Samachar Nama
×

पंजाब का बिजली क्षेत्र बर्बाद, 'आप' की सरकार जिम्मेदार: सुनील जाखड़

पंजाब का बिजली क्षेत्र बर्बाद, 'आप' की सरकार जिम्मेदार: सुनील जाखड़
पंजाब का बिजली क्षेत्र बर्बाद, 'आप' की सरकार जिम्मेदार: सुनील जाखड़

चंडीगढ़, 12 सितंबर (आईएएनएस)। पंजाब भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सुनील जाखड़ ने शनिवार को राज्य में बिजली संकट को लेकर मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व वाली आम आदमी पार्टी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की खराब कार्यप्रणाली और बिजली निगम के वित्तीय प्रबंधन ने राज्य को बिजली संकट की स्थिति में पहुंचा दिया है।

सुनील जाखड़ ने कहा कि सरकार ने अपने राजनीतिक हितों को साधने के लिए बिजली निगम को आर्थिक रूप से कमजोर किया है, जिसके कारण पंजाब में बिजली कटौती का खतरा बढ़ गया है। उन्होंने दावा किया कि शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र में कथित "क्रांति" के दावों के बाद अब आम आदमी पार्टी की तथाकथित "बिजली क्रांति" की सच्चाई भी सामने आ गई है।

उन्होंने एक बयान में कहा, "न केवल उद्योग लंबे समय तक बिजली कटौती का सामना कर रहे हैं, बल्कि घरेलू उपभोक्ताओं को भी घंटों बिजली बंद रहने की समस्या झेलनी पड़ रही है। यह सरकार की खराब प्रशासनिक क्षमता और राजनीतिक हितों के लिए बिजली निगम को पहुंचाए गए वित्तीय नुकसान का प्रमाण है।"

भाजपा नेता ने कहा कि बिजली की कमी का असर राज्य की अर्थव्यवस्था पर पड़ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि कमजोर मानसून के कारण सिंचाई की जरूरत बढ़ने के बावजूद किसानों को रात के समय भी पर्याप्त बिजली आपूर्ति नहीं मिल रही है, जबकि दिन में स्थिति और अधिक खराब है।

सुनील जाखड़ ने चेतावनी दी कि आने वाला समय पंजाब के बिजली क्षेत्र के लिए और भी चुनौतीपूर्ण हो सकता है। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री भगवंत मान राज्य की वास्तविक समस्याओं पर ध्यान देने के बजाय अपनी राजनीतिक स्थिति बचाने में अधिक व्यस्त हैं।

उन्होंने कहा कि किसी सरकार को केवल "मजाक और दिखावे" के सहारे नहीं चलाया जा सकता। उनके अनुसार, मौजूदा स्थिति सरकार द्वारा अपने प्रशासनिक दायित्वों पर पर्याप्त ध्यान नहीं देने का परिणाम है।

जाखड़ ने आगे आरोप लगाया कि सरकार ने अपनी राजनीतिक जरूरतों के हिसाब से बिजली निगम की वित्तीय संरचना को बदलने की कोशिश की, जिससे मौजूदा संकट पैदा हुआ है।

उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है कि पंजाब की जनता सरकार से जवाब मांगे और उसे उसके कामकाज के लिए जवाबदेह ठहराए।

--आईएएनएस

एएमटी/डीकेपी

Share this story