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भारत और पुर्तगाल के आर्थिक संबंधों को मजबूत करने की संभावनाएं अपार, साझेदारी महत्वपूर्ण: जोआओ रुई फरेरा (आईएएनएस इंटरव्यू)

नई दिल्ली, 11 मई (आईएएनएस)। पुर्तगाल के सेक्रेटरी ऑफ स्टेट फॉर इकोनॉमी जोआओ रुई फरेरा के अनुसार भारत और उनके देश के आर्थिक संबंधों को मजबूत करने की अपार संभावनाएं हैं। उन्होंने कहा कि सहयोग व्यापार तक ही सीमित नहीं है, दोनों देश विनिर्माण, नवीकरणीय ऊर्जा और स्टार्टअप जैसे क्षेत्रों में परस्पर काम कर रहे हैं।
भारत और पुर्तगाल के आर्थिक संबंधों को मजबूत करने की संभावनाएं अपार, साझेदारी महत्वपूर्ण: जोआओ रुई फरेरा (आईएएनएस इंटरव्यू)

नई दिल्ली, 11 मई (आईएएनएस)। पुर्तगाल के सेक्रेटरी ऑफ स्टेट फॉर इकोनॉमी जोआओ रुई फरेरा के अनुसार भारत और उनके देश के आर्थिक संबंधों को मजबूत करने की अपार संभावनाएं हैं। उन्होंने कहा कि सहयोग व्यापार तक ही सीमित नहीं है, दोनों देश विनिर्माण, नवीकरणीय ऊर्जा और स्टार्टअप जैसे क्षेत्रों में परस्पर काम कर रहे हैं।

आईएएनएस के साथ विशेष बातचीत में फरेरा ने कहा, “पिछले 10 वर्षों में हमने काफी प्रगति की है और द्विपक्षीय व्यापारिक संबंधों में उल्लेखनीय वृद्धि देखी है। लेकिन अगर हम वैश्विक आंकड़ों को देखें, तो अभी भी पूरी क्षमता तक नहीं पहुंचे हैं। मेरे अनुसार, यह केवल अंतरराष्ट्रीय व्यापार की वृद्धि नहीं, बल्कि भविष्य के लिए एक रणनीतिक साझेदारी है।”

उन्होंने कहा कि यह साझेदारी पुर्तगाल की विशेषज्ञता, कौशल और तकनीकी क्षमताओं को भारत के आधारभूत ढांचों और औद्योगीकरण संबंधी महत्वाकांक्षी विकास योजनाओं से जोड़ती है।

फरेरा ने बताया कि नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में पुर्तगाल भारत को स्थिरता, कचरा प्रबंधन और स्वच्छ ऊर्जा परिवर्तन के लक्ष्यों को हासिल करने में अपनी विशेषज्ञता और तकनीकी ज्ञान के माध्यम से मदद कर सकता है।

उन्होंने कहा कि उन्नत विनिर्माण (एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग) भी सहयोग का एक महत्वपूर्ण क्षेत्र है, क्योंकि पुर्तगाल इंजीनियरिंग के क्षेत्र में काफी विशेषज्ञता रखता है। हम यूरोप में इंजीनियरिंग स्नातकों की संख्या के मामले में अग्रणी देशों में शामिल हैं।

फरेरा ने कहा, “हम अपने उच्च गुणवत्ता वाले उत्पादों, मशीनरी और टूलिंग के लिए पहचाने जाते हैं। इसके अलावा, लाइफ साइंसेज, फार्मास्युटिकल्स, कृषि-खाद्य उद्योग और पर्यटन में भी सहयोग की बड़ी संभावनाएं हैं।”

उन्होंने यह भी कहा कि दोनों देशों के बीच संपर्क बढ़ाने की जरूरत है। इस दिशा में भारत और पुर्तगाल के बीच सीधी उड़ान शुरू करने की संभावना पर बातचीत जारी है, जो व्यापार और द्विपक्षीय संबंधों के लिए बड़ा बदलाव साबित हो सकती है।

फरेरा ने कहा कि उनके साथ भारत आए पुर्तगाली ठेकेदार भारत के बुनियादी ढांचा विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

उन्होंने स्टार्टअप क्षेत्र में भी मजबूत संभावनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि पुर्तगाल में बड़ी संख्या में तकनीकी स्टार्टअप हैं, जो भारतीय कंपनियों के साथ साझेदारी कर सकते हैं और दोनों देशों में संयुक्त परियोजनाओं के जरिए महत्वपूर्ण क्षेत्रों का विकास कर सकते हैं।

फरेरा ने बताया कि पुर्तगाल यूरोपीय एकल बाजार का प्रवेश द्वार है। पुर्तगाल में स्थापित कंपनियां 45 करोड़ उपभोक्ताओं वाले विश्व के सबसे बड़े एकीकृत बाजार तक पहुंच बना सकती हैं। वहीं, भारतीय स्टार्टअप पुर्तगाल में स्थापित होकर पुर्तगाली बोलने वाले देशों में भी विस्तार कर सकते हैं।

उन्होंने कहा कि पुर्तगाल में मजबूत डिजिटल और ऊर्जा अवसंरचना उपलब्ध है, जो स्टार्टअप्स के लिए बेहतरीन वातावरण प्रदान करती है।

फरेरा ने आगे कहा कि पुर्तगाल नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में व्यापक अनुभव रखता है और देश की लगभग 80 प्रतिशत ऊर्जा नवीकरणीय स्रोतों से आती है।

उन्होंने बताया कि पुर्तगाल ने उद्योगों के डीकार्बोनाइजेशन और औद्योगिक प्रक्रियाओं के विद्युतीकरण पर विशेष ध्यान दिया है। साथ ही बैटरी वैल्यू चेन, जिसमें खनन, रिफाइनिंग, बैटरी उत्पादन, ग्रिड प्रबंधन और वेस्ट-टू-एनर्जी सिस्टम शामिल हैं, में भी भारी निवेश किया गया है।

उन्होंने कहा, “मुझे भारत और पुर्तगाल के बीच सहयोग की बड़ी संभावनाएं दिखाई देती हैं। पुर्तगाल की विशेषज्ञता भारत की 2047 तक अधिक टिकाऊ अर्थव्यवस्था बनाने की महत्वाकांक्षी योजना के साथ पूरी तरह मेल खाती है।”

--आईएएनएस

केआर/

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