पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष का आरोप, 9 मिनट में विधानसभा सत्र खत्म कर जवाबदेही से बच रही मान सरकार
चंडीगढ़, 22 अक्टूबर (आईएएनएस)। पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष परगट सिंह ने गुरुवार को आम आदमी पार्टी (आप) सरकार की विधानसभा सत्र को मात्र नौ मिनट में समाप्त करने के लिए आलोचना की। उन्होंने कहा कि नशा-विरोधी कार्यकर्ता परमिंदर सिंह झोटा की हत्या सहित महत्वपूर्ण मुद्दों पर सवालों के जवाब देने के बजाय राज्य सरकार ने जवाबदेही से बचने और विधानसभा से भागने का विकल्प चुना।
कांग्रेस नेता ने बिगड़ती प्रशासनिक स्थिति और राज्य सरकार की विफलताओं के लिए मुख्यमंत्री भगवंत मान को जिम्मेदार ठहराते हुए उनके इस्तीफे की मांग की। परगट सिंह ने कहा कि राज्य में शासन व्यवस्था नाम की कोई चीज नहीं दिखती है।
उन्होंने कहा, "सरकारी कर्मचारी, कंप्यूटर शिक्षक, प्राथमिक शिक्षक प्रशिक्षण (ईटीटी) शिक्षक और पेप्सू रोड ट्रांसपोर्ट कॉर्पोरेशन (पीआरटीसी) के कर्मचारी, समाज के विभिन्न वर्गों के लोग अपने अधिकारों के लिए संघर्ष कर रहे हैं, लेकिन राज्य सरकार उनकी शिकायतों का समाधान करने के बजाय उनसे बचने के तरीके ढूंढ रही है।"
उन्होंने आगे कहा कि आम आदमी पार्टी ने पंजाब में शासन करने के बड़े-बड़े वादे किए थे, लेकिन अब राज्य में प्रशासनिक कुप्रबंधन और जवाबदेही की स्पष्ट कमी देखने को मिल रही है।
कांग्रेस नेता परगट सिंह ने आरोप लगाया कि जो लोग दिल्ली से पंजाब चला रहे थे, उन्होंने अब राजनीतिक रूप से खुद को इस स्थिति से अलग कर लिया है, लेकिन वे राज्य को हुए नुकसान की जिम्मेदारी से बच नहीं सकते।
परगट सिंह ने कहा कि कांग्रेस के सत्ता में आने के बाद पंजाब के हितों को नुकसान पहुंचाने और वहां की जनता के साथ अन्याय करने वाले हर व्यक्ति को जवाबदेह ठहराया जाएगा। उन्होंने आगे कहा कि अपने कृत्यों के लिए जवाबदेह लोगों की संख्या लगभग 125 से 150 हो सकती है और किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की पंजाब यात्रा पर प्रतिक्रिया देते हुए परगट सिंह ने कहा कि उन्होंने गृह मंत्री के रूप में केंद्रीय मंत्री शाह का स्वागत किया। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि केवल पंजाब की यात्रा और राजनीतिक बयानबाजी से राज्य की समस्याएं हल नहीं होंगी।
उन्होंने कहा, "केंद्र सरकार को यह स्पष्ट करना होगा कि उसने पंजाब में मादक पदार्थों के व्यापार पर अंकुश लगाने और राज्य के हितों की रक्षा के लिए अब तक क्या ठोस कदम उठाए हैं।"
पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि अगर झोटा मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) जांच की मांग उठाई गई है तो केंद्र सरकार को इस पर गंभीरता से विचार करना चाहिए और उचित कार्रवाई करनी चाहिए।
भाजपा की नीतियों पर सवाल उठाते हुए परगट सिंह ने कहा कि पंजाब के हितों से जुड़े सभी मामलों में केंद्र की भूमिका और जवाबदेही स्पष्ट रूप से तय होनी चाहिए।
--आईएएनएस
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