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क्या यूक्रेन में शांति पर बनेगी बात? ट्रंप के खास दूत विटकॉफ और कुशनेर से मुलाकात करेंगे पुतिन

मास्को, 22 जनवरी (आईएएनएस)। यूक्रेन और रूस के बीच लंबे समय से चल आ रहे युद्ध पर पूर्ण विराम कब लगेगा? यह किसी को नहीं पता, लेकिन कोशिशें लगातार जारी हैं। इस बीच रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने घोषणा की है कि वह गुरुवार को अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के खास दूत स्टीव विटकॉफ और उद्यमी जेरेड कुशनर से मुलाकात करेंगे।
क्या यूक्रेन में शांति पर बनेगी बात? ट्रंप के खास दूत विटकॉफ और कुशनेर से मुलाकात करेंगे पुतिन

मास्को, 22 जनवरी (आईएएनएस)। यूक्रेन और रूस के बीच लंबे समय से चल आ रहे युद्ध पर पूर्ण विराम कब लगेगा? यह किसी को नहीं पता, लेकिन कोशिशें लगातार जारी हैं। इस बीच रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने घोषणा की है कि वह गुरुवार को अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के खास दूत स्टीव विटकॉफ और उद्यमी जेरेड कुशनर से मुलाकात करेंगे।

रूसी न्यूज एजेंसी टस ने बताया कि रूस की सुरक्षा परिषद के स्थायी सदस्य के साथ मीटिंग में अपनी बात रखते हुए रूसी राष्ट्रपति पुतिन ने कहा कि वे फिलिस्तीनी राष्ट्रपति महमूद अब्बास के साथ मीटिंग के बाद अमेरिकी प्रतिनिधि से मुलाकात करने की योजना बना रहे हैं।

राष्ट्रपति पुतिन ने बताया कि विटकॉफ और कुशनर यूक्रेनी सेटलमेंट पर बातचीत जारी रखने के लिए मॉस्को आएंगे। बता दें कि हाल ही में बोर्ड ऑफ पीस में शामिल होने के लिए ट्रंप ने रूसी राष्ट्रपति को न्योता भेजा था। रूसी प्रेसिडेंट बोर्ड ऑफ पीस में मॉस्को की भागीदारी के बारे में अमेरिका को विस्तार में बताना चाहते हैं।

इससे पहले विटकॉफ ने गुरुवार को मॉस्को दौरे के बारे में जानकारी दी थी। उन्होंने यह भी बताया कि जेरेड कुशनर रूसी दौरे पर उनके साथ जाएंगे। दरअसल, कुशनर पुतिन और अमेरिकी अधिकारियों के बीच हुई पिछली मीटिंग में मौजूद थे।

विटकॉफ और कुशनर ने 20 जनवरी को वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम के दौरान रूसी राष्ट्रपति के खास प्रतिनिधि और रूसी डायरेक्ट इन्वेस्टमेंट फंड के सीईओ किरिल दिमित्रीव के साथ मीटिंग की। रूसी न्यूज एजेंसी के अनुसार, दोनों देशों के अधिकारियों ने दो घंटे से ज्यादा समय तक मीटिंग की, जिसे विटकॉफ ने बहुत सकारात्मक बताया।

दूसरी ओर, यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमीर जेलेंस्की ने कहा कि अगर रूस सच में युद्ध खत्म करना चाहता है तो उसे मिसाइल हमलों, ब्लैकआउट या यूक्रेन के न्यूक्लियर पावर प्लांट को नुकसान पहुंचाने की कोशिशों पर नहीं, बल्कि कूटनीति पर फोकस करना चाहिए। सब कुछ साफ दिखाता है कि कूटनीति रूस के लिए प्राथमिकता नहीं है।

यूक्रेनी राष्ट्रपति जेलेंस्की ने देश के नाम एक संबोधन में कहा, "रूस का मुख्य टारगेट हमेशा हमारा ऊर्जा सेक्टर होता है। लगभग 58,000 लोग पावर ग्रिड और जेनरेशन प्लांट पर और अकेले हीटिंग नेटवर्क पर रिपेयर क्रू में 24 घंटे काम कर रहे हैं। उक्रजालिज्जित्सिया और दूसरी सरकारी कंपनियों के रिसोर्स शामिल किए गए हैं।"

--आईएएनएस

केके/डीकेपी

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