असम पुलिस के कारण लोग चैन से सोते हैं, 24 घंटे ड्यूटी पर तैनात रहते हैं जवान : सीएम हिमंता
गुवाहाटी, 1 अक्टूबर (आईएएनएस)। असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने गुरुवार को असम पुलिस दिवस के मौके पर असम पुलिस के जवानों को श्रद्धांजलि दी और राज्य में शांति और सुरक्षा बनाए रखने में उनकी चौबीसों घंटे की सेवा की सराहना की।
मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा कि असम के लोग चैन से रह पाते हैं क्योंकि पुलिसकर्मी उनकी सुरक्षा के लिए दिन-रात ड्यूटी पर तैनात रहते हैं।
सीएम सरमा ने कहा, "असम के लोग शांति में हैं क्योंकि कोई वर्दी में चौबीसों घंटे सातों दिन पहरा दे रहा है।"
असम पुलिस दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री ने असम पुलिस के हर अधिकारी और जवान को साहस, करुणा और कर्तव्य की अटूट भावना के साथ राज्य की सेवा करने के लिए सलाम किया। उन्होंने अपने संदेश में कहा, "हमें आप पर गर्व है।"
असम पुलिस दिवस राज्य पुलिस बल के योगदान और बलिदान को पहचानने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने, नागरिकों की सुरक्षा और सुरक्षा चुनौतियों का जवाब देने में इसकी भूमिका को उजागर करने के लिए मनाया जाता है।
असम पुलिस का एक लंबा इतिहास रहा है जो जटिल सुरक्षा माहौल में काम करती है, जिसमें उग्रवाद, सीमा प्रबंधन, संगठित अपराध, ड्रग तस्करी और कानून-व्यवस्था से जुड़ी चुनौतियां शामिल हैं।
पिछले कुछ सालों में, पुलिस बल ने पारंपरिक पुलिसिंग से आगे अपना ध्यान बढ़ाया है, जिसमें सामुदायिक जुड़ाव, तकनीक-आधारित पुलिसिंग, साइबर क्राइम की रोकथाम और आपातकालीन प्रतिक्रिया पर अधिक जोर दिया गया है।
मुख्यमंत्री का यह संदेश ऐसे समय में आया है जब असम भूटान और बांग्लादेश की सीमा और कई पूर्वोत्तर राज्यों से निकटता के कारण अपनी रणनीतिक स्थिति के बीच अपनी पुलिसिंग और सुरक्षा ढांचे को मजबूत करना जारी रखे हुए है।
असम पुलिस नियमित अपराध रोकथाम और जांच के अलावा, चुनावों, बड़े सार्वजनिक कार्यक्रमों और प्राकृतिक आपदाओं के दौरान सुरक्षा बनाए रखने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
--आईएएनएस
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