भाजपा में शामिल होने के बाद बोरदोलोई ने गृह मंत्री शाह से की मुलाकात, सरमा भी रहे साथ
नई दिल्ली/गुवाहाटी, 18 मार्च (आईएएनएस)। असम की राजनीति में एक अहम घटनाक्रम के तहत हाल ही में भाजपा में शामिल हुए प्रद्युत बोरदोलोई ने बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से नई दिल्ली में मुलाकात की।
इस दौरान असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा भी उनके साथ मौजूद रहे। बैठक को आगामी विधानसभा चुनावों से पहले राज्य में भाजपा की स्थिति मजबूत करने की रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है।
सूत्रों के अनुसार, गृह मंत्री शाह ने बोरदोलोई को विधानसभा चुनाव लड़ने के लिए प्रोत्साहित किया। इस बैठक में केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल भी शामिल हुए। भाजपा में शामिल होने के तुरंत बाद बोरदोलोई ने लोकसभा सांसद पद से इस्तीफा भी दे दिया।
भाजपा में शामिल होने के बाद बोरदोलोई ने कहा कि उनका यह फैसला मुख्यमंत्री सरमा के कामकाज से प्रभावित होकर और कांग्रेस से असंतोष के कारण लिया गया है।
उन्होंने कहा, “मुख्यमंत्री के काम और उनकी कार्यशैली से मैं काफी प्रभावित हुआ हूं। उनकी शासन के प्रति प्रतिबद्धता ने मुझे आकर्षित किया।”
पूर्व सांसद ने कांग्रेस में अपने अनुभव को लेकर नाराजगी जताते हुए कहा कि उन्हें पार्टी में वह सम्मान नहीं मिला, जिसके वे हकदार थे।
उन्होंने कहा, “कांग्रेस में मुझे उचित सम्मान नहीं मिला। वहां रहते हुए मैं मानसिक रूप से परेशान था।”
बोरदोलोई ने यह भी संकेत दिया कि पार्टी के भीतर की समस्याएं और पहचान की कमी लंबे समय से उन्हें परेशान कर रही थीं, जिसके चलते उन्होंने कांग्रेस छोड़ने का फैसला किया।
उन्होंने कहा कि भाजपा में उन्हें ऐसा मंच दिखता है, जहां वे सार्थक तरीके से काम करते हुए असमिया अस्मिता और सम्मान की रक्षा कर सकते हैं।
उन्होंने कहा, “भाजपा में मैं असमिया लोगों के स्वाभिमान की रक्षा के लिए काम करूंगा।”
उनका यह कदम असम में कांग्रेस के लिए झटका माना जा रहा है, खासकर ऐसे समय में जब चुनाव से पहले राजनीतिक समीकरण तेजी से बदल रहे हैं।
वहीं, मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने बोरदोलोई का भाजपा में स्वागत करते हुए कांग्रेस पर निशाना साधा। उन्होंने कहा, “आज कांग्रेस में स्वाभिमानी लोगों के लिए कोई जगह नहीं बची है।”
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