'विकास भी, विरासत भी' की सोच से आगे बढ़ेगा अरुणाचल: राज्यपाल केटी परनाइक
ईटानगर, 4 फरवरी (आईएएनएस)। अरुणाचल प्रदेश के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) केटी परनाइक ने बुधवार को कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दूरदर्शी सोच और केंद्र सरकार का निरंतर सहयोग राज्य के परिवर्तन और विकास की सबसे बड़ी ताकत है। उन्होंने यह बात आठवीं विधानसभा के पांचवें सत्र को संबोधित करते हुए कही।
राज्यपाल ने प्रधानमंत्री के 22 सितंबर 2025 को ईटानगर दौरे का उल्लेख किया, जहां उन्होंने 5,100 करोड़ रुपए से अधिक की विकास परियोजनाओं का उद्घाटन किया था। परनाइक ने कहा कि यह यात्रा केंद्र की ओर से अरुणाचल प्रदेश के विकास के प्रति मजबूत और केंद्रित प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
उन्होंने 'जीएसटी बचत उत्सव' की शुरुआत को भी पारदर्शी और नागरिकों के अनुकूल शासन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया, जिससे राज्य में व्यापार का माहौल और मजबूत होगा।
राज्यपाल ने कहा कि वर्ष 2014 से अब तक अरुणाचल प्रदेश को केंद्रीय करों में एक लाख करोड़ रुपए से अधिक का हिस्सा मिला है। यह केंद्र और राज्य के बीच मजबूत साझेदारी का प्रमाण है, जो एक समृद्ध, समावेशी और टिकाऊ भविष्य की नींव रख रही है।
स्वर्ण जयंती के बाद विधानसभा की बैठक को उन्होंने गौरवपूर्ण विरासत का सम्मान करने और सदन की गरिमा बनाए रखने का अवसर बताया। उन्होंने कहा कि यह समय जिम्मेदार और जन-केंद्रित शासन को और मजबूत करने का है।
'विकसित अरुणाचल प्रदेश' की सरकार की परिकल्पना साझा करते हुए परनाइक ने कहा कि साल की पहली बैठक राज्य के लिए आत्मविश्वास और उद्देश्यपूर्ण सोच का प्रतीक है। यह समय अब तक हुई प्रगति की समीक्षा करने और 'विकसित भारत' के राष्ट्रीय लक्ष्य के अनुरूप एक आत्मनिर्भर और समृद्ध अरुणाचल बनाने के संकल्प को दोहराने का है।
उन्होंने युवाओं को शिक्षा और रोजगार के माध्यम से सशक्त बनाने, महिलाओं को सामाजिक और आर्थिक बदलाव की अगुवाई करने का अवसर देने और हर समुदाय तक विकास के लाभ पहुंचाने पर जोर दिया। साथ ही, उन्होंने 'विकास भी, विरासत भी' की भावना को अपनाते हुए सांस्कृतिक धरोहर को आधुनिक प्रगति के साथ आगे बढ़ाने की बात कही।
राज्यपाल ने मुख्यमंत्री पेमा खांडू के नेतृत्व में सरकार द्वारा घोषित 'पंच प्रतिज्ञाओं' को 'विकसित अरुणाचल और विकसित भारत 2047' की स्पष्ट रोडमैप बताया। इनमें युवाओं और मानव संसाधन को विकास के केंद्र में रखना, ग्रामीण आत्मनिर्भरता और आजीविका को मजबूत करना, प्रकृति के साथ संतुलित विकास, हरित ऊर्जा और जलविद्युत आधारित परिवर्तन तथा पहचान को सुरक्षित रखते हुए सतत पर्यटन को बढ़ावा देना शामिल है।
उन्होंने कहा कि हालिया स्थानीय स्वशासन के चुनावों में जनता की भागीदारी लोकतांत्रिक संस्थाओं में बढ़ते विश्वास को दर्शाती है। राज्यपाल ने सूक्ष्म विकास दृष्टिकोण पर जोर दिया, जिसमें समुदायों को केंद्र में रखकर बुनियादी ढांचे और कनेक्टिविटी में निवेश किया जा रहा है ताकि अवसर लोगों तक पहुंच सकें।
परनाइक ने कारीगरों, किसानों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को समर्थन देने, हरित ऊर्जा को आगे बढ़ाने, स्वदेशी परंपराओं पर आधारित सांस्कृतिक अर्थव्यवस्था को मजबूत करने, सुशासन, सार्वजनिक सुरक्षा और मजबूत संस्थागत ढांचे को एक लचीले, समावेशी और भविष्य-उन्मुख अरुणाचल प्रदेश की नींव बताया।
--आईएएनएस
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