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'दिल में बस गया है भारत', प्रयागराज माघ मेले में इटली से आई महिला ने बताया अपना अनुभव

प्रयागराज, 9 जनवरी (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में माघ मेला पूरे भव्य स्वरूप के साथ चल रहा है। इसी बीच मेले में इटली से आई एक महिला पर्यटक लुक्रेजिया ने भारत को 'जादुई देश' बताया। उसने बताया कि यह उसकी तीसरी भारत यात्रा है और हर बार का अनुभव पहले से ज्यादा खास रहा है।
'दिल में बस गया है भारत', प्रयागराज माघ मेले में इटली से आई महिला ने बताया अपना अनुभव

प्रयागराज, 9 जनवरी (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में माघ मेला पूरे भव्य स्वरूप के साथ चल रहा है। इसी बीच मेले में इटली से आई एक महिला पर्यटक लुक्रेजिया ने भारत को 'जादुई देश' बताया। उसने बताया कि यह उसकी तीसरी भारत यात्रा है और हर बार का अनुभव पहले से ज्यादा खास रहा है।

आईएएनएस से बातचीत में लुक्रेजिया ने कहा कि वह अपने पिता के साथ दुनियाभर में यात्रा करती है, लेकिन भारत उसके दिल में एक खास जगह रखता है।

लुक्रेजिया ने कहा, "भारत एक जादुई जगह है। यहां के लोग, खाना, संस्कृति और हिंदू धर्म, सब कुछ बेहद खास है। यही वजह है कि हम बार-बार यहां आते हैं।"

लुक्रेजिया ने अपनी भारत यात्राओं का जिक्र करते हुए बताया कि वह पहली बार 2024 में भारत आई थी। इसके बाद वह 2025 में महाकुंभ में आई और अब 2026 में माघ मेले में शामिल होने के लिए प्रयागराज पहुंची है।

लुक्रेजिया ने कहा, प्रयागराज के बाद मैं वाराणसी जाने की योजना बना रही हूं, जो दुनिया का सबसे पुराना शहर माना जाता है।"

लुक्रेजिया इस समय 10 दिनों की भारत यात्रा पर हैं। इस दौरान उन्होंने अपने आध्यात्मिक गुरु से जुड़ाव और उनसे मिली सीखों के बारे में भी बात की।

उन्होंने कहा, "मेरे गुरु मुझे दया, करुणा और अनावश्यक चीजों को छोड़ना सिखाते हैं। वे कहते हैं कि खुद को स्वीकार करना सबसे बड़ी सीख है। उन्होंने सब कुछ छोड़ दिया है, इसलिए उनके पास सब कुछ है। मुझे उनका जीवन जीने का तरीका बहुत पसंद है।"

माघ मेले के पहले शाही स्नान में विभिन्न सनातन परंपराओं के संतों और महात्माओं ने हिस्सा लिया। 44 दिनों तक चलने वाला माघ मेला 3 जनवरी को पौष पूर्णिमा के पावन स्नान के साथ त्रिवेणी संगम पर शुरू हुआ था। इस दौरान छह प्रमुख स्नान पर्व होंगे और मेला 15 फरवरी को महाशिवरात्रि के अंतिम स्नान के साथ संपन्न होगा।

अब तक लाखों श्रद्धालु संगम में आस्था की डुबकी लगा चुके हैं। अधिकारियों के अनुसार, 3 जनवरी को ही करीब 22 लाख श्रद्धालुओं ने पवित्र स्नान किया। आने वाले दिनों में यह संख्या और बढ़ने की उम्मीद है। इस वर्ष प्रमुख स्नान तिथियों में 14 जनवरी को मकर संक्रांति, 18 जनवरी को मौनी अमावस्या, 23 जनवरी को बसंत पंचमी, 1 फरवरी को माघी पूर्णिमा और 15 फरवरी को महाशिवरात्रि शामिल हैं।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं। शहर और मेला क्षेत्र में 1,500 से अधिक सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं, जिनकी निगरानी एक केंद्रीकृत कमांड सेंटर से 24 घंटे की जा रही है। आधुनिक उपकरण, पब्लिक एड्रेस सिस्टम, वॉच टावर और सक्रिय जल पुलिस के जरिए भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा सुनिश्चित की गई है।

बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की मौजूदगी, व्यापक व्यवस्थाएं और गहरी आध्यात्मिक भावना के साथ माघ मेला 2026 की भव्य शुरुआत ने एक बार फिर प्रयागराज को आस्था और संस्कृति के शाश्वत केंद्र के रूप में स्थापित कर दिया है।

--आईएएनएस

वीकेयू/वीसी

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