पंजाब फार्मेसी ऑफिसर भर्ती परीक्षा पेपर लीक पर भाजपा का हमला, मंत्रियों के इस्तीफे की मांग
चंडीगढ़, 27 जुलाई (आईएएनएस)। पंजाब भाजपा ने सोमवार को आम आदमी पार्टी (आप) सरकार पर लोगों को धोखा देने का आरोप लगाया। पार्टी का कहना है कि सरकार पारदर्शिता और ईमानदारी का झूठा दावा करती है, लेकिन सरकारी भर्ती परीक्षाओं की शुचिता बनाए रखने में बार-बार नाकाम रही है।
पंजाब भाजपा के राज्य महासचिव अनिल सरीन ने यहां मीडिया को बताया कि 19 जुलाई को पंजाब फार्मेसी ऑफिसर भर्ती परीक्षा में 454 पदों के लिए 7,000 उम्मीदवार शामिल हुए थे और परीक्षा का पेपर लीक हो गया।
उन्होंने कहा, "यह कोई अकेली घटना नहीं है, बल्कि एक व्यवस्थित विफलता का हिस्सा है।"
उन्होंने बताया कि परीक्षा केंद्र के अंदर प्रश्न पत्र को स्कैन किया गया, बाहर भेजा गया, हल किया गया और ब्लूटूथ डिवाइस के जरिए उम्मीदवारों तक जवाब पहुंचाए गए, जिससे सुरक्षा में गंभीर खामियां उजागर हुईं।
सरीन ने कहा कि रजिस्ट्रार ने खुद माना है कि अधिकारियों को ऐसे इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के संभावित इस्तेमाल के बारे में पहले से जानकारी थी। इसके बावजूद सरकार पर्याप्त जैमर लगाने या एहतियाती उपाय करने में नाकाम रही, जिससे उसकी मंशा और क्षमता पर गंभीर सवाल उठते हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि आप सरकार के कार्यकाल में परीक्षा और भर्ती से जुड़ा यह छठा विवाद है। उन्होंने नायब तहसीलदार परीक्षा, पीएसईबी कक्षा 12वीं का अंग्रेजी पेपर लीक, पीएसटीईटी विवाद, पंजाब अधीनस्थ सेवा चयन बोर्ड की भर्ती में अनियमितताओं और अन्य घोटालों का हवाला दिया।
सरीन ने पार्टी को याद दिलाया कि उसके नेताओं (जिनमें राष्ट्रीय नेता अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया भी शामिल हैं) ने दूसरी जगहों पर परीक्षा में अनियमितताओं को लेकर इस्तीफे की मांग की थी। उन्होंने कहा कि वही मानक अब पंजाब में भी लागू होना चाहिए।
भाजपा ने स्वास्थ्य मंत्री बलबीर सिंह और शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस के तत्काल इस्तीफे की मांग की और परीक्षा में बार-बार हुई विफलताओं के लिए उन्हें नैतिक रूप से जिम्मेदार ठहराया।
इस बीच, शिरोमणि अकाली दल (एसएडी) की नेता हरसिमरत कौर बादल ने मुख्यमंत्री भगवंत मान और 'आप' पर मामले को दबाने की कोशिश करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि मामले में दर्ज एफआईआर से पता चलता है कि मुख्यमंत्री के दावे के विपरीत कोई स्कैनर पेन बरामद नहीं हुआ।
उन्होंने कहा, "सच तो यह है कि परीक्षा का पेपर पहले ही लीक हो गया था। जैसा कि एफआईआर में देखा जा सकता है। केंद्र से कोई स्कैनर पेन जब्त नहीं किया गया। एफआईआर में केवल ब्लूटूथ डिवाइस और हेडफोन की जब्ती का जिक्र है। इसका मतलब है कि पेपर पहले ही लीक हो गया था और ब्लूटूथ डिवाइस के जरिए छात्रों तक जवाब पहुंचाए जा रहे थे।"
--आईएएनएस
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