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ईवीएम के खिलाफ आरोप अक्सर चुनावी हार के बाद ही सामने आते हैं: भाजपा सांसद महताब

भुवनेश्वर, 2 जनवरी (आईएएनएस)। भाजपा सांसद भर्तृहरि महताब ने शुक्रवार को हाल ही में हुए एक जनमत सर्वेक्षण के निष्कर्षों का स्वागत किया, जिसमें पता चला है कि अधिकांश लोग इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) आधारित मतदान को पारदर्शी और विश्वसनीय मानते हैं।
ईवीएम के खिलाफ आरोप अक्सर चुनावी हार के बाद ही सामने आते हैं: भाजपा सांसद महताब

भुवनेश्वर, 2 जनवरी (आईएएनएस)। भाजपा सांसद भर्तृहरि महताब ने शुक्रवार को हाल ही में हुए एक जनमत सर्वेक्षण के निष्कर्षों का स्वागत किया, जिसमें पता चला है कि अधिकांश लोग इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) आधारित मतदान को पारदर्शी और विश्वसनीय मानते हैं।

सर्वेक्षण पर प्रतिक्रिया देते हुए महताब ने कहा कि यह परिणाम स्पष्ट रूप से भारत की चुनावी प्रणाली में जनता के विश्वास को दर्शाता है, जबकि कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने ईवीएम और भारतीय चुनाव आयोग की विश्वसनीयता पर बार-बार सवाल उठाए हैं।

उन्होंने जोर देकर कहा कि भारत मजबूत संवैधानिक संस्थानों पर निर्मित दुनिया की सबसे सशक्त और समृद्ध लोकतांत्रिक प्रणालियों में से एक बन गया है।

महताब ने कहा कि चुनाव आयोग एक संवैधानिक निकाय है और इसने लगातार स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनावों की पवित्रता को बनाए रखा है। बिना सबूत के ऐसे संस्थानों पर संदेह करना केवल लोकतांत्रिक विश्वास को कमजोर करता है।

भाजपा के वरिष्ठ सांसद ने टिप्पणी की कि ईवीएम के खिलाफ आरोप अक्सर चुनावी हार के बाद ही सामने आते हैं, और इसे भारतीय राजनीति में एक "दुखद प्रवृत्ति" बताया।

उन्होंने कहा कि जब पार्टियां चुनाव जीतती हैं तो उसी प्रणाली का जश्न मनाया जाता है, लेकिन जब परिणाम प्रतिकूल होते हैं तो प्रक्रिया को बदनाम करने के प्रयास किए जाते हैं।

महताब ने आगे कहा कि भारत की चुनावी प्रक्रियाएं कई अन्य लोकतंत्रों की तुलना में कहीं अधिक उन्नत और पारदर्शी हैं, और निरंतर निगरानी, ​​कानूनी जांच और संवैधानिक सुरक्षा उपाय मतदान प्रक्रिया में विश्वसनीयता सुनिश्चित करते हैं।

लोकतांत्रिक परिपक्वता पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि राजनीतिक दलों को जनता के फैसले का सम्मान करना चाहिए और भारतीय लोकतंत्र की रीढ़ की हड्डी माने जाने वाले संस्थानों पर सवाल उठाने के बजाय संवैधानिक ढांचे के भीतर मतभेदों का समाधान करना चाहिए।

गौरतलब है कि कर्नाटक राज्य चुनाव आयोग की ओर से 'लोकसभा इलेक्शन 2024: इवैल्यूएशन ऑफ एंडलाइन सर्वे ऑफ नॉलेज, एप्टीट्यूड एंड प्रैक्टिस (केएपी) ऑफ सिटीजन्स' नाम से एक सर्वे कराया गया है। सर्वे में पता चला कि अधिकांश मतदाताओं का मानना ​​है कि भारत में चुनाव स्वतंत्र और निष्पक्ष होते हैं, और इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों (ईवीएम) पर लोगों का भरोसा बढ़ा है।

सर्वेक्षण में बेंगलुरु, बेलगावी, कलबुर्गी और मैसूरु के प्रशासनिक क्षेत्रों के 102 विधानसभा क्षेत्रों के 5,100 लोगों को शामिल किया गया था।

---आईएएनएस

एमएस/डीएससी

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