गुजरात में अघोरी बाबा बनकर बुजुर्ग से 19.60 लाख रुपये की ठगी, तीन और आरोपी गिरफ्तार
वलसाड, 30 अक्टूबर (आईएएनएस)। गुजरात के वलसाड जिले में अघोरी बाबा और गुरु बनकर दैवीय आशीर्वाद दिलाने तथा पैसे दोगुने करने का झांसा देकर 76 वर्षीय बुजुर्ग से 19.60 लाख रुपये से अधिक की ठगी करने के मामले में पुलिस ने तीन और वांछित आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान महबूब शेख (23), सरफराज पठान (39) और साहिलमियां शेख (23) के रूप में हुई है। तीनों को महीसागर जिले के वीरपुर से वलसाड साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन की टीम ने जांच के बाद गिरफ्तार किया।
पुलिस के अनुसार, ठगी की यह घटना 29 अप्रैल को हुई थी। इस दौरान कुछ अज्ञात लोगों ने इंटरनेट के जरिए शिकायतकर्ता के 76 वर्षीय पिता से संपर्क किया। आरोपियों ने खुद को अघोरी बाबा और गुरु बताकर उन्हें देवी का आशीर्वाद दिलाने और रुका हुआ पैसा दोगुना करने का झांसा दिया।
इसके बाद आरोपियों ने उन्हें अलग-अलग बैंक खातों का विवरण दिया और उनमें पैसे जमा कराने के लिए राजी कर लिया। इस तरह बुजुर्ग से कुल 19,60,500 रुपये से अधिक की ठगी की गई।
मामले में वलसाड साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 318(4) और 61(2) तथा सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 66(डी) के तहत मामला दर्ज किया गया था।
पुलिस ने इस मामले में पहले ही पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया था, जबकि छह अन्य को वांछित घोषित किया गया था। इसके बाद साइबर क्राइम टीम ने फरार आरोपियों का पता लगाने के लिए उनके सोशल मीडिया अकाउंट, बैंक लेनदेन और रिश्तेदारों, दोस्तों व सहयोगियों के कॉल डिटेल रिकॉर्ड की जांच की। इसके अलावा स्थानीय स्तर पर खुफिया जानकारी भी जुटाई गई।
पुलिस के अनुसार, 26 अक्टूबर को पुलिस उपनिरीक्षक डी.एस. पटेल को सूचना मिली कि वांछित आरोपी महबूब शेख को बालासिनोर के देव चौक के पास देखा गया है। वह महीसागर जिले के वीरपुर का रहने वाला है।
सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने इलाके में निगरानी शुरू की और स्थानीय दुकानदारों, ऑटो रिक्शा चालकों तथा मुखबिरों की मदद से उसकी तलाश की। महबूब की गिरफ्तारी के बाद पूछताछ में पुलिस को अन्य दो वांछित आरोपियों सरफराज पठान और साहिलमियां शेख के बारे में जानकारी मिली। इसके बाद दोनों को भी वीरपुर से गिरफ्तार कर लिया गया।
पुलिस के मुताबिक, सरफराज पठान पेशे से ड्राइवर है और वीरपुर के टिंबा फली इलाके में पानी की टंकी के पास रहता है। वहीं, साहिलमियां शेख पान की दुकान चलाता है और कस्बे में देसाई सीएम हाई स्कूल के पास रहता है। महबूब शेख योगेश्वर पार्क सोसायटी के सामने रहता है और नौकरी करता है। तीनों गिरफ्तार आरोपियों से आगे की पूछताछ की जा रही है।
इस बीच पुलिस ने लोगों को आगाह किया है कि तांत्रिक अनुष्ठानों या धार्मिक क्रियाओं के जरिए पैसे दोगुने करने के दावे पूरी तरह धोखाधड़ी हो सकते हैं। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे अनजान कॉल करने वालों को पैसे ट्रांसफर न करें और न ही उनके साथ अपनी निजी जानकारी साझा करें। किसी भी संदिग्ध कॉल पर तुरंत बातचीत बंद कर दें। साइबर ठगी का शिकार होने या संदिग्ध कॉल और संदेश मिलने पर राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन नंबर 1930 पर संपर्क करने अथवा नजदीकी पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराने की सलाह दी गई है।
--आईएएनएस
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