राजस्थान मंत्रिमंडल ने प्रधानमंत्री मोदी को सम्मानित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी
जयपुर, 14 अक्टूबर (आईएएनएस)। राजस्थान मंत्रिमंडल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को उनके 25 वर्ष के कार्यकाल पूर्ण होने पर सम्मानित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने मंत्रिमंडल की बैठक के बाद मीडिया को संबोधित करते हुए यह घोषणा की और कहा कि प्रधानमंत्री के 'विकसित भारत' के सपने को साकार करने में राजस्थान महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
शर्मा ने मोदी सरकार के कार्यकाल में हासिल की गई कई प्रमुख उपलब्धियों का उल्लेख किया, जिनमें राम मंदिर की प्राण-प्रतिष्ठा और लंबे समय से लंबित अंतर-राज्यीय जल समझौतों पर हुई प्रगति शामिल है।
उन्होंने कहा कि सहकारी संघवाद की भावना ने यमुना जल समझौता, नर्मदा जल समझौता और पूर्वी राजस्थान नहर परियोजना (ईआरसीपी) को आगे बढ़ाने में मदद की है।
उन्होंने वैश्विक राजस्थान शिखर सम्मेलन के दौरान 35 लाख करोड़ रुपए के समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर और प्रधानमंत्री द्वारा पचपदरा रिफाइनरी के उद्घाटन का भी उल्लेख किया।
मुख्यमंत्री के अनुसार, 27,750 किलोमीटर से अधिक लंबे ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे विकसित किए जा रहे हैं, जबकि राज्य सरकार के कार्यकाल के दौरान राजस्थान की सौर ऊर्जा क्षमता में 28 गीगावाट की वृद्धि हुई है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व और मार्गदर्शन से राज्य को काफी लाभ हुआ है। शर्मा ने बताया कि 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान के तहत राजस्थान में लगभग 30 करोड़ पौधे लगाए गए हैं।
राष्ट्र निर्माण में युवाओं के महत्व पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि एक लाख पदों के लिए भर्ती प्रक्रिया वर्तमान में चल रही है।
मुख्यमंत्री ने दावा किया कि 410 से अधिक परीक्षाएं बिना पेपर लीक हुए संपन्न हुईं। उन्होंने कहा कि सरकार 26 जिलों में किसानों को दिन के समय बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए काम कर रही है।
शर्मा ने कहा कि राजस्थान प्रधानमंत्री के दृष्टिकोण के अनुरूप 'एक राज्य, एक चुनाव' की अवधारणा को लागू कर रहा है। उन्होंने कहा कि पंचायती राज चुनाव एक साथ कराए जा रहे हैं, और पहले अलग-अलग समय पर होने वाले चुनावों से विकास गतिविधियों में बाधा आती थी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के 25 वर्षीय जनसेवा के उपलक्ष्य में आयोजित 'सेवा संकल्प रथों' के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में जन कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी जा रही है। इस पहल का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सरकारी योजनाओं का लाभ प्रत्येक पात्र परिवार तक पहुंचे।
शर्मा ने कहा कि 'विकसित भारत' की परिकल्पना गांवों में बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करके और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को आत्मनिर्भर बनाकर ही साकार की जा सकती है।
उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकारें 'डबल इंजन वाली सरकार' के ढांचे के तहत मिलकर ग्रामीण क्षेत्रों में विकास पहलों को आगे बढ़ा रही हैं।
राज्य सरकार व्यक्तिगत गांवों की जरूरतों के अनुरूप विकास योजनाएं तैयार करने और यह सुनिश्चित करने पर ध्यान केंद्रित कर रही है कि उनका लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे।
'विकसित गांव, विकसित भारत अभियान' के तहत ग्राम सभाओं और सामुदायिक बैठकों के माध्यम से किसानों, पशुपालकों, महिलाओं और वरिष्ठ नागरिकों से सुझाव एकत्र किए गए।
इन परामर्शों के आधार पर, एक 'ग्राम विकास प्रतिज्ञा पत्र' तैयार किया गया, जो ग्रामीणों की आकांक्षाओं और सामूहिक विकास के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
--आईएएनएस
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