Samachar Nama
×

पश्चिम बंगाल के बारुईपुर में छात्रा से छेड़छाड़ मामले में दो नाबालिग हिरासत में

पश्चिम बंगाल के बारुईपुर में छात्रा से छेड़छाड़ मामले में दो नाबालिग हिरासत में
पश्चिम बंगाल के बारुईपुर में छात्रा से छेड़छाड़ मामले में दो नाबालिग हिरासत में

कोलकाता, 6 अगस्त (आईएएनएस)। पश्चिम बंगाल के बारुईपुर पुलिस जिले के एक वरिष्ठ अधिकारी ने गुरुवार को बताया कि बारुईपुर पुलिस ने दक्षिण 24 परगना जिले में सड़क पर सातवीं कक्षा की एक छात्रा को परेशान करने और उसके साथ छेड़छाड़ करने के आरोप में दो नाबालिगों को हिरासत में लिया है।

यह घटना बुधवार दोपहर को हुई, जब छात्रा अपने छोटे भाई के साथ स्कूल से घर लौट रही थी। दो नाबालिग संदिग्धों ने सड़क पर उसका पीछा किया और फिर उसका रास्ता रोक लिया। उन दोनों ने उसके साथ बदतमीजी की और उसका नाम व मोबाइल नंबर मांगा।

मामला तेजी से तब बढ़ गया जब नाबालिग आरोपी ने पीड़िता का हाथ पकड़ा, उसे जबरदस्ती खींचा और वहां से अगवा करने की कोशिश की, जिसके बाद पीड़िता ने शोर मचा दिया।

उसकी चीख सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और संदिग्धों में से एक को पकड़ लिया। इसके बाद पीड़िता के परिवार ने बारुईपुर पुलिस स्टेशन में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने तुरंत तलाशी अभियान शुरू किया और शाम को दूसरे संदिग्ध को भी पकड़ लिया।

एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि दोनों नाबालिगों को औपचारिक रूप से हिरासत में ले लिया गया है और उन्हें जुवेनाइल होम भेज दिया गया। अधिकारी ने यह भी पुष्टि की कि पीड़ित का मेडिकल टेस्ट एक स्थानीय सरकारी अस्पताल में पूरा हो गया है।

लड़की की मां ने सार्वजनिक सुरक्षा में हुई चूक पर गहरी चिंता जताई और सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की। उन्होंने कहा, "वे सड़क के बीचों-बीच उसे धक्का-मुक्की कर रहे थे। मेरी बेटी बहुत डरी हुई थी और जल्दी से घर भागने की कोशिश कर रही थी। लेकिन, उन्होंने उसका रास्ता रोक लिया, उसका फ़ोन नंबर मांगा और उसका हाथ खींचा। अगर सार्वजनिक सड़कों पर ऐसी घटनाएं खुलेआम होती हैं, तो युवा लड़कियों की सुरक्षा कहां है? हम कानून के तहत आरोपियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाने की मांग करते हैं।"

इससे पहले, इस साल 5 जुलाई को बारुईपुर के सूर्यपुर इलाके में तनाव फैल गया था, जब कथित गैंगरेप और हत्या के बाद एक नाबालिग लड़की का शव स्थानीय तालाब से बरामद हुआ था।

इस बरामदगी के बाद लोगों में भारी आक्रोश फैल गया और भीड़ ने पीट-पीटकर हत्या (मॉब लिंचिंग) कर दी, जिसमें इंद्रजीत मंडल नामक एक निर्दोष की गलतफहमी में जान चली गई।

इसके बाद पुलिस ने उस मामले में चार मुख्य संदिग्धों को गिरफ्तार किया, जिनमें से एक प्रवास मंडल हिरासत से भागने की कोशिश के दौरान पुलिस मुठभेड़ में मारा गया।

--आईएएनएस

एसएचके/पीएम

Share this story

Tags