भगवान बुद्ध की शिक्षाएं दुनिया की चुनौतियों का समाधान, राष्ट्रपति मुर्मू ने बुद्ध पूर्णिमा की दीं शुभकामनाएं
नई दिल्ली, 30 अप्रैल (आईएएनएस)। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने गुरुवार को बुद्ध पूर्णिमा की पूर्व संध्या पर नागरिकों को शुभकामनाएं देते हुए भगवान बुद्ध की शिक्षाओं को आज दुनिया के सामने आने वाली चुनौतियों का समाधान बताया।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने अपने संदेश में कहा, "इस शुभ अवसर पर आइए हम उनके आदर्शों को आत्मसात करने और एक शांतिपूर्ण, समावेशी और न्यायपूर्ण समाज के निर्माण में योगदान देने का संकल्प लें। बुद्ध पूर्णिमा के शुभ अवसर पर मैं विश्वभर के सभी नागरिकों और भगवान बुद्ध के अनुयायियों को हार्दिक शुभकामनाएं और बधाई देती हूं।"
राष्ट्रपति ने कहा, "यह पवित्र दिन भगवान बुद्ध के पृथ्वी पर आगमन, ज्ञान प्राप्ति और महापरिनिर्वाण की ऐतिहासिक घटनाओं का प्रतीक है। करुणा, अहिंसा, शांति और ज्ञान के उनके शाश्वत संदेश संपूर्ण मानवता का मार्गदर्शन करते रहेंगे।"
उन्होंने आगे कहा, "आज की दुनिया अनेक चुनौतियों का सामना कर रही है। ऐसे में भगवान बुद्ध की शिक्षाएं हमें शांति, सहिष्णुता और पारस्परिक सद्भाव के मार्ग पर चलने के लिए प्रेरित करती हैं।"
राष्ट्रपति वर्तमान में शिमला के मशोबरा स्थित अपने आधिकारिक आवास पर पांच दिवसीय ग्रीष्मकालीन प्रवास पर हैं, जहां उन्होंने गुरुवार को विभिन्न क्षेत्रों का दौरा किया और आगंतुकों के लिए उपलब्ध सुविधाओं की समीक्षा की।
एक बयान में कहा गया है कि उन्होंने आधिकारिक आवास के लॉन में खुमानी का पौधा भी लगाया। 27 अप्रैल से शुरू हुई हिमाचल प्रदेश यात्रा के दौरान, राष्ट्रपति मुर्मू ने शिमला के लोक भवन में हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल कविंदर गुप्ता द्वारा आयोजित भोज में भाग लिया।
मशोबरा स्थित राष्ट्रपति निवास अप्रैल 2023 में जनता के लिए खोला गया था।
वर्तमान में, अधिकारी राष्ट्रपति के ग्रीष्मकालीन निवास तक पर्यटकों के लिए निःशुल्क बस सेवा प्रदान करते हैं।
शिमला से मशोबरा तक यह सेवा राष्ट्रपति मुर्मू के दो साल के कार्यकाल के उपलक्ष्य में 25 जुलाई, 2024 को शुरू की गई थी।
हिमाचल रोड ट्रांसपोर्ट कॉर्पोरेशन की यह निःशुल्क बस सेवा शिमला के मॉल रोड स्थित लिफ्ट पार्किंग से शुक्रवार, शनिवार और रविवार को संचालित होती है।
राष्ट्रपति निवास के एक गाइड ने बताया कि आगंतुक 174 साल पुराने राष्ट्रपति निवास, प्रकृति पथों और भवन के अन्य हिस्सों, जिनमें लॉन और पार्क का भ्रमण कर सकते हैं।
1850 में कोटि के राजा द्वारा यूरोपीय वास्तुकला शैली में निर्मित राष्ट्रपति निवास, जिसे पहले रिट्रीट बिल्डिंग के नाम से जाना जाता था। यह भारत में मौजूद चार राष्ट्रपति निवासों में से एक है। देहरादून में राष्ट्रपति निवास आशियाना, तेलंगाना में राष्ट्रपति निलयम और नई दिल्ली में राष्ट्रपति का आधिकारिक निवास राष्ट्रपति भवन है।
--आईएएनएस
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