केरल लोक सेवा आयोग क्राइम ब्रांच की एसआईटी की जांच में सहयोग करेगा
तिरुवनंतपुरम, 13 जुलाई (आईएएनएस)। केरल लोक सेवा आयोग (केपीएससी) भर्ती में कथित अनियमितताओं की जांच कर रही क्राइम ब्रांच की विशेष जांच टीम (एसआईटी) के साथ सहयोग करेगा। केपीएससी ने कहा कि कानून के अनुसार, मांगे गए दस्तावेज जांच एजेंसी को सौंप दिए जाएंगे।
मुख्यमंत्री वीडी सतीशन की अध्यक्षता में राज्य मंत्रिमंडल द्वारा गठित एसआईटी ने पीएससी की संवैधानिक स्थिति और वैधानिक सुरक्षा उपायों को ध्यान में रखते हुए एक संतुलित दृष्टिकोण अपनाया है।
सीआईटी ने तुरंत आपराधिक मामले दर्ज करने के बजाय, शिकायतों का सत्यापन, बयान दर्ज करना, भर्ती रिकॉर्ड की जांच करना और चयन प्रक्रिया से जुड़े अधिकारियों से पूछताछ करना शुरू कर दिया है, ताकि आगे की कानूनी कार्रवाई पर निर्णय लिया जा सके।
जांच ने पहले ही दिन गति पकड़ ली, जब एसआईटी को केरल प्रशासनिक सेवा (केएएस), योजना बोर्ड प्रमुख की नियुक्ति, पुलिस उपाधीक्षक विशेष भर्ती परीक्षा, अर्थशास्त्र और सांख्यिकी अनुसंधान अधिकारी परीक्षा और होटल प्रबंधन में सहायक प्रोफेसर के पद पर भर्ती सहित कई प्रमुख भर्ती प्रक्रियाओं में अनियमितताओं के आरोप में एक दर्जन से अधिक शिकायतें प्राप्त हुईं।
सरकार ने एसआईटी का विस्तार करते हुए इसे आठ सदस्यीय कर दिया है, जिसकी अध्यक्षता आईजी अजिता बेगम कर रही हैं और एडीजीपी एच. वेंकटेश इसकी समग्र देखरेख कर रहे हैं।
प्रारंभिक रिपोर्ट 25 जुलाई तक राज्य पुलिस प्रमुख को सौंपे जाने की उम्मीद है।
इस जांच ने पीएससी के स्वयं के सतर्कता तंत्र पर भी ध्यान केंद्रित किया है, जिसका नेतृत्व एक पुलिस अधीक्षक कर रहे हैं। यह सवाल उठ रहे हैं कि क्या कथित अनियमितताओं का पता लगाने और उन्हें रोकने के लिए इसके आंतरिक सुरक्षा उपाय पर्याप्त थे।
वैसे, केरल पीएससी में अध्यक्ष सहित 16 सदस्य हैं, जिन्हें पिनाराई विजयन की पिछली सरकार के दौरान नियुक्त किया गया था।
फिलहाल पांच पद खाली हैं, और वीडी सतीशन के नेतृत्व वाली सरकार ने अभी तक नई नियुक्तियां नहीं की हैं।
--आईएएनएस
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