'क्या विपक्ष अराजकता फैलाना चाहता है?', रविशंकर प्रसाद ने इंडिया गठबंधन के प्रदर्शन की निंदा की
नई दिल्ली, 6 अक्टूबर (आईएएनएस)। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के नेतृत्व में मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ इंडिया ब्लॉक के विरोध के बीच, भाजपा सांसद रविशंकर प्रसाद ने मंगलवार को सवाल किया कि क्या विपक्षी दल देश में अराजकता पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं।
समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत में रविशंकर प्रसाद ने कहा कि राहुल गांधी, कांग्रेस पार्टी और विपक्षी इंडिया गठबंधन, आखिर वे क्या चाहते हैं? क्या वे अराजकता चाहते हैं?
उन्होंने कहा कि दिल्ली में बैठकर, उन्होंने यहां एक संवेदनशील इलाके को घेर रखा है और कह रहे हैं कि (सीईसी) ज्ञानेश कुमार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के चंगुल में हैं। यह शर्मनाक है। मैं इसकी निंदा करता हूं।
प्रसाद ने चुनाव रद्द करने और बैलेट पेपर का इस्तेमाल करके दोबारा चुनाव कराने की कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की कथित मांग की भी आलोचना की।
भाजपा सांसद ने कहा कि उन्होंने कहा था कि सभी चुनाव रद्द कर दिए जाएं और बैलेट पेपर से दोबारा चुनाव कराए जाएं। यही उनका मकसद है और वे यही चाहते हैं। वे निष्पक्ष चुनाव नहीं जीत सकते। अब वे बूथ पर कब्जा करना चाहते हैं। वे दबाव डालकर चुनाव जीतना चाहते हैं। वे दलितों और गरीबों को वोट देने से रोकना चाहते हैं। कांग्रेस इसी तरह जीतती रही है, चाहे वह बिहार हो, पश्चिम बंगाल हो या कोई और राज्य।
उन्होंने आईएएनएस से कहा कि जब देश के लोगों को वोट देने का मौका मिला है, तो राहुल गांधी क्या चाहते हैं? जब दो करोड़ वोटर मर चुके हैं, तो क्या उन्हें अभी भी वोटर माना जाएगा? करोड़ों लोग दो जगहों पर वोटर हैं, जो कानून के तहत मान्य नहीं है।
भाजपा सांसद ने आगे कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने मई में दिए अपने फैसलों में विस्तार से बताया था कि भारत के चुनाव आयोग (ईसीआई) के पास वोटर लिस्ट का 'स्पेशल इंटेंसिव रिविजन' (एसआईआर) करने का अधिकार है।
उन्होंने कहा कि यह कानून के तहत है। आप हरियाणा, महाराष्ट्र, दिल्ली, बिहार और बंगाल में हार गए हैं। इसलिए, आप चुनाव हार रहे हैं और कह रहे हैं कि यह ईसीआई की मिलीभगत है। आपको देश के वोटर्स का अपमान करना बंद करना चाहिए। आप जिस तरह से अराजकता फैला रहे हैं, हम उसकी निंदा करते हैं।
उन्होंने राहुल गांधी पर संवैधानिक और राष्ट्रीय संस्थाओं को बार-बार निशाना बनाने का आरोप लगाते हुए कहा कि उन्होंने विदेश में देश का अपमान किया है। वह जिस तरह से अराजकता फैला रहे हैं, हम उसकी निंदा करते हैं।
इससे पहले दिन में, राहुल गांधी ने कहा कि संसद के दोनों सदनों के लगभग 300 सांसदों को चुनाव आयोग से मिलने से रोका गया। उन्होंने आरोप लगाया कि सांसद मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और उनके दो सहयोगियों से मिलना चाहते थे, लेकिन उन्हें चुनाव आयोग के कार्यालय की ओर जाने से रोक दिया गया।
राहुल गांधी ने आगे कहा कि प्रधानमंत्री मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत और ज्ञानेश कुमार ने देश के लोकतंत्र को नष्ट कर दिया है।
--आईएएनएस
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