अनुपस्थित लाभार्थियों के लिए पोंगल गिफ्ट हैम्पर वितरण फिर शुरू होगा: तमिलनाडु सरकार
चेन्नई, 17 जनवरी (आईएएनएस)। तमिलनाडु में राशन कार्ड धारकों को दिए जाने वाले पोंगल गिफ्ट हैम्पर का वितरण कुछ लाभार्थियों के लिए अस्थायी रूप से टाल दिया गया है। अधिकारियों ने शनिवार को बताया कि कई परिवार पोंगल पर्व मनाने के लिए अपने मूल स्थानों पर चले गए थे, जिसके कारण वे निर्धारित अवधि में हैम्पर नहीं ले सके।
राज्य सरकार ने अब फैसला किया है कि ऐसे लाभार्थियों के लौटने के बाद राशन दुकानों के माध्यम से दोबारा वितरण शुरू किया जाएगा। इस संबंध में औपचारिक घोषणा आने वाले दिनों में किए जाने की संभावना है।
नागरिक आपूर्ति विभाग के अधिकारियों के अनुसार, सरकार की इस प्रमुख त्योहारी कल्याण योजना के तहत 90 प्रतिशत से अधिक पात्र लाभार्थियों को पोंगल गिफ्ट हैम्पर मिल चुका है। शेष लाभार्थी मुख्य रूप से वे हैं, जो वितरण के समय अपने निवास स्थान पर मौजूद नहीं थे।
प्रत्येक पोंगल गिफ्ट हैम्पर में 3,000 रुपये की नकद सहायता, एक किलोग्राम ब्राउन चावल, एक किलोग्राम चीनी और एक गन्ना शामिल है।
अधिकारियों ने बताया कि शेष हैम्पर और नकद सहायता इस महीने के अंत तक वितरित किए जाने की संभावना है।
पोंगल गिफ्ट योजना का औपचारिक शुभारंभ 8 जनवरी को मुख्यमंत्री एम. के. स्टालिन ने चेन्नई के उपनगर आलंदूर में किया था। इस योजना का उद्देश्य त्योहारी मौसम में चावल राशन कार्ड धारकों को वित्तीय राहत और आवश्यक खाद्य सामग्री उपलब्ध कराना है।
इस योजना से राज्य भर में लगभग 2.22 करोड़ राशन कार्ड धारकों को लाभ मिलने की उम्मीद है, जिससे यह हाल के वर्षों में तमिलनाडु सरकार की सबसे बड़ी त्योहारी कल्याण पहलों में से एक बन गई है।
योजना के तहत भीड़ से बचने और सुचारु वितरण सुनिश्चित करने के लिए प्रत्येक राशन दुकान को प्रतिदिन लगभग 300 लाभार्थियों को टोकन जारी करने के निर्देश दिए गए थे। अधिक से अधिक लोगों को लाभ पहुंचाने के लिए सरकार ने वितरण अवधि को भोगी पर्व यानी 14 जनवरी तक बढ़ा दिया था। इसके बावजूद, कुछ प्रतिशत लाभार्थी अपने पंजीकृत स्थानों से बाहर होने के कारण हैम्पर नहीं ले सके।
अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि कोई भी पात्र लाभार्थी पोंगल गिफ्ट हैम्पर से वंचित नहीं रहेगा और लोगों के लौटने के बाद विशेष व्यवस्था कर वितरण पूरा किया जाएगा। सरकार जल्द ही विस्तृत दिशा-निर्देश जारी करने वाली है, ताकि शेष लाभार्थियों को बिना किसी परेशानी के उनका हक मिल सके।
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