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राजस्थान और मणिपुर से जुड़े अंतरराज्यीय मादक पदार्थों की तस्करी के नेटवर्क में दो प्रमुख आरोपी गिरफ्तार

राजस्थान और मणिपुर से जुड़े अंतरराज्यीय मादक पदार्थों की तस्करी के नेटवर्क में दो प्रमुख आरोपी गिरफ्तार
राजस्थान और मणिपुर से जुड़े अंतरराज्यीय मादक पदार्थों की तस्करी के नेटवर्क में दो प्रमुख आरोपी गिरफ्तार

इंफाल, 25 अक्टूबर (आईएएनएस)। मणिपुर और राजस्थान से जुड़े एक अंतरराज्यीय मादक पदार्थों की तस्करी के नेटवर्क में दो प्रमुख आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।

एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि मादक पदार्थों की तस्करी के नेटवर्क को खत्म करने के लिए जारी प्रयासों के तहत, सेनापति जिला पुलिस ने सेनापति पुलिस स्टेशन में मादक औषधि एवं मनोरोगी पदार्थ (एनडीपीएस) अधिनियम, 1985 के तहत दर्ज तीन मामलों के संबंध में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

गिरफ्तार व्यक्तियों की पहचान रोमन राय (21) और अमित कुमार थापा (35) के रूप में हुई है। राय को कांगपोकपी जिले में गिरफ्तार किया गया, जबकि थापा को संबंधित जिलों की पुलिस बलों की सहायता से बिष्णुपुर जिले में पकड़ा गया।

पुलिस अधिकारी ने बताया कि दोनों आरोपी काफी समय से फरार थे और मणिपुर में अवैध अफीम की खेती करने वालों को राजस्थान में सक्रिय मादक पदार्थों के तस्करों से जोड़ने वाले अंतरराज्यीय मादक पदार्थों की तस्करी के नेटवर्क में प्रमुख कड़ी होने का संदेह है।

इससे पहले, अदालत ने आरोपी अमित कुमार थापा के खिलाफ गैर-जमानती वारंट (एनबीडब्ल्यू) जारी किया था।

पुलिस अधिकारी के अनुसार, तीनों मामलों में अब तक कुल सात लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जिनमें हाल ही में पकड़े गए दो आरोपी भी शामिल हैं। इन दोनों पर मामलों में मुख्य आपूर्तिकर्ता होने का संदेह है।

अंतरराज्यीय मादक पदार्थों की तस्करी नेटवर्क के अन्य सदस्यों की पहचान और उनका पता लगाने तथा राजस्थान तक फैले इसके व्यापक संबंधों को स्थापित करने के लिए आगे की जांच जारी है।

इस बीच, मणिपुर में सुरक्षा बलों ने पिछले कुछ वर्षों में बड़ी संख्या में अफीम के खेतों को नष्ट किया है।

सेना, असम राइफल्स, केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ), सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ), नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी), और मणिपुर पुलिस ने राज्य के पहाड़ी जिलों में अवैध अफीम की खेती को नष्ट करने के लिए अभियान चलाए हैं। अवैध अफीम की खेती मुख्य रूप से छह पहाड़ी जिलों—कंगपोकपी, उखरुल, तामेंगलोंग, चंदेल, तेंगनुपाल, और सेनापति—में फैली हुई थी।

--आईएएनएस

एमएस/

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