राहुल, प्रियंका और शिवकुमार एक पाखंड के तीन चेहरे: कर्नाटक भाजपा
बेंगलुरु, 26 जुलाई (आईएएनएस)। कर्नाटक में विपक्ष के नेता आर. अशोक ने रविवार को कांग्रेस नेतृत्व पर जवाबदेही के मामले में "दोहरे मापदंड" अपनाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि पार्टी विपक्ष में रहने पर एक पैमाना और सत्ता में रहने पर दूसरा अपनाती है।
मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने हाल में बयान दिया था कि भर्ती परीक्षाओं में प्रश्न पत्र लीक या गड़बड़ी होने पर अधिकारियों को जवाबदेह ठहराया जाएगा। इस बयान पर आपत्ति जताते हुए अशोक ने लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी, सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा और मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार पर निशाना साधा।
अशोक ने कहा, "राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और डी.के. शिवकुमार एक ही पाखंड के तीन चेहरे हैं।" उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस का इकोसिस्टम अक्सर इस्तीफे की मांग करता है और जवाबदेही पर देश को उपदेश देता है, जबकि कर्नाटक में उसका रुख अलग होता है।
भाजपा नेता ने आरोप लगाया कि भविष्य में प्रश्न-पत्र लीक होने से रोकने, भर्ती प्रक्रिया को मजबूत करने और छात्रों के हितों की रक्षा करने के लिए सिस्टम में सुधार करने के बजाय मुख्यमंत्री ने ऐसी नाकामियों के लिए डिप्टी कमिश्नरों को जिम्मेदार ठहराने का फैसला किया।
अशोक ने आरोप लगाया, "उनकी पहली सोच भर्ती सिस्टम को छेड़छाड़-रोधी बनाने या छात्रों की उम्मीदों की रक्षा करने की नहीं होती। बल्कि वे यह घोषणा करते हैं कि डिप्टी कमिश्नर जिम्मेदार होंगे, जिससे भविष्य की हर नाकामी के लिए आसानी से बलि का बकरा मिल जाए।"
इसे "कांग्रेस का शासन मॉडल" बताते हुए अशोका ने कहा कि सत्ताधारी पार्टी राजनीतिक नेतृत्व को बचाना चाहती है और जिम्मेदारी प्रशासनिक पदानुक्रम में निचले स्तर के अधिकारियों पर डाल देती है।
उन्होंने कांग्रेस नेताओं राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा से भी सवाल पूछे कि जवाबदेही "भाजपा के शासन में ऊपर की ओर क्यों जाती है, लेकिन कांग्रेस के शासन में नीचे की ओर?"
उन्होंने कहा, "एक देश। दो पैमाने। दिल्ली के लिए नैतिक उपदेश। कर्नाटक के लिए नौकरशाही के बलि के बकरे। यह जवाबदेही नहीं है। यह सबसे खराब तरह का राजनीतिक पाखंड है।"
कर्नाटक में परीक्षा और भर्ती में गड़बड़ी के मामलों में जवाबदेही को लेकर चल रही राजनीतिक बहस के बीच अशोक का यह बयान आया है। विपक्षी पार्टी भाजपा राज्य सरकार से अधिक पारदर्शिता और सिस्टम में सुधार की मांग कर रही है। कांग्रेस सरकार ने अभी तक अशोक के आरोपों पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है।
बता दें कि मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने अधिकारियों को चेतावनी दी थी कि अगर प्रश्न पत्र लीक होता है या भर्ती परीक्षाओं में कोई गड़बड़ी होती है, तो उन्हें इसके लिए जिम्मेदार ठहराया जाएगा। उन्होंने भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता और ईमानदारी सुनिश्चित करने के लिए कड़े कदम उठाने पर ज़ोर दिया था।
शिवकुमार ने कहा कि राज्य सरकार अभी अलग-अलग विभागों में 70,000 से अधिक खाली पदों को भरने के लिए बड़े पैमाने पर भर्ती अभियान चला रही है। सभी परीक्षा केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरे लगाना अनिवार्य होना चाहिए। प्रश्न पत्रों के लिए अतिरिक्त सुरक्षा का इंतजाम किया जाना चाहिए।
--आईएएनएस
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