रेलवे अनधिकृत वेंडिंग सर्विसेज को रोकने के लिए क्यूआर कोड जैसे कदमों का कर रहा इस्तेमाल : अश्विनी वैष्णव
नई दिल्ली, 19 मार्च (आईएएनएस)। क्यूआर कोड वाले आईडी कार्ड्स और डिजिटल रूप से ट्रैक किए जाने वाले फूड पैकेट्स जैसे कदमों के जरिए, रेलवे को अनधिकृत वेंडिंग सर्विसेज को रोकने और यात्रियों को वेरिफाइड कैटरिंग सर्विसेज को पहुंचाने में मदद मिली है। यह जानकारी सरकार की ओर से गुरुवार को संसद में दी गई।
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने लोकसभा में एक प्रश्न के उत्तर में कहा कि ट्रेनों में अधिकृत विक्रेताओं की पहचान स्थापित करने के लिए, ट्रेन में खानपान सेवाओं के प्रबंधन के लिए तैनात प्रत्येक विक्रेता/सहायक/कर्मचारी के नाम पर क्यूआर कोड वाला पहचान पत्र (आईडी कार्ड) जारी करना अनिवार्य कर दिया गया है।
गुणवत्ता, स्वच्छता और खाद्य सुरक्षा में सुधार के लिए उठाए गए उपायों में आधार रसोईघरों से भोजन की आपूर्ति; चिन्हित स्थानों पर आधुनिक आधार रसोईघरों की स्थापना; भोजन तैयार करने की बेहतर निगरानी के लिए आधार रसोईघरों में सीसीटीवी कैमरे लगाना; खाना पकाने के तेल, आटा, चावल, दालें, मसाला, पनीर, डेयरी उत्पाद आदि जैसे लोकप्रिय और ब्रांडेड कच्चे माल का चयन और उपयोग; और खाद्य सुरक्षा और स्वच्छता प्रथाओं की निगरानी के लिए आधार रसोईघरों में खाद्य सुरक्षा पर्यवेक्षकों की तैनाती आदि शामिल हैं।
खाद्य सुरक्षा मानकों का अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए, प्रत्येक खानपान इकाई के नामित खाद्य सुरक्षा अधिकारियों से भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) का प्रमाणन अनिवार्य कर दिया गया है।
इसके अलावा, निरीक्षण एवं निगरानी तंत्र के अंतर्गत नियमित रूप से खाद्य नमूनों की जांच से ट्रेनों में भोजन की गुणवत्ता सुनिश्चित होती है। मंत्री ने बताया कि पैंट्री कारों और बेस किचन में स्वच्छता और भोजन की गुणवत्ता की जांच के लिए थर्ड-पार्टी ऑडिट किया जाता है और ग्राहक संतुष्टि सर्वेक्षण भी आयोजित किया जाता है।
ग्राहक सेवा पर विशेष ध्यान देते हुए, खानपान कर्मचारियों के कौशल को बढ़ाने के लिए आईआरसीटीसी द्वारा नियमित प्रशिक्षण भी आयोजित किया जा रहा है।
--आईएएनएस
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