राजस्थान : मुंडावर में रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़े गए दो सरकारी कर्मचारी, एसीबी ने किया गिरफ्तार
जयपुर, 29 अक्टूबर (आईएएनएस)। राजस्थान भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने गुरुवार को खैरथल-तिजारा जिले की पंचायत समिति मुंडावर में तैनात एक विकास अधिकारी और एक कनिष्ठ सहायक (जूनियर असिस्टेंट) को कथित तौर पर 65 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया है।
गिरफ्तार अधिकारियों की पहचान संजय कुमार यादव और ऋतिक कुमार सिंह के रूप में हुई है। दोनों को एसीबी की भिवाड़ी चौकी की टीम ने ट्रैप कार्रवाई के दौरान रंगे हाथों पकड़ा।
एसीबी के महानिदेशक गोविंद गुप्ता के अनुसार, यह कार्रवाई एक शिकायत के आधार पर की गई। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया था कि विकास अधिकारी संजय कुमार यादव उसकी फर्म द्वारा किए गए सफाई कार्य और पाइपलाइन निर्माण से संबंधित मेजरमेंट बुक की प्रविष्टियां पूरी करने के बदले 65 हजार रुपए की रिश्वत मांग रहे थे।
शिकायतकर्ता की फर्म को पंचायत समिति मुंडावर द्वारा ग्राम पंचायत मटौर और ग्राम पंचायत नांगली ओजा में सफाई कार्य का ठेका दिया गया था।
शिकायत के अनुसार, संजय कुमार यादव मेजरमेंट बुक में प्रविष्टियां करने के लिए लगातार परेशान कर रहे थे और रिश्वत की मांग कर रहे थे।
इसके बाद एसीबी की भिवाड़ी चौकी ने 23 अक्टूबर को शिकायत का सत्यापन किया। जांच के दौरान रिश्वत मांगने की पुष्टि होने का दावा किया गया और आरोप है कि यादव ने प्रविष्टियां करने के बदले रिश्वत लेने पर सहमति जताई थी।
एसीबी मुख्यालय के निर्देश पर गुरुवार को भिवाड़ी चौकी की टीम ने पंचायत समिति मुंडावर कार्यालय में ट्रैप कार्रवाई की और विकास अधिकारी संजय कुमार यादव तथा जूनियर असिस्टेंट ऋतिक कुमार सिंह को 65 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए पकड़ लिया।
यह कार्रवाई एसीबी जयपुर के पुलिस अधीक्षक (एसपी-I) पीयूष दीक्षित के निर्देशन में तथा भिवाड़ी चौकी प्रभारी पुलिस निरीक्षक सुरजीत सिंह के नेतृत्व में की गई।
एसीबी की अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक स्मिता श्रीवास्तव और पुलिस महानिरीक्षक एस. परिमला की निगरानी में आरोपियों से पूछताछ की जा रही है और आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।
एसीबी ने दोनों आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया है। ब्यूरो ने यह भी कहा है कि जिन लोगों के खिलाफ मामले दर्ज किए गए हैं, वे निर्धारित प्रक्रिया के तहत अपने मामलों की स्थिति जानने, रिकॉर्ड पर मौजूद तथ्यों का निरीक्षण करने और अपना पक्ष रखने के लिए संपर्क कर सकते हैं।
--आईएएनएस
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