ईंधन उत्पाद शुल्क में कटौती का उद्देश्य जनता को वैश्विक मूल्य वृद्धि से बचाना: निर्मला सीतारमण
नई दिल्ली, 27 मार्च (आईएएनएस)। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शुक्रवार को कहा कि केंद्र सरकार द्वारा पेट्रोल और डीजल पर उत्पाद शुल्क में 10 रुपए की कटौती का निर्णय कच्चे तेल की वैश्विक कीमतों में वृद्धि के प्रभाव से नागरिकों को बचाने के उद्देश्य से लिया गया है। उन्होंने जोर देकर कहा कि सरकार ने उपभोक्ताओं पर बोझ डालने के बजाय स्वयं वहन करने का विकल्प चुना है।
सीतारमण ने कहा कि यह कदम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के देश भर में मूल्य स्थिरता और पर्याप्त ईंधन आपूर्ति सुनिश्चित करने के स्पष्ट नीतिगत दृष्टिकोण को दर्शाता है।
उन्होंने कहा कि लोगों पर बोझ न पड़े, इसलिए कीमतों में कमी की गई है। विदेशों में तेल की कीमतें बढ़ रही हैं, लेकिन प्रधानमंत्री के दृष्टिकोण में दो मुख्य बिंदुओं पर ध्यान केंद्रित किया गया है: पहला, देश में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में वृद्धि नहीं होनी चाहिए और दूसरा, देश में पर्याप्त आपूर्ति होनी चाहिए ताकि किसी भी प्रकार की कमी न हो।
वित्त मंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव के बावजूद सरकार घरेलू ईंधन बाजारों में स्थिरता बनाए रखने के लिए सक्रिय कदम उठा रही है। उन्होंने कहा कि उत्पाद शुल्क में कटौती से यह सुनिश्चित होगा कि तेल विपणन कंपनियों को निरंतर समर्थन मिलता रहे, जिससे वे उपभोक्ताओं पर बढ़ी हुई लागत का बोझ डाले बिना आपूर्ति बनाए रख सकें।
सीतारमण ने आगे कहा कि इससे यह सुनिश्चित होता है कि रिफाइनरियां पर्याप्त आपूर्ति बनाए रखें, और बाजार की स्थिति चाहे जो भी हो, सरकार जनता के लिए कीमतों में वृद्धि को रोकने के लिए लागत वहन करती है।
उन्होंने यह भी बताया कि राम नवमी के अवसर पर उच्च स्तरीय परामर्श के बाद यह निर्णय लिया गया। उन्होंने कहा कि राम नवमी के दिन प्रधानमंत्री ने सभी अधिकारियों से परामर्श किया और यह निर्णय लिया, सुबह संसद को इसकी सूचना दी और सार्वजनिक रूप से इसकी घोषणा की गई।
विपक्ष पर निशाना साधते हुए सीतारमण ने इस कदम पर उनकी प्रतिक्रिया की आलोचना की और इसे राजनीतिक रूप से प्रेरित बताया।
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