पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने घर-घर चुनाव प्रचार अभियान की शुरुआत की
धुरी (पंजाब), 20 सितंबर (आईएएनएस)। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने रविवार को धुरी से आम आदमी पार्टी (आप) के घर-घर चुनाव प्रचार अभियान की शुरुआत की।
इस दौरान उन्होंने अपनी सरकार के साढ़े चार साल के कामकाज का रिपोर्ट कार्ड सीधे लोगों के घरों तक पहुंचाया और 'मान दा मुनाफा' को पार्टी के चुनाव प्रचार का मुख्य मुद्दा बनाया।
सीएम भगवंत मान ने सरकार के कामों से लोगों को होने वाले सीधे आर्थिक फायदे का जिक्र करते हुए कहा कि मुफ्त बिजली, स्वास्थ्य सेवाओं, शिक्षा और मावां धीयां सत्कार योजना जैसी पहलों से पंजाब के हर परिवार को सालाना 1.82 लाख रुपए का फायदा हो रहा है।
अभियान के दौरान लोगों ने मुख्यमंत्री का गर्मजोशी से स्वागत किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि आम आदमी पार्टी 2022 से अब तक किए गए अपने कामों का रिकॉर्ड लेकर हर घर तक जाएगी। पार्टी का प्रचार सकारात्मक रहेगा और इसका पूरा ध्यान इस बात पर होगा कि सरकार ने पंजाब के लोगों के लिए क्या काम किए हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पार्टी जमीन पर किए गए काम के आधार पर लोगों से समर्थन मांगेगी। साथ ही विपक्ष से उसके कामकाज और नशे के मुद्दे पर सवाल पूछे जाएंगे।
अभियान के दौरान मुख्यमंत्री भगवंत मान ने धुरी में घर-घर जाकर परिवारों से मुलाकात की। उन्होंने बुजुर्गों, महिलाओं, युवाओं और बच्चों सहित समाज के अलग-अलग वर्गों के लोगों से बातचीत की। मुख्यमंत्री ने लोगों की राय सुनी और सरकार द्वारा पिछले साढ़े चार वर्षों में किए गए कामों पर चर्चा की। उन्होंने यह भी बताया कि सरकार की अलग-अलग योजनाओं और पहलों का फायदा आम परिवारों को सीधे तौर पर कैसे मिल रहा है।
लोगों ने सीएम भगवंत मान का गर्मजोशी से स्वागत किया, अपने अनुभव साझा किए और सरकार द्वारा किए गए कामों की सराहना की। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का यही रिपोर्ट कार्ड अब पंजाब के हर घर तक पहुंचाया जाएगा।
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने लोगों से बातचीत करते हुए कहा, ''पंजाब के हर परिवार को आज हमारी सरकार की ओर से शुरू की गई योजनाओं से सालाना 1.82 लाख रुपए का फायदा हो रहा है। यह कोई काल्पनिक आंकड़ा नहीं है। यह वह पैसा है, जो अब परिवारों को बिजली, स्वास्थ्य, शिक्षा और दूसरी जरूरी सेवाओं के लिए अपनी जेब से खर्च नहीं करना पड़ता। मैं चाहता हूं कि हर परिवार खुद बैठकर हिसाब लगाए कि वह हर महीने कितने पैसे बचा रहा है। यही ‘मान दा मुनाफा’ का असली मतलब है।''
मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार की जनकल्याण योजनाओं ने जरूरी सेवाओं पर होने वाले परिवारों के खर्च को कम किया है। इससे लोग अपनी मेहनत की कमाई का इस्तेमाल घर की दूसरी जरूरतों के लिए कर पा रहे हैं।
उन्होंने कहा, ''मुफ्त बिजली, स्वास्थ्य सेवाएं, शिक्षा और मावां धीयां सत्कार योजना लोगों की मेहनत की कमाई बचाने में मदद कर रही हैं। पंजाब में लाखों परिवारों के बिजली बिल शून्य आ रहे हैं। इसका मतलब है कि जो पैसा पहले बिजली के बिल पर खर्च होता था, अब उसे बच्चों, घर और खेती पर खर्च किया जा सकता है। प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार से यह भी सुनिश्चित हुआ है कि बुखार, सामान्य जांच या बुनियादी डायग्नोस्टिक टेस्ट के लिए किसी परिवार को कर्ज न लेना पड़े या अपनी बचत खर्च न करनी पड़े।''
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा, ''सरकारी स्कूलों में हुए सुधारों से माता-पिता का भरोसा बढ़ा है और वे निजी स्कूलों की भारी फीस के बोझ के बिना अपने बच्चों को पढ़ा सकते हैं। इन फैसलों के पीछे सोच बहुत सीधी है कि आम आदमी का पैसा आम आदमी पर ही खर्च होना चाहिए। सरकारी खजाने का पैसा जनता का है और उसे ऐसी सेवाओं के रूप में जनता के पास वापस जाना चाहिए, जिन्हें लोग देख सकें, इस्तेमाल कर सकें और जिनका फायदा महसूस कर सकें।''
उन्होंने कहा, ''दशकों तक पंजाब के लोगों ने टैक्स दिया, लेकिन उनके योगदान के अनुपात में सुविधाएं नहीं मिलीं। हमारी सरकार संसाधनों को खास लोगों के बजाय आम परिवारों तक पहुंचाकर इस अंतर को कम करने का काम कर रही है। ‘मान दा मुनाफा’ हर परिवार के लिए एक सीधा सवाल है कि आपका परिवार पहले के मुकाबले आज आर्थिक रूप से कितना बेहतर है? आप हर महीने कितनी बचत कर रहे हैं, इसका हिसाब लगाइए। इसका जवाब किसी भी चुनावी भाषण से ज्यादा प्रभावी होगा।''
ग्रामीण विकास का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार ने गांवों तक संसाधन पहुंचाने का तरीका बदला है और गांवों के विकास को अपनी नीतियों का अहम हिस्सा बनाया है।
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा, ''पंजाब के इतिहास में पहली बार हर गांव को विकास कार्यों के लिए सरकार से करोड़ों रुपए मिल रहे हैं। राज्यभर की पंचायतों को गलियों, नालियों, पानी की सप्लाई, सामुदायिक भवनों, खेल मैदानों, स्ट्रीट लाइट और गांवों द्वारा तय किए गए दूसरे विकास कार्यों के लिए धन दिया जा रहा है। बदलाव केवल इस बात में नहीं आया है कि कितना पैसा दिया जा रहा है, बल्कि पैसा बांटने के तरीके में भी बदलाव आया है।''
उन्होंने कहा, ''अब हर गांव को राज्य के संसाधनों पर बराबर अधिकार दिया जा रहा है, चाहे उस गांव ने किसी भी पार्टी का समर्थन किया हो। खर्च किया जा रहा पैसा पूरे पंजाब की जनता का है, किसी एक पार्टी या नेता का नहीं। पिछली सरकारों ने लंबे समय तक ग्रामीण पंजाब की अनदेखी की। उनका ध्यान कुछ चुनिंदा विधानसभा क्षेत्रों तक सीमित रहा और बाकी क्षेत्रों को नजरअंदाज किया गया। हमारी सोच विकास की बुनियादी इकाई के रूप में गांवों को मजबूत करने की है।''
मुख्यमंत्री ने कहा कि घर-घर प्रचार अभियान अब पूरे पंजाब में आगे बढ़ाया जाएगा। पार्टी के कार्यकर्ता और उम्मीदवार सीधे लोगों के घरों तक जाकर सरकार के कामकाज का रिकॉर्ड पेश करेंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा, ''हमारी पार्टी के कार्यकर्ता और उम्मीदवार अब इस संदेश को हर विधानसभा क्षेत्र तक लेकर जाएंगे। हम परिवारों की हुई बचत, गांवों के विकास और जनता का पैसा जनता पर खर्च किए जाने के बारे में बात करेंगे। हमने काम किया है, इसीलिए आज हम सिर ऊंचा करके लोगों के बीच जा रहे हैं।''
--आईएएनएस
एएमटी/डीकेपी

