अफगानिस्तान में ड्रग्स के खिलाफ बड़ी कार्रवाई, पुलिस ने एक टन नशीला पदार्थ किया नष्ट
काबुल, 19 अक्टूबर (आईएएनएस)। अफगानिस्तान के पश्चिमी प्रांत फराह में पुलिस ने रविवार को लगभग एक टन अवैध नशीले पदार्थों को सार्वजनिक रूप से जलाकर नष्ट कर दिया। यह जानकारी प्रांतीय पुलिस प्रवक्ता कलीमुल्लाह नांग्याल ने सोमवार को दी।
सिन्हुआ समाचार एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, अधिकारियों बताया कि हाल ही में चलाए गए कई अभियानों के दौरान पुलिस ने 955 किलोग्राम अफीम और उससे जुड़े नशीले पदार्थ, हशीश (चरस) तथा 36 किलोग्राम मेथामफेटामाइन बरामद की थी। इन्हें रविवार को सार्वजनिक रूप से नष्ट कर दिया गया। पुलिस ने एक संदिग्ध ड्रग तस्कर को भी गिरफ्तार किया है। शुरुआती जांच पूरी होने के बाद उसे न्यायिक प्रक्रिया के लिए अदालत के हवाले किया जाएगा।
इससे पहले, 16 अक्टूबर को अफगानिस्तान के दक्षिणी प्रांत हेलमंद के सूचना एवं संस्कृति निदेशालय ने बताया था कि मादक पदार्थ विरोधी पुलिस ने 136 किलोग्राम अफीम और उससे जुड़े नशीले पदार्थ जब्त किए और तीन संदिग्ध तस्करों को गिरफ्तार किया।
बयान के मुताबिक, यह खेप 15 अक्टूबर को सांगिन जिले में दो वाहनों से बरामद की गई थी। गिरफ्तार किए गए तीनों लोगों से पूछताछ की गई और जांच पूरी होने के बाद उन्हें भी अदालत में पेश किया जाएगा। अफगान सरकार ने हाल के महीनों में अवैध ड्रग्स के खिलाफ अपना अभियान और तेज कर दिया है।
13 अक्टूबर को पश्चिमी प्रांत हेरात में पुलिस ने बताया था कि एक साल तक चले मादक पदार्थ विरोधी अभियान के दौरान बरामद किए गए 161 टन विभिन्न प्रकार के अवैध नशीले पदार्थों को जला दिया गया।
हेरात के पुलिस प्रवक्ता सईद मसूद हुसैनी के अनुसार, ये नशीले पदार्थ हेरात शहर और प्रांत के विभिन्न जिलों में चलाए गए अभियानों के दौरान बरामद किए गए थे।
हालांकि अधिकारियों ने यह नहीं बताया कि इन मामलों में कितने लोगों को गिरफ्तार किया गया, लेकिन हुसैनी ने कहा कि पुलिस किसी को भी अफगानिस्तान में अवैध ड्रग्स की तस्करी, खेती या उत्पादन करने की अनुमति नहीं देगी।
ड्रग्स के खिलाफ चल रहे व्यापक अभियान के तहत पुलिस ने पड़ोसी गोर प्रांत में दस ड्रग-प्रोसेसिंग लैब भी नष्ट कीं। साथ ही, हेरोइन बनाने में इस्तेमाल होने वाली बड़ी मात्रा में सामग्री भी बरामद की गई।
अफगान सरकार ने ड्रग्स की तस्करी, उत्पादन और अफीम की खेती पर प्रतिबंध लगा रखा है। सरकार का कहना है कि यह अभियान तब तक जारी रहेगा, जब तक लंबे समय से अफीम की खेती के लिए पहचाने जाने वाला अफगानिस्तान एक नशामुक्त देश नहीं बन जाता।
--आईएएनएस
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