगत हूं। हम उनकी परेशानियों और संघर्षों को समझते हैं। साथ ही, परिवहन निगमों को भी आर्थिक रूप से सक्षम रहना चाहिए। उन्हें अपनी वित्तीय कठिनाइयों से उबरने का मौका दिया जाना चाहिए।

उन्होंने विपक्षी दलों को चुनौती देते हुए कहा कि विपक्षी दलों को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से पेट्रोल और डीजल पर लगने वाले उपकरों और करों का बोझ कम करने की अपील करनी चाहिए। यदि केंद्र सरकार ईंधन की कीमतें कम करती है, तो राज्य सरकार तदनुसार उचित कदम उठाएगी।

मीडिया द्वारा पूछे गए उन सवालों का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि दूध की कीमतों में यह अंतर गुणवत्ता और वसा की मात्रा में अंतर के कारण है।

उन्होंने कहा कि सभी दूध एक जैसा नहीं होता। सामान्य दूध, देसी गायों का दूध, और भैंस का दूध अलग-अलग किस्में हैं। इनमें वसा की मात्रा भी भिन्न होती है। लोगों को इन अंतरों को समझना चाहिए।

--आईएएनएस

एमएस/

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