पीओके : रावलकोट में पाकिस्तानी सुरक्षा बलों की गोलीबारी में दो के घायल होने का जेएएसी ने लगाया आरोप
इस्लामाबाद, 14 अगस्त (आईएएनएस)। पाकिस्तान अधिकृत जम्मू-कश्मीर (पीओके) में आंदोलन का नेतृत्व कर रही जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी (जेएएसी) ने आरोप लगाया है कि रावलाकोट में पाकिस्तानी सुरक्षा बलों की गोलीबारी में दो लोग घायल हो गए हैं।
पाकिस्तान अधिकृत जम्मू-कश्मीर (पीओजेके) में आंदोलन का नेतृत्व कर रही जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी (जेएएसी) ने अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठनों और मीडिया से पीओके की स्थिति पर नजर रखने की अपील की है। जेएएसी द्वारा एक्स पर साझा किए गए एक वीडियो में कई लोग एक कमरे में मौजूद दिखाई दे रहे हैं, जहां एक व्यक्ति का इलाज किया जा रहा था। वीडियो में उस व्यक्ति ने दावा किया कि पीओके में सुरक्षा बलों की गोलीबारी में एक व्यक्ति घायल हुआ है और आंदोलन जारी रखने का संकल्प जताया।
एक्स पर वीडियो साझा करते हुए जेएएसी ने कहा, "रावलकोट में सुरक्षा बलों की गोलीबारी के बाद दो लोग घायल हुए हैं। नागरिकों के खिलाफ बल प्रयोग बेहद चिंताजनक है। हम हिंसा को तुरंत समाप्त करने की मांग करते हैं और अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठनों तथा मीडिया से जमीनी स्थिति पर करीबी नजर रखने का आग्रह करते हैं।"
जेएएसी का यह बयान उस समय आया है जब गुरुवार को पीओके के विभिन्न हिस्सों में हजारों लोगों ने प्रदर्शन रैलियों में हिस्सा लिया। प्रदर्शनकारियों ने जेएएसी के प्रति पूरा समर्थन जताया और पिछले कई महीनों से पाकिस्तानी बलों द्वारा की गई कथित हिंसा के खिलाफ आवाज उठाई।
जेएएसी समेत विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर साझा किए गए कई वीडियो में मुजफ्फराबाद, रावलकोट, बोखारा और मंधोल की सड़कों पर बड़ी संख्या में लोगों को एकत्र होकर पाकिस्तानी सुरक्षा एजेंसियों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करते देखा गया।
जेएएसी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, "एक बार फिर रावलकोट के लोग एक्शन कमेटी के समर्थन में सड़कों पर उतरे और सुरक्षा बलों की क्रूर हिंसा के खिलाफ आवाज बुलंद की।"
बोखारा में बड़ी संख्या में महिलाओं और बच्चों ने झंडे लेकर प्रदर्शन रैली निकाली और "इंकलाब आएगा" जैसे नारे लगाए। इसी तरह पीओके के पुंछ जिले के मंधोल क्षेत्र में भी हजारों महिलाओं और बच्चों ने विरोध मार्च निकाला।
रावलकोट में भी बड़ी संख्या में लोगों ने जेएएसी के समर्थन में प्रदर्शन किया और सुरक्षा बलों की कथित हिंसा के खिलाफ नारे लगाए। प्रदर्शनकारियों ने "ये गुंडागर्दी ना भाई ना, ये दहशतगर्दी ना भाई ना, ये अफरा-तफरी ना भाई ना" और "आवाज दो हम एक हैं, मीरपुर में हम एक हैं, कोटली में हम एक हैं, रावलकोट में हम एक हैं, बाघ में हम एक हैं, मुजफ्फराबाद में हम एक हैं" जैसे नारे लगाए।
प्रदर्शन के वीडियो साझा करते हुए जेएएसी ने कहा, "रावलकोट में जारी विरोध प्रदर्शन में बड़ी संख्या में महिलाएं और बच्चे शामिल हुए हैं। वे अपने परिवारों और समुदायों के साथ मिलकर बुनियादी अधिकारों, न्याय और जन मांगों के समर्थन में आवाज उठा रहे हैं। उनकी भागीदारी दर्शाती है कि यह आंदोलन समाज के हर वर्ग तक पहुंच चुका है।"
पीओके इस समय स्थानीय आबादी और पाकिस्तानी प्रशासन के बीच पिछले कई दशकों का सबसे बड़ा टकराव देख रहा है। यहां हिंसक घटनाओं, इंटरनेट सेवाओं के निलंबन और पुलिस की कथित ज्यादतियों के आरोपों के बीच तनाव बना हुआ है। बिजली और आवश्यक वस्तुओं की बढ़ती कीमतों के विरोध से शुरू हुआ यह आंदोलन अब राजनीतिक सुधारों, अधिक जवाबदेही और प्रतिनिधिक सरकार की मांग तक पहुंच गया है।
हाल के सप्ताहों में जेएएसी सहित विभिन्न सोशल मीडिया मंचों पर साझा किए गए कई वीडियो में पीओके में पाकिस्तानी बलों की कथित सख्ती और कार्रवाई को दिखाया गया है।
1 अगस्त को जेएएसी सदस्य सरदार उमर नजीर कश्मीरी ने दावा किया था कि पीओके में पाकिस्तानी बलों की कार्रवाई के दौरान 50 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है और सैकड़ों लोग घायल हुए हैं।
--आईएएनएस
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