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इंदौर पुलिस ने कुछ ही घंटों में दो अपहृत लड़कों को बचाया, चार गिरफ्तार

इंदौर, 24 अप्रैल (आईएएनएस)। इंदौर पुलिस ने 23 अप्रैल को कुछ ही घंटों में एक चौंकाने वाले बाल अपहरण मामले को सुलझाते हुए दो नाबालिग लड़कों को बचाया और चार आरोपियों को गिरफ्तार किया। अधिकारियों के अनुसार आरोपियों ने शेयर बाजार में भारी नुकसान होने के बाद इस अपराध की साजिश रची थी।
इंदौर पुलिस ने कुछ ही घंटों में दो अपहृत लड़कों को बचाया, चार गिरफ्तार

इंदौर, 24 अप्रैल (आईएएनएस)। इंदौर पुलिस ने 23 अप्रैल को कुछ ही घंटों में एक चौंकाने वाले बाल अपहरण मामले को सुलझाते हुए दो नाबालिग लड़कों को बचाया और चार आरोपियों को गिरफ्तार किया। अधिकारियों के अनुसार आरोपियों ने शेयर बाजार में भारी नुकसान होने के बाद इस अपराध की साजिश रची थी।

पालासिया पुलिस स्टेशन के अधिकार क्षेत्र में चलाए गए इस त्वरित अभियान से बच्चों के परिवार और आम जनता को राहत मिली, जो अचानक लापता होने से दहशत में थी।

23 अप्रैल की रात इंदौर में उस समय दहशत फैल गई जब लाला राम नगर के तिरुपति गार्डन से दो नाबालिग लड़के लापता हो गए। बच्चों के अचानक लापता होने से उनके परिवार और पुलिस दोनों ही संकट में पड़ गए, लेकिन मध्य प्रदेश पुलिस ने पांच घंटे के भीतर उन्हें बचा लिया।

पालासिया पुलिस स्टेशन के अधिकारियों के अनुसार, घटना की सूचना रात करीब 8:45 बजे मिली, जिसके बाद तुरंत जांच शुरू की गई। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि गीता नगर और खाटिक मोहल्ला के निवासी ये लड़के हर रोज की तरह गार्डन में खेलने गए थे, लेकिन घर नहीं लौटे।

सीसीटीवी फुटेज में एक युवती बच्चों को चिप्स, कैंडी और अपने मोबाइल फोन पर पालतू जानवरों की तस्वीरें दिखाकर बहला-फुसलाकर ले जाती हुई दिखाई दी। इसके तुरंत बाद, शिकायतकर्ता को फिरौती के लिए फोन आया जिसमें लड़कों की सुरक्षित रिहाई के बदले 15 लाख रुपए की मांग की गई और गंभीर परिणाम भुगतने की धमकियां दी गईं।

वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने पुष्टि की कि उनके मार्गदर्शन में संयुक्त टीमें गठित की गईं और होटलों, बस स्टैंडों, रेलवे स्टेशनों और अन्य सार्वजनिक स्थानों पर कर्मियों को तैनात किया गया। तकनीकी निगरानी और सीसीटीवी फुटेज के विश्लेषण से संदिग्धों को घटनास्थल से लगभग 15 किलोमीटर दूर दत्त नगर के एक अपार्टमेंट तक ट्रैक करने में मदद मिली।

इलाके की घेराबंदी कर दी गई और समन्वित अभियान के तहत आरोपियों को भागने की कोशिश करते समय पकड़ लिया गया। दोनों लड़कों को सुरक्षित बचा लिया गया।

पुलिस ने गिरफ्तार व्यक्तियों की पहचान राधिका प्रजापति, तनीशा सेन, ललित सेन और विनीत प्रजापति के रूप में की है। राधिका और विनीत भाई-बहन हैं।

पूछताछ के दौरान, आरोपियों ने शेयर बाजार में नुकसान होने के बाद बच्चों का सुनियोजित अपहरण करने की बात स्वीकार की। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि गिरोह घटना से दो दिन पहले से ही रेकी कर रहा था, और उन्होंने एक लड़के को पहले एक फ्लैट में भी ले गए थे।

जांचकर्ताओं ने पाया कि बच्चों का अपहरण करने के बाद आरोपी महिला उन्हें राजेंद्र नगर स्थित एक फ्लैट में ले गई, उनके वीडियो रिकॉर्ड किए और बाद में जब बच्चों ने खाना मांगा तो उन्हें दूध से बनी सेवई खिलाई।

अपराध में इस्तेमाल किए गए मोबाइल फोन जब्त कर लिए गए हैं, और चारों आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है। पुलिस अधिकारियों ने पुष्टि की कि बचाए गए बच्चों को चिकित्सा जांच के लिए एमवाई अस्पताल ले जाया गया और फिर उन्हें उनके परिवार से मिला दिया गया, जिससे घंटों के डर और अनिश्चितता के बाद राहत मिली।

--आईएएनएस

एमएस/

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