चुनाव आते ही मुझे जेल भेजने की बात करते हैं गौरव गोगोई और राहुल गांधी: सीएम हिमंत बिस्वा सरमा
गुवाहाटी, 3 अक्टूबर (आईएएनएस)। असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने शनिवार को प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गौरव गोगोई के उस बयान पर पलटवार किया, जिसमें उन्होंने कहा था कि अगर राहुल गांधी भारत के प्रधानमंत्री बने तो मुख्यमंत्री सरमा जेल जाएंगे। सरमा ने कहा कि चुनाव प्रचार में 'जेल' की बजाय मतदाताओं से जुड़े मुद्दों पर बात होनी चाहिए।
मुख्यमंत्री सरमा ने गोगोई के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए सवाल किया कि अगला लोकसभा चुनाव 2029 में होना है, ऐसे में राहुल गांधी अभी प्रधानमंत्री कैसे बन सकते हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा, "जब चुनाव आते हैं तो वोट के बारे में सोचना चाहिए, जेल के बारे में नहीं।"
उन्होंने आगे कहा, "अगले नौ महीनों में कोई चुनाव नहीं है। चुनाव कैसे होगा? मैं इसका फॉर्मूला जानना चाहता हूं। चुनाव 2029 में है। वह प्रधानमंत्री कैसे बन सकते हैं?"
मुख्यमंत्री सरमा ने कहा कि राजनीतिक नेताओं को अपने चुनाव प्रचार में सड़क, स्कूल, कॉलेज और कल्याणकारी योजनाओं जैसे उन मुद्दों पर ध्यान देना चाहिए, जिनका सीधा संबंध आम लोगों से है।
उन्होंने कांग्रेस नेताओं पर निशाना साधते हुए कहा, "जब भी चुनाव आते हैं, गौरव गोगोई और राहुल गांधी जेल की बात करने लगते हैं।"
सरमा ने यह भी कहा कि चुनाव का फैसला आम मतदाता करते हैं। उन्होंने कहा, "जेल में बंद कैदी वोट नहीं देते। आम जनता वोट देती है।"
असम कांग्रेस के अध्यक्ष गौरव गोगोई ने गुरुवार को दावा किया था कि अगर राहुल गांधी प्रधानमंत्री बनते हैं तो अगले ही दिन मुख्यमंत्री सरमा के खिलाफ मामला दर्ज होगा और इसके बाद उन्हें जेल भेजा जाएगा।
असम में राजनीतिक गतिविधियां तेज होने के बीच भाजपा और कांग्रेस दोनों एक-दूसरे पर हमले तेज कर रहे हैं।
दोनों नेताओं के बीच इस बयानबाजी ने दोनों पार्टियों के अलग-अलग राजनीतिक मुद्दों को भी एक बार फिर सामने ला दिया है। कांग्रेस जहां कथित राजनीतिक और कानूनी मुद्दों को लेकर राज्य सरकार को घेर रही है, वहीं मुख्यमंत्री सरमा बहस को शासन, विकास और जनकल्याण से जुड़े मुद्दों की ओर ले जाने की कोशिश कर रहे हैं।
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