वित्त वर्ष 26 में निजी क्षेत्र ने 56 लाख करोड़ रुपए निवेश करने का किया ऐलान: एसबीआई रिसर्च
नई दिल्ली, 7 जून (आईएएनएस)। निजी क्षेत्र की गतिविधियों में वित्त वर्ष 26 में बड़ा उछाल देखने को मिला है और इस दौरान करीब 56 लाख करोड़ रुपए के निवेश का ऐलान हुआ है, यह आंकड़ा वित्त वर्ष 25 में 37 लाख करोड़ रुपए पर था। यह जानकारी एसबीआई रिसर्च की एक रिपोर्ट में दी गई।
यह रिपोर्ट ऐसे समय पर आई है, जब निजी क्षेत्र के निवेश की गति को लेकर चर्चा जोरों पर है और इससे संकेत मिलता है कि देश में निजी निवेश में तेजी आ रही है।
एसबीआई रिसर्च ने अपनी ताजा इकोरैप रिपोर्ट में बताया है कि निजी निवेश घोषणाओं में इस वर्ष तेज वृद्धि दर्ज की गई है, जिससे कुल निवेश गतिविधि में व्यापक उछाल आया है। वित्त वर्ष 2019 में 17 लाख करोड़ रुपए की तुलना में वित्त वर्ष 2026 में सभी क्षेत्रों में कुल निवेश घोषणाएं बढ़कर 80 लाख करोड़ रुपए हो गई हैं।
रिपोर्ट में कहा गया कि वित्त वर्ष 2026 के दौरान नए निवेश प्रस्तावों में विनिर्माण क्षेत्र का सबसे बड़ा योगदान रहा, जो कुल का 28.9 प्रतिशत था। विद्युत क्षेत्र का स्थान इसके ठीक बाद रहा, जिसका हिस्सा 28.7 प्रतिशत था, जबकि अवसंरचना निर्माण परियोजनाओं का कुल निवेश प्रस्तावों में 23.1 प्रतिशत का योगदान रहा।
एसबीआई रिसर्च के अनुसार, हालिया जीडीपी आंकड़ों से इस बात की पुष्टि होती है कि निवेश गतिविधियों में तेजी आई है। वित्त वर्ष 2026 निवेश रुझानों का आकलन करने का एक महत्वपूर्ण अवसर प्रदान करता है, क्योंकि आधिकारिक आर्थिक आंकड़े पूंजी निर्माण में मजबूती का संकेत देते हैं, विशेष रूप से वित्त वर्ष की अंतिम तिमाही के दौरान।
सकल स्थिर पूंजी निर्माण (जीएफसीएफ), जो अर्थव्यवस्था में निवेश को मापने का एक प्रमुख संकेतक है, वित्त वर्ष 2026 की चौथी तिमाही में 10.8 प्रतिशत बढ़ा। जीएफसीएफ में यह मजबूत वृद्धि दर्शाती है कि व्यवसायों ने मशीनरी, उपकरण, बुनियादी ढांचे और अन्य दीर्घकालिक निवेशों जैसी संपत्तियों पर खर्च बढ़ाया है।
रिपोर्ट में आगे कहा गया है कि निवेश घोषणाओं में तीव्र वृद्धि, मजबूत पूंजी निर्माण आंकड़ों के साथ मिलकर, निवेश चक्र में सुधार का संकेत देती है और आने वाली तिमाहियों में आर्थिक विकास को समर्थन प्रदान कर सकती है।
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