फर्जी पूजा पास घोटाले में इंद्रनील सेन ने कैसे बचाया खुद को? एसआईटी-ईडी की जांच में खुला तरीका
कोलकाता, 6 नवंबर (आईएएनएस)। करोड़ों रुपये के फर्जी यूनेस्को-टैग्ड दुर्गा पूजा पास घोटाले की जांच कर रही कोलकाता पुलिस की विशेष जांच टीम (एसआईटी) और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि मामले में गिरफ्तार पश्चिम बंगाल के पूर्व मंत्री इंद्रनील सेन ने कथित तौर पर धोखाधड़ी से जुड़े लेनदेन के लिए अपने व्यक्तिगत बैंक खातों का इस्तेमाल करने से परहेज किया।
जांचकर्ताओं को पता चला कि पूर्व पर्यटन मंत्री और पूर्व सूचना एवं सांस्कृतिक मामलों के राज्य मंत्री इंद्रनील सेन ने घोटाले से जुड़े वित्तीय लेनदेन के लिए अपने परिवार के सदस्यों के बैंक खातों और उनसे जुड़ी व्यावसायिक संस्थाओं पर भरोसा किया।
कोलकाता पुलिस के एक सूत्र के अनुसार, इंद्रनील सेन के पांच निजी बैंक खातों की जांच में असामान्य रूप से कम बैलेंस दिखा और पिछले कुछ वर्षों में धन का कोई बड़ा आवक-जावक नहीं हुआ।
सूत्र ने कहा, "साथ ही, पिछले कुछ वर्षों में इन बैंक खातों में लेनदेन के पैटर्न की जांच के बाद इन पांच बैंक खातों से कोई असामान्य इनवर्ड या आउटवर्ड रेमिटेंस नहीं देखा गया। इसके विपरीत, जांचकर्ताओं ने सेन के परिवार के सदस्यों के बैंक खातों और उनके स्वामित्व वाली कॉर्पोरेट संस्थाओं में भारी इनवर्ड या आउटवर्ड रेमिटेंस लेनदेन देखा। इससे हमारे जांचकर्ताओं को स्पष्ट अंदाजा हुआ कि पूर्व पश्चिम बंगाल के मंत्री ने पूरे घोटाले में खुद को साफ रखने के इरादे से अपने खातों का इस्तेमाल करने से कैसे बचा।"
लेनदेन के पैटर्न यूनेस्को-टैग वाले दुर्गा पूजा पास मामले की जांच कर रहे ईडी अधिकारियों के भी संज्ञान में आए हैं। केंद्रीय एजेंसी के अधिकारी अब बहुकरोड़ घोटाले में अन्य लाभार्थियों की पहचान करने के लिए इन सभी बैंक खातों के मनी ट्रेल की गहन जांच कर रहे हैं।
सेन पुलिस हिरासत में हैं और उन्हें 10 नवंबर को शहर की अदालत में पेश किया जाएगा। गुरुवार को उसी शहर की अदालत ने 'मास आर्ट' के सचिव ध्रुबज्योति बसु को 13 नवंबर तक पुलिस हिरासत में भेज दिया। 'मास आर्ट' वह संस्था है, जिसके माध्यम से फर्जी पास बेचे गए थे। 'मास आर्ट' सेन की पत्नी मधुचंदा सेन के स्वामित्व में है।
शहर पुलिस के सूत्र ने कहा, "हमारे जांच अधिकारी मामले में ज्यादा से ज्यादा सबूत-आधारित जानकारी जुटाने और उसे अदालत में पेश करने का लक्ष्य रखते हैं, ताकि पूर्व मंत्री को इस मामले में जमानत मिलने से रोका जा सके।"
--आईएएनएस
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