पेट्रोल-डीजल पर एक्साइज ड्यूटी कटौती जनहितकारी, कांग्रेस ने तीन साल सिर्फ आलोचना में गंवाए: कर्नाटक भाजपा
बेंगलुरु, 27 मार्च (आईएएनएस)। कर्नाटक भाजपा अध्यक्ष और विधायक बीवाई विजयेंद्र ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पेट्रोल और डीजल पर उत्पाद शुल्क में 10 रुपए की कमी करके देश के आम लोगों के हित में एक ठोस निर्णय लिया है, जिससे नागरिकों पर बोझ कम हुआ है।
उन्होंने शुक्रवार को बेंगलुरु में मीडियाकर्मियों से बात करते हुए कहा कि वैश्विक संघर्ष के इस समय में वह राज्य और देश की जनता की ओर से इस निर्णय के लिए प्रधानमंत्री मोदी और केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री को बधाई देना चाहेंगे।
विजयेंद्र ने आरोप लगाया कि राज्य में कांग्रेस सरकार ने केंद्र सरकार की आलोचना करने में ही तीन साल बर्बाद कर दिए। मुख्यमंत्री और उनके मंत्रिमंडल के सहयोगियों को प्रधानमंत्री मोदी द्वारा प्रदर्शित जनहितकारी भावना को समझना चाहिए।
उन्होंने कहा कि अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया जैसे देशों में लोगों पर 25 से 30 प्रतिशत का बोझ है, जबकि भारत में केंद्र सरकार द्वारा उत्पाद शुल्क कम करने के फैसले से नागरिकों को राहत मिली है और यह स्वागत योग्य है।
भाजपा नेता ने कांग्रेस पर दूसरों को दोष देकर अपनी नाकामियों को छुपाने की पुरानी आदत का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने तीन साल का कार्यकाल सिर्फ केंद्र की आलोचना करते हुए पूरा किया है और सवाल उठाया कि इस दौरान कांग्रेस सरकार ने क्या उपलब्धियां हासिल की हैं? उन्होंने कहा कि जनता भी यही सवाल उठा रही है।
आईपीएल टिकट की मांग कर रहे विधायकों से संबंधित एक अन्य प्रश्न पर उन्होंने कहा कि उन्होंने सत्ताधारी और विपक्षी दोनों विधायकों के बयान देखे हैं और व्यक्तिगत रूप से वे ऐसी मांगों से सहमत नहीं हैं। उन्होंने कहा कि राजनेताओं के बारे में जनता की राय अखबारों और टेलीविजन में देखी जा सकती है।
उन्होंने याद दिलाया कि पिछले आईपीएल मैच के दौरान सत्ताधारी पार्टी के कुप्रबंधन के कारण 11 निर्दोष लोगों की जान चली गई थी। उन्होंने कहा कि राज्य और देश के लोग इस घटना को भूले नहीं हैं। ऐसे में उन्होंने इस तरह के बयानों की आवश्यकता पर सवाल उठाया और स्पष्ट किया कि वे इनका समर्थन नहीं करते।
उन्होंने कहा कि निर्वाचित प्रतिनिधियों का आम लोगों से अलग या वीआईपी के रूप में देखा जाना एक स्वस्थ विकास नहीं है और उन्होंने दोहराया कि वह ऐसी मानसिकता का समर्थन नहीं करते हैं।
दावनगेरे और बागलकोट में नामांकन दाखिल करने में जेडी (एस) नेताओं की भागीदारी के बारे में उन्होंने कहा कि उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्री एचडी कुमारस्वामी से फोन पर बात की थी, जिन्होंने संकेत दिया है कि वे 1 अप्रैल के बाद समय देंगे।
--आईएएनएस
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