पुणे में जनगणना करने गई महिला कर्मचारी पर हमला, कपड़े फाड़े, बेटे को भी बेरहमी से पीटा
पुणे, 29 मई (आईएएनएस)। महाराष्ट्र में जनगणना-2027 का काम कर रही पुणे नगर निगम की एक महिला कर्मचारी पर हमले का मामला सामने आया है।
आरोप है कि घर-घर जाकर जनगणना के लिए जानकारी जुटाने के दौरान महिला कर्मचारी और उनके साथियों के साथ पहले अभद्र व्यवहार किया गया। अगले दिन महिला और उसके बेटे को घेरकर बेरहमी से पीटा गया। महिला का आरोप है कि हमलावरों ने उनके कपड़े फाड़ दिए, सरकारी काम में बाधा डाली और जान से मारने की धमकी भी दी।
इस मामले में स्वारगेट पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज किया गया है। पुलिस के अनुसार, शिकायतकर्ता वनीता गोरखनाथ पाटोले (48) पुणे नगर निगम के बिबवेवाड़ी क्षेत्रीय कार्यालय में अटेंडेंट के पद पर कार्यरत हैं। उन्हें जनगणना-2027 के तहत स्वारगेट इलाके की मीनाताई ठाकरे वसाहत क्षेत्र का सर्वे करने की जिम्मेदारी दी गई थी।
शिकायत के मुताबिक, 27 मई को दोपहर करीब 3 से 4:30 बजे के बीच वनीता पाटोले मीनाताई ठाकरे वसाहत की गली नंबर-14 में जनगणना का काम कर रही थीं। इसी दौरान विकास नवन्नाथ मोरे, उनकी पत्नी क्रांति मोरे, बहन मुक्ता कसबे, मां लीलावती मोरे और भतीजे अभिजीत मोरे ने उनके साथ अभद्र व्यवहार किया और सरकारी काम में बाधा डाली।
महिला कर्मचारी का आरोप है कि जब उन्होंने जनगणना से जुड़े सवाल पूछे तो आरोपी नाराज हो गए और गाली-गलौज करने लगे। उन्होंने यह भी कहा कि उसी दिन उन्हें धमकी भी दी गई थी।
वनीता पाटोले ने बताया कि अगले दिन यानी 28 मई को वह अपने बेटे और अन्य कर्मचारियों के साथ अधूरा जनगणना कार्य पूरा करने के लिए दोबारा उसी इलाके में गई थीं, लेकिन वहां फिर विवाद हो गया।
जब स्थिति बिगड़ती दिखी तो वे वहां से निकलने लगे। इसी दौरान आरोपियों ने कुछ और लोगों को बुला लिया और हमला करने के लिए उकसाया।
पीड़िता के मुताबिक, 10 से 12 लोगों के समूह ने उन्हें और उनके बेटे को घेर लिया और लात-घूंसों, पत्थरों और हाथों से हमला किया। उन्होंने आरोप लगाया कि उन्हें जमीन पर गिराकर बेरहमी से पीटा गया।
हमले के दौरान उनके बेटे को गंभीर चोट आई और चार टांके लगाने पड़े।
आईएएनएस से बातचीत में वनीता पाटोले ने कहा, 'मैं सिर्फ अपना कर्तव्य निभा रही थी। मेरा किसी से कोई निजी विवाद नहीं था। इसके बावजूद मुझे और मेरे बेटे को बेरहमी से पीटा गया। हमारा पीछा कर हमला किया गया। मेरे कपड़े फाड़ दिए गए, साड़ी खींची गई और मुझे अपमानित किया गया। साथ ही मोबाइल फोन, घड़ी और गले की चेन छीनने की भी कोशिश की गई।
उन्होंने कहा, 'मेरे साथ आए कर्मचारियों को भी पीटा गया। जनगणना के काम के लिए मैं पहली बार उस घर में गई थी। समझ नहीं आता कि मुझ पर हमला क्यों किया गया। मुझे न्याय चाहिए।'
शिकायत के बाद स्वारगेट पुलिस ने विकास नवन्नाथ मोरे, क्रांति विकास मोरे, मुक्ता राजाभाऊ कसबे, लीलावती नवन्नाथ मोरे और अभिजीत श्रीधर मोरे समेत कई लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है।
स्वारगेट पुलिस स्टेशन के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक यशवंत निकम ने आईएएनएस से कहा, 'जनगणना कार्य के दौरान महिला कर्मचारी के साथ मारपीट की घटना हुई है। आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। झुग्गी बस्तियों में जनगणना को लेकर जागरूकता बढ़ाने की जरूरत है। जहां भी कर्मचारियों को पुलिस सहायता की आवश्यकता होगी, वहां पूरा सहयोग दिया जाएगा।' फिलहाल पुलिस मामले की आगे जांच कर रही है।
--आईएएनएस
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