जी-7 में पीएम मोदी ने पश्चिम एशिया में स्थिरता और समुद्री सुरक्षा को लेकर की मजबूत पैरवी : विदेश सचिव
पेरिस, 18 जून (आईएएनएस)। पश्चिम एशिया में अमेरिका और ईरान के बीच हुए समझौते के बाद भारत ने उम्मीद जताई है कि क्षेत्र में जल्द ही शांति और स्थिरता वापस आएगी। विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने गुरुवार को कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पिछले दो दिनों में फ्रांस के एवियन में आयोजित जी7 शिखर सम्मेलन के दौरान अपने समकक्ष नेताओं के साथ हुई बैठकों और अपने संबोधनों में समुद्री कर्मचारियों की सुरक्षा का मुद्दा खास तौर पर उठाया।
मिस्री ने पेरिस में पत्रकारों से कहा कि भारत हमेशा से इस बात पर जोर देता रहा है कि क्षेत्र के अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों में नौवहन की आजादी बनी रहे और व्यापार बिना किसी रुकावट के चलता रहे। प्रधानमंत्री ने विशेष रूप से समुद्री कर्मचारियों की सुरक्षा का मुद्दा उठाया।
उन्होंने कहा कि लाखों भारतीय समुद्री कर्मचारी दुनियाभर के जहाजों और समुद्री सेवाओं में काम करके वैश्विक व्यापार को सुचारू रूप से चलाने में महत्वपूर्ण योगदान देते हैं। इसलिए उनकी सुरक्षा केवल भारत ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया की साझा चिंता होनी चाहिए। प्रधानमंत्री ने यह बात जी7 सम्मेलन के दौरान अपने संबोधन में भी कही और कई विश्व नेताओं के साथ हुई द्विपक्षीय बैठकों में भी उठाई।
विदेश सचिव ने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी ने विश्व नेताओं के साथ हुई चर्चाओं में एक बार फिर पश्चिम एशिया में स्थायी शांति और सुरक्षा की भारत की इच्छा दोहराई। उन्होंने कहा कि भारत अमेरिका और ईरान के बीच बनी नई समझ को सकारात्मक रूप से देखता है और उम्मीद करता है कि इस क्षेत्र में जल्द शांति और स्थिरता लौटेगी।
भारत को साझेदार देश के रूप में 52वें जी7 शिखर सम्मेलन में आमंत्रित किया गया था, जहां प्रधानमंत्री मोदी ने भारत और ग्लोबल साउथ से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर विश्व नेताओं के साथ चर्चा की। यह जी7 शिखर सम्मेलन में भारत की 13वीं भागीदारी थी और प्रधानमंत्री मोदी की लगातार सातवीं भागीदारी रही।
विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने बताया कि भारत और अमेरिका के बीच अंतरिम मुक्त व्यापार समझौते को लेकर अच्छी प्रगति हुई है।
उन्होंने कहा कि हम इस समझौते को अंतिम रूप देने के बेहद करीब हैं। अगले सप्ताह अमेरिका के ट्रेड रिप्रेजेंटेटिव जेमिसन ग्रीर भारत आएंगे, ताकि इन चर्चाओं को आगे बढ़ाया जा सके। एवियन में प्रधानमंत्री मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच हुई द्विपक्षीय बैठक में यह एक प्रमुख चर्चा का विषय था।
--आईएएनएस
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