Samachar Nama
×

दिल्ली की हवा हुई बेहतर, मनजिंदर सिरसा बोले-प्रदूषण रोकने में जनता का योगदान महत्वपूर्ण

दिल्ली की हवा हुई बेहतर, मनजिंदर सिरसा बोले-प्रदूषण रोकने में जनता का योगदान महत्वपूर्ण
दिल्ली की हवा हुई बेहतर, मनजिंदर सिरसा बोले-प्रदूषण रोकने में जनता का योगदान महत्वपूर्ण

नई दिल्ली, 26 अक्टूबर (आईएएनएस)। दिल्‍ली सरकार के मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने सोमवार को कहा कि शहर में वायु गुणवत्ता सूचकांक 'मध्यम' स्तर पर है और इसके लिए उन्होंने राष्ट्रीय राजधानी के लोगों को धन्यवाद दिया।

पर्यावरण, वन और वन्यजीव मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने कहा, “मैं दिल्ली के लोगों को धन्यवाद देता हूं। सोमवार को भी वायु गुणवत्ता सूचकांक 'मध्यम' और लगभग 180 है जबकि रविवार को यह 153 था। दिल्ली सरकार, नगर निगम के हमारे सहयोगियों, दिल्ली ट्रैफिक पुलिस और स्थानीय नागरिकों ने लगातार जबरदस्त सहयोग दिया है।”

केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के मुताबिक, सोमवार सुबह 8 बजे दिल्ली का वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 187 दर्ज किया गया, जिससे राष्ट्रीय राजधानी 'मध्यम' श्रेणी में आ गई। यह आंकड़ा शहर की समग्र वायु गुणवत्ता में मामूली सुधार दर्शाता है। हालांकि कई निगरानी केंद्रों पर प्रदूषण का स्तर अभी भी अधिक बना हुआ है।

विभिन्न निगरानी केंद्रों से प्राप्त आंकड़ों से शहर भर में वायु गुणवत्ता में काफी अंतर दिखाई देता है। बुराड़ी में एक्यूआई 128, उसके बाद बदरपुर में 125, नांगलोई में 150, जेएनयू में 157 और मंदिर मार्ग में 165 दर्ज किया गया। वहीं, जहांगीरपुरी (251), आरके पुरम (233), सीआरआरआई मथुरा रोड (231), पंजाबी बाग (229), नरेला (227), मुंडका (226) और विवेक विहार (240) में उच्च स्तर दर्ज किया गया।

सिरसा ने कहा कि जनता के प्रयासों के कारण वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) में सुधार हुआ है और दिल्ली में इसे नियंत्रित करना केवल जनभागीदारी के कारण ही संभव हो पाया है।

उन्‍होंने कहा, “मैं विशेष रूप से पड़ोसी राज्यों और पड़ोसी जिलों के पुलिस अधिकारियों को धन्यवाद देना चाहता हूं। पिछले तीन दिनों से आपने देखा होगा कि वहां की पुलिस लगातार प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों को दिल्ली में प्रवेश करने से रोक रही है।”

इस बीच, दिल्ली सरकार के मंत्री प्रवेश वर्मा ने शनिवार को दिल्ली के ओखला बैराज के पास छठ पूजा से पहले यमुना में सफेद झाग के दोबारा दिखने पर चिंता व्यक्त की। तस्वीरों में कालिंदी कुंज की ओर बहने वाली नदी के पूरे हिस्से में झाग की एक परत फैली हुई दिखाई दे रही है।

प्रवेश वर्मा ने कहा, “दिल्ली में यमुना की लंबाई 52 किलोमीटर है। इन 52 किलोमीटर के पूरे हिस्से में कहीं भी झाग नहीं है। जहां दिल्ली की सीमा समाप्त होती है और उत्तर प्रदेश शुरू होता है, वहां केवल एक छोर पर झाग दिखाई दे रहा है क्योंकि वहां एक बहुत बड़ा झरना है।” उन्होंने कहा, “ऊपर से पानी गिरने पर वहां झाग बन जाता है।”

प्रवेश वर्मा ने कहा, “छठ पूजा की तैयारियां पिछली बार से भी बेहतर की गई हैं। दिल्ली में और घाट बनाए जा रहे हैं और दिल्ली जल बोर्ड इन घाटों पर स्वच्छ जल उपलब्ध कराएगा। तैयारियां बहुत अच्छी तरह से चल रही हैं। सभी अधिकारियों को निर्देश दे दिए गए हैं और हमारे टेंडर पूरे हो चुके हैं।”

कालिंदी कुंज के पास सफेद झाग का दोबारा दिखना नदी में व्याप्त प्रदूषण की समस्या की ओर ध्यान आकर्षित कर रहा है। यह घटनाक्रम दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता द्वारा यमुना को पुनर्जीवित करने के लिए सरकार की पहलों की सराहना करने और लगभग 9,000 करोड़ रुपये की बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के उद्घाटन को निवासियों के लिए खुशी का अवसर बताने के कुछ दिनों बाद सामने आया है।

खास बात यह है कि शहर की वायु गुणवत्ता मुख्य रूप से सूक्ष्म कणों, जिनमें पीएम2.5 और पीएम10 शामिल हैं, से प्रभावित हुई है। निगरानी केंद्रों ने प्रदूषण के विभिन्न स्तरों की रिपोर्ट दी है, कुछ स्थानों पर अपेक्षाकृत कम स्तर दर्ज किए गए हैं जबकि कई अन्य स्थानों पर स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही है।

दिल्ली-एनसीआर में वायु गुणवत्ता के 'खराब' श्रेणी में पहुंचने के बाद, वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) ने पिछले सप्ताह प्रदूषण को और कम करने के लिए श्रेणीबद्ध प्रतिक्रिया कार्य योजना (जीआरएपी) के तहत ग्रैप चरण 1 के उपाय लागू किए।

पहले चरण के तहत, होटलों, रेस्तरां और खुले में स्थित भोजनालयों में तंदूर में कोयले और लकड़ी के उपयोग पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। आवश्यक और आपातकालीन स्थितियों को छोड़कर डीजल जनरेटर सेटों के संचालन पर भी प्रतिबंध है।

--आईएएनएस

एएसएच/पीएम

Share this story

Tags