बंगाल: बढ़ती कीमतों को रोकने के लिए पीएडएस दुकानों को मल्टी-सर्विस सेंटर में बदलने का प्रस्ताव
कोलकाता, 26 अगस्त (आईएएनएस)। देश में उचित मूल्य की दुकानों (फेयर प्राइस शॉप) के मालिकों के राष्ट्रीय संगठन, 'ऑल इंडिया फेयर प्राइस शॉप डीलर्स फेडरेशन,' ने पश्चिम बंगाल सरकार को एक प्रस्ताव दिया है। इस प्रस्ताव में राज्य की पीडीएस (सार्वजनिक वितरण प्रणाली) दुकानों को मल्टी-सर्विस सेंटर में बदलने की बात कही गई है, ताकि बाजार में जरूरी चीजों की आसमान छूती कीमतों को रोका जा सके।
पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री को लिखे एक पत्र में, फेडरेशन के राष्ट्रीय महासचिव बिस्वंभर बसु ने प्रस्ताव दिया कि राज्य की राशन दुकानों के जरिए दवाएं, बिना सब्सिडी वाले 5 किलो के गैस सिलेंडर और अन्य जरूरी सामान उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जाए।
पत्र में बसु ने दावा किया कि अगर पीडीएस दुकानों को मल्टी-सर्विस सेंटर में बदलने की इस पहल को लागू किया जाता है, तो दूर-दराज के इलाकों में भी आम लोगों तक कम कीमत पर जरूरी सामान और सेवाएं पहुंचाना संभव होगा।
मुख्यमंत्री को लिखे पत्र में कहा गया कि राज्य में हालिया बाढ़ की स्थिति और कीमतों में तेजी से हुई बढ़ोतरी ने आम लोगों के लिए मुश्किलें पैदा कर दी हैं। ऐसे में, राशन डीलरों का संगठन कीमतों में बढ़ोतरी को रोकने की सरकार की पहल में सहयोग करने के लिए तैयार है। हमारा मानना है कि राशन डीलरों के बड़े नेटवर्क और दूर-दराज के इलाकों तक पहुंचने की उनकी क्षमता का इस्तेमाल करके और भी बेहतर सार्वजनिक सेवाएं विकसित की जा सकती हैं।
पत्र के अनुसार, पहला प्रस्ताव यह है कि चावल और गेहूं की कीमतों को नियंत्रित करने के लिए केंद्र सरकार के 'टाइड-ओवर एलोकेशन' (अतिरिक्त आवंटन) के तहत मिलने वाले अतिरिक्त चावल और गेहूं को आम लोगों तक अपेक्षाकृत कम कीमत पर उपलब्ध कराया जाए।
इसके साथ ही, फेडरेशन ने राशन की दुकानों पर 'प्रधानमंत्री जनपोषण केंद्र' और 'प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र' शुरू करने का प्रस्ताव भी दिया है। फेडरेशन का मानना है कि इससे लोगों को खाने-पीने की चीजों के साथ-साथ दूसरी जरूरी सेवाएं भी किफायती दामों पर मिल पाएंगी।
इसके अलावा, फेडरेशन ने पीडीएस दुकानों से बिना सब्सिडी वाले 5 किलो के गैस सिलेंडर और रोजमर्रा की जरूरत की सभी चीजें बेचने की मंजूरी भी मांगी है। फेडरेशन का दावा है कि अगर केंद्र सरकार की नीति का पालन करते हुए ऐसी कई तरह की चीजें बेचने वाली व्यवस्था शुरू की जाती है, तो राशन डीलर इसमें असरदार भूमिका निभा पाएंगे।
पत्र में यह भी कहा गया है कि अगर मौका मिले, तो राशन डीलर संबंधित अधिकारियों और केंद्रीय एजेंसियों से संपर्क करके एक असरदार वितरण व्यवस्था की रूपरेखा तैयार करने के लिए तैयार हैं।
फेडरेशन का दावा है कि मौजूदा हालात में राशन डीलर व्यापारिक मुनाफे के बजाय राज्य की जरूरतों और आम लोगों को सही सेवाएं देने को ज्यादा अहमियत दे रहे हैं।
फेडरेशन ने मुख्यमंत्री से अनुरोध किया है कि वे इस मामले पर राज्य के खाद्य मंत्री अशोक कीर्तनिया की अध्यक्षता में तुरंत एक उच्च-स्तरीय बैठक बुलाएं।
--आईएएनएस
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