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जयपुर से जुड़ीं फ्लोरिडा से जीतीं भारतीय-अमेरिकी कांग्रेस सदस्य की जड़ें, प्रवासी भारतीयों में खुशी की लहर

जयपुर से जुड़ीं फ्लोरिडा से जीतीं भारतीय-अमेरिकी कांग्रेस सदस्य की जड़ें, प्रवासी भारतीयों में खुशी की लहर
जयपुर से जुड़ीं फ्लोरिडा से जीतीं भारतीय-अमेरिकी कांग्रेस सदस्य की जड़ें, प्रवासी भारतीयों में खुशी की लहर

जयपुर, 5 नवंबर (आईएएनएस)। हाल ही में हुए अमेरिकी मध्यावधि चुनावों (मिड टर्म इलेक्शन) में जीत के बाद, पिया डांडिया, जिनका परिवार मूल रूप से जयपुर से जुड़ा है, अमेरिकी राजनीति में एक प्रमुख नए चेहरे के रूप में उभरी हैं।

व्हाइट हाउस फेलो, एप्पल की कर्मचारी और शिक्षाविद रहीं डांडिया ने अपना करियर जनसेवा और वंचित बच्चों के लिए शिक्षा के अवसर बढ़ाने के इर्द-गिर्द बनाया है।

डांडिया ने फ्लोरिडा के 22वें कांग्रेसनल डिस्ट्रिक्ट से डेमोक्रेटिक पार्टी की उम्मीदवार के तौर पर अमेरिकी हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स का चुनाव लड़ा।

उन्होंने 51.89 प्रतिशत वोट हासिल किए और रिपब्लिकन उम्मीदवार केसी असकर को हराया, जिन्हें 48.11 प्रतिशत वोट मिले थे।

उनके चुनाव जीतने से राजस्थान की राजधानी (जयपुर) के साथ उनके परिवार के जुड़ाव पर भी लोगों का ध्यान गया है, जहां उनके कई रिश्तेदार आज भी रहते हैं।

डांडिया के माता-पिता 1980 में जयपुर से अमेरिका चले गए थे।

उनका जन्म और पालन-पोषण अमेरिका में हुआ, लेकिन अपने पैतृक शहर के साथ उनका जुड़ाव मजबूत बना रहा।

उनके पिता रोहित डांडिया एक डॉक्टर हैं और उन्होंने जयपुर के सवाई मान सिंह (एसएमएस) मेडिकल कॉलेज से एमबीबीएस किया है।

बचपन में, डांडिया स्कूल की छुट्टियों के दौरान अक्सर अपने रिश्तेदारों से मिलने जयपुर आती थीं। कॉलेज के दिनों तक उनका यहां आना-जाना जारी रहा, जिससे वह अपने परिवार के मूल शहर से जुड़ी रहीं।

उनकी मां शिक्षा के क्षेत्र से जुड़ी हैं और उन्होंने फ्लोरिडा के जुपिटर में एक मोंटेसरी स्कूल की स्थापना की।

उन्होंने अपनी शुरुआती शिक्षा अपनी मां द्वारा स्थापित इसी संस्थान से प्राप्त की। शिक्षा डांडिया के पेशेवर सफर का एक अहम हिस्सा रही है।

28 साल की उम्र में उन्होंने न्यूयॉर्क के हार्लेम में एक हाई स्कूल की स्थापना की, जिसका उद्देश्य कम आय वाले परिवारों के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करना था।

वह इस स्कूल की संस्थापक प्रिंसिपल बनीं और वंचित पृष्ठभूमि वाले छात्रों के लिए बेहतर शैक्षणिक अवसर तैयार करने की दिशा में काम किया।

इस संस्थान से पढ़ाई पूरी करने वाले छात्रों को बाद में प्रतिष्ठित कॉलेजों में दाखिला मिला।

शिक्षा के क्षेत्र में काम करने और वंचित समुदायों के साथ जुड़ने के उनके अनुभव ने जनसेवा और नीति-निर्माण में उनकी रुचि को आकार देने में मदद की।

शिक्षा के क्षेत्र में अपने काम के अलावा, डांडिया ने 'व्हाइट हाउस फेलो' के रूप में भी काम किया है। इस अनुभव से उन्हें अमेरिकी प्रशासन के कामकाज और नीति-निर्माण की प्रक्रिया को समझने का मौका मिला।

उन्होंने एप्पल में भी काम किया है, जिससे उनके पेशेवर प्रोफाइल में कॉर्पोरेट और टेक्नोलॉजी क्षेत्र का अनुभव भी जुड़ गया। शिक्षा से लेकर जनसेवा और राजनीति तक का उनका सफर आखिरकार उन्हें डेमोक्रेटिक पार्टी में ले आया, जहां से उन्होंने चुनाव लड़ा।

अमेरिकी हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स के लिए चुने जाने के साथ ही, डांडिया अब अपने सार्वजनिक जीवन के एक नए अध्याय की शुरुआत कर रही हैं।

उनकी इस जीत ने जयपुर में विशेष दिलचस्पी जगाई है, क्योंकि उनके परिवार की जड़ें यहीं से जुड़ी हैं और उनके पिता की मेडिकल शिक्षा भी उनके अतीत का एक अहम हिस्सा रही है।

--आईएएनएस

एससीएच/डीकेपी

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