Samachar Nama
×

राजस्थान पुलिस ने महाराष्ट्र से 50,000 रुपए के इनामी अपराधी को गिरफ्तार किया

जयपुर, 21 मार्च (आईएएनएस)। राजस्थान पुलिस की क्राइम ब्रांच ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए 50,000 रुपए के इनामी कुख्यात अपराधी को गिरफ्तार किया है।
राजस्थान पुलिस ने महाराष्ट्र से 50,000 रुपए के इनामी अपराधी को गिरफ्तार किया

जयपुर, 21 मार्च (आईएएनएस)। राजस्थान पुलिस की क्राइम ब्रांच ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए 50,000 रुपए के इनामी कुख्यात अपराधी को गिरफ्तार किया है।

अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (अपराध) बिपिन कुमार पांडे के निर्देशानुसार, एक विशेष टीम ने एक अंतरराज्यीय अभियान चलाया, जिसके परिणामस्वरूप महेश दिलीप दहले (उर्फ 'चाचाजी' या 'सरदारजी') को महाराष्ट्र के अहिल्यानगर में गिरफ्तार किया गया।

आरोपी पर पुलिस टीम पर फायरिंग, हत्या के प्रयास और शस्त्र अधिनियम के उल्लंघन सहित कई गंभीर आरोप हैं। पुलिस महानिरीक्षक (अपराध) हरेंद्र कुमार महावर की देखरेख में गठित और सब-इंस्पेक्टर शैलेंद्र कुमार के नेतृत्व में एक विशेष टीम को शुरू में जोधपुर और फलोदी क्षेत्रों में खुफिया जानकारी जुटाने के लिए तैनात किया गया था।

ऑपरेशन के दौरान, हेड कांस्टेबल रविंद्र सिंह को विश्वसनीय सूचना मिली कि फलोदी थाना क्षेत्र का मोस्ट वांटेड अपराधी दहले मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र के शहरों में घूमते हुए अपनी पहचान छुपा रहा था।

सूचनाओं के तकनीकी सत्यापन के बाद, टीम ने दोनों राज्यों में एक समन्वित अभियान शुरू किया।

चौबीसों घंटे निगरानी रखते हुए और व्यापक छानबीन करते हुए, पुलिस ने आरोपी की गतिविधियों पर नजर रखी और रणनीतिक रूप से जाल बिछाया। आईजी (जोधपुर रेंज) सत्येंद्र सिंह के समन्वय से, फलोदी जिला पुलिस की एक टीम इस अभियान में शामिल हुई।

अहिल्यानगर के तपोवन रोड पर पहुंचने पर, टीम ने मुखबिर द्वारा बताए गए विवरण से मेल खाने वाले एक संदिग्ध की पहचान की। पुलिस की मौजूदगी का आभास होते ही आरोपी ने भागने का प्रयास किया। हालांकि, पुलिसकर्मियों ने त्वरित कार्रवाई और साहस का परिचय देते हुए पैदल ही उसका पीछा किया और उसे सफलतापूर्वक पकड़ लिया।

शुरुआत में, दहले ने पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की, लेकिन लगातार पूछताछ के दौरान उसने अपनी पहचान कबूल कर ली। वह मध्य प्रदेश के बड़वानी जिले का निवासी है।

यह मामला अप्रैल 2022 का है, जब फलोदी पुलिस को एक बिना नंबर वाली पिकअप गाड़ी में अवैध हथियार ले जाए जाने की सूचना मिली थी। सूचना के आधार पर पुलिस ने घेराबंदी कर दी। इसके जवाब में, आरोपी और उसके साथियों ने पुलिस दल पर अंधाधुंध फायरिंग की और जान से मारने की नीयत से अपनी गाड़ी को एक गश्ती वाहन से टकरा दिया।

मुठभेड़ के दौरान, पुलिस ने मौके पर ही दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया और तीन पिस्तौल और 14 कारतूस बरामद किए। हालांकि, दहले भागने में कामयाब रहा और तब से फरार था। यह ऑपरेशन सब-इंस्पेक्टर शैलेंद्र शर्मा के नेतृत्व में चलाया गया था। हेड कांस्टेबल रविंद्र सिंह और कुलदीप सिंह के साथ कांस्टेबल नरेश कुमार ने फील्ड ऑपरेशन में अहम भूमिका निभाई।

सहायक सब-इंस्पेक्टर शंकर दयाल शर्मा और कांस्टेबल ब्रजेश कुमार शर्मा ने तकनीकी सहायता प्रदान की।

फलोदी पुलिस टीम से एएसआई पीराराम और डीएसटी सदस्यों - हेड कांस्टेबल गोर्धनराम, कांस्टेबल महेंद्र कुमार और कांस्टेबल भगवानराम - ने भी गिरफ्तारी में महत्वपूर्ण योगदान दिया। आरोपी को आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए फलोदी पुलिस को सौंप दिया गया है।

--आईएएनएस

एमएस/

Share this story

Tags