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राजस्थान सरकार को सदन में हर मुद्दे का जवाब देना होगा : टीकाराम जूली

जयपुर, 27 जनवरी (आईएएनएस)। राजस्थान विधानसभा सत्र से पहले आयोजित सर्वदलीय बैठक को लेकर विपक्ष के नेता टीकाराम जूली ने कहा कि बैठक में कई सार्थक और अहम मुद्दों पर चर्चा हुई।
राजस्थान सरकार को सदन में हर मुद्दे का जवाब देना होगा : टीकाराम जूली

जयपुर, 27 जनवरी (आईएएनएस)। राजस्थान विधानसभा सत्र से पहले आयोजित सर्वदलीय बैठक को लेकर विपक्ष के नेता टीकाराम जूली ने कहा कि बैठक में कई सार्थक और अहम मुद्दों पर चर्चा हुई।

उन्होंने बताया कि विपक्ष ने स्पष्ट रूप से मांग रखी कि सदन में उठाए जाने वाले प्रत्येक मुद्दे पर सरकार को जवाब देना चाहिए। सरकार चाहे जिस प्रकार का भी उत्तर दे, लेकिन लोकतांत्रिक परंपराओं के तहत जवाब देना अनिवार्य होना चाहिए।

टीकाराम जूली ने कहा कि राज्य के किसान, युवा, गरीब और महिलाएं विधानसभा की कार्यवाही को बड़ी उम्मीद के साथ देख रहे हैं। सर्वदलीय बैठक का नतीजा सकारात्मक निकलना चाहिए, अन्यथा वही पुरानी स्थिति दोहराई जाएगी। विपक्ष अपने मुद्दों से पीछे हटने वाला नहीं है।

बैठक के दौरान विपक्ष ने विधानसभा में कैमरों से जुड़े मुद्दे को भी स्पीकर के समक्ष उठाया।

उन्होंने कहा कि सत्र शुरू होते ही इन सभी मुद्दों को सदन के भीतर मजबूती से उठाया जाएगा। इस दौरान जूली ने राज्य सरकार पर अशांत क्षेत्र विधेयक लाकर राजस्थान की छवि को नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाया।

उन्होंने कहा कि राजस्थान में होने वाली घटनाओं के लिए जिम्मेदार तत्वों को हर कोई जानता है और ऐसे प्रयास राज्य की वर्षों पुरानी ‘अतिथि देवो भवः’ की पहचान को कमजोर करने की दिशा में हैं।

विधेयक के पीछे की मंशा पर सवाल उठाते हुए जूली ने कहा कि इसे लाने का तरीका और इसका समर्थन करने वालों की सोच उनकी मानसिकता को दर्शाती है। इसके परिणाम आने वाले समय में साफ नजर आएंगे और पर्यटन पर इसका नकारात्मक असर पहले से ही दिखने लगा है। आखिर सरकार राजस्थान की किस तरह की छवि देश और दुनिया के सामने पेश करना चाहती है।

टीएसपी क्षेत्र में ओबीसी आरक्षण के मुद्दे पर जूली ने कहा कि इस विषय पर विधायक दल की बैठक में विस्तार से चर्चा की जाएगी। उन्होंने जोर देकर कहा कि राज्य के हर वर्ग के अधिकारों की लड़ाई विपक्ष विधानसभा के भीतर पूरी मजबूती से लड़ेगा।

यूजीसी आचार संहिता को लेकर पूछे गए सवाल पर विपक्ष के नेता ने कहा कि इस संबंध में पार्टी का रुख अभी अंतिम रूप में तय नहीं हुआ है। यदि कोई विधेयक गैर-भेदभाव को सुनिश्चित करता है और समाज में सद्भाव को बढ़ावा देता है, तो उस पर आपत्ति का कोई कारण नहीं होना चाहिए। पार्टी का अंतिम रुख बाद में घोषित किया जाएगा।

राजस्थान विधानसभा का सत्र बुधवार से शुरू हो रहा है। सत्र से पहले मंगलवार को विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी की अध्यक्षता में सर्वदलीय बैठक आयोजित की गई। बैठक में सदन की कार्यवाही को शांतिपूर्ण ढंग से, स्थापित नियमों और परंपराओं के अनुरूप संचालित करने पर सहमति बनी। सत्ताधारी और विपक्षी दोनों पक्षों ने अध्यक्ष को आश्वासन दिया कि सत्र के दौरान मर्यादा बनाए रखी जाएगी और सम्मानजनक तथा गरिमापूर्ण भाषा का प्रयोग किया जाएगा।

--आईएएनएस

एएसएच/एबीएम

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