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बेटी की बीमारी को याद कर भावुक हुए राकेश रोशन, बोले-'कई बार अकेले में रोया लेकिन उसके सामने हमेशा मुस्कुराया'

बेटी की बीमारी को याद कर भावुक हुए राकेश रोशन, बोले-'कई बार अकेले में रोया लेकिन उसके सामने हमेशा मुस्कुराया'
बेटी की बीमारी को याद कर भावुक हुए राकेश रोशन, बोले-'कई बार अकेले में रोया लेकिन उसके सामने हमेशा मुस्कुराया'

मुंबई, 6 अगस्त (आईएएनएस)। दिग्गज फिल्म निर्माता और अभिनेता राकेश रोशन ने अपनी जिंदगी के एक ऐसे मुश्किल दौर को याद किया, जब उनकी बेटी सुनैना रोशन कैंसर, फैटी लिवर और दूसरी गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रही थीं। उस समय एक पिता के तौर पर वह अंदर से पूरी तरह टूट गए थे, लेकिन बेटी के सामने हमेशा मुस्कुराते हुए नजर आते थे ताकि उसका हौसला बना रहे।

दरअसल, सुनैना रोशन ने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो पोस्ट किया। इस वीडियो में वह और राकेश रोशन ने अपने जीवन के सबसे कठिन दौर को याद किया और बताया कि कैसे उन्होंने एक-दूसरे से ताकत लेकर मुश्किल समय का सामना किया।

बातचीत के दौरान सुनैना रोशन ने अपने पिता से एक सवाल पूछा, ''जब मेरी तबीयत सबसे ज्यादा खराब थी, उस समय एक पिता के तौर पर आपके मन में क्या चल रहा था?''

इस सवाल पर राकेश रोशन कुछ पल के लिए भावुक हो गए। उन्होंने बताया, ''वह दौर मेरे लिए बिल्कुल भी आसान नहीं था। ऐसा सिर्फ एक बार नहीं, बल्कि कई बार हुआ जब मैं अकेले में भगवान से प्रार्थना करता था और मेरी आंखों में आंसू आ जाते थे। हालांकि, जब भी मैं तुमसे मिलने आता था, तब अपने सारे दर्द को छिपा लेता था। मैं हमेशा मुस्कुराते हुए तुम्हारा सामने आता था, ताकि तुम कभी कमजोर महसूस न करे।

राकेश रोशन ने कहा, ''एक पिता होने के नाते अपनी संतान को तकलीफ में देखना सबसे मुश्किल अनुभव होता है। कई बार मैं अंदर से बुरी तरह टूट जाता था, लेकिन फिर सोचता था कि अगर मैं खुद कमजोर पड़ गया तो बेटी का हौसला भी टूट जाएगा। इसलिए मैंने हमेशा अपने चेहरे पर मुस्कान बनाए रखी।''

पिता की बात सुनने के बाद सुनैना रोशन भी भावुक हो गईं। उन्होंने कहा, ''यही मजबूत सोच मुझे आपसे मिली है। जब साल 2018 में अपने पिता (राकेश रोशन) को गले के शुरुआती चरण के कैंसर का पता चला था, तब मैंने भी बिल्कुल वही किया जो आपने मेरे लिए किया था। मैं आपके सामने हमेशा मुस्कुराकर रहती थीं और आपको हिम्मत देने की कोशिश करती थीं, लेकिन जैसे ही अपने कमरे में जाती थीं, फूट-फूटकर रोती थीं।''

सुनैना ने खुलासा किया कि कई बार वह आईने के सामने खड़ी होकर खुद को जबरन हंसाने की कोशिश करती थीं। वह पहले खुद को मानसिक रूप से तैयार करती थीं और फिर मुस्कुराते हुए अपने पिता के सामने जाती थीं ताकि उन्हें यह महसूस न हो कि परिवार घबराया हुआ है।

बेटी की यह बात सुनकर राकेश रोशन ने कहा, ''परिवार का कोई भी सदस्य जब गंभीर बीमारी से गुजरता है तो उसके अपने लोग भी उतना ही दर्द महसूस करते हैं। लेकिन ऐसे समय में अगर परिवार के सदस्य सकारात्मक रवैया अपनाएं और मरीज के सामने मजबूत बने रहें, तो उससे बीमार व्यक्ति को लड़ने की ताकत मिलती है। मुश्किल समय में हौसला और सकारात्मक सोच ही सबसे बड़ी दवा होती है।''

बातचीत के आखिर में सुनैना रोशन ने कहा, ''आखिरकार लड़ाई लड़ने की असली ताकत इंसान के भीतर से आती है। व्यक्ति को खुद यह फैसला करना पड़ता है कि वह बीमारी के आगे हार नहीं मानेगा, बल्कि उसका सामना करेगा और उसे हराकर आगे बढ़ेगा।''

गौरतलब है कि सुनैना रोशन को साल 2007 में सर्वाइकल कैंसर का पता चला था। उन्होंने इलाज कराया और आखिरकार इस बीमारी को मात दी। इसके अलावा वह फैटी लिवर और अन्य स्वास्थ्य समस्याओं से भी जूझ चुकी हैं, जिनके बारे में वह समय-समय पर खुलकर बात करती रही हैं।

वहीं, राकेश रोशन को साल 2018 में गले के शुरुआती चरण के स्क्वैमस सेल कार्सिनोमा कैंसर का पता चला था। उन्होंने सर्जरी करवाई, जो सफल रही।

--आईएएनएस

पीके/पीएम

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