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स्थानीय निकाय चुनाव में जनसेना को पर्याप्त प्रतिनिधित्व मिले: पवन कल्याण

स्थानीय निकाय चुनाव में जनसेना को पर्याप्त प्रतिनिधित्व मिले: पवन कल्याण
स्थानीय निकाय चुनाव में जनसेना को पर्याप्त प्रतिनिधित्व मिले: पवन कल्याण

अमरावती, 11 अक्टूबर (आईएएनएस)। आंध्र प्रदेश के उपमुख्यमंत्री और जनसेना पार्टी के प्रमुख पवन कल्याण ने रविवार को आगामी स्थानीय निकाय चुनावों में अपनी पार्टी के कार्यकर्ताओं को पर्याप्त प्रतिनिधित्व देने की मांग की। उन्होंने कहा कि सत्तारूढ़ गठबंधन के गठन और उसकी सफलता में जनसेना के कार्यकर्ताओं ने महत्वपूर्ण योगदान दिया है। उनके त्याग और समर्पण को देखते हुए गठबंधन के धर्म के अनुरूप उन्हें स्थानीय निकायों में उचित प्रतिनिधित्व मिलना चाहिए।

पवन कल्याण पोलावरम जिले के रामपचोडवरम विधानसभा क्षेत्र के काकवाड़ा में रविवार को 'अडवी थल्ली बाटा 2.0' कार्यक्रम की शुरुआत के अवसर पर बोल रहे थे। उन्होंने आगामी स्थानीय निकाय चुनावों में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) का समर्थन करने की अपील करते हुए कहा कि गठबंधन के नेता और कार्यकर्ता आपसी समन्वय के साथ आगे बढ़ें और गांवों के विकास में सक्रिय भूमिका निभाएं।

उन्होंने कहा कि गठबंधन के प्रत्येक नेता की जिम्मेदारी है कि वह पार्टी और गठबंधन के लिए मेहनत करने वाले कार्यकर्ताओं के साथ खड़ा रहे। उन्हें उचित पहचान और सम्मान मिलना चाहिए।

पवन कल्याण ने कहा कि 2024 के आम चुनावों में जब जनसेना के कार्यकर्ताओं ने गठबंधन का समर्थन किया था, तब उनमें से किसी ने भी राजनीतिक पद की आकांक्षा नहीं रखी थी। उन्होंने निजी हितों से ऊपर राज्य के हितों को रखा और पार्टी तथा गठबंधन के लिए अनेक त्याग किए।

उन्होंने कहा कि एन. चंद्रबाबू नायडू की गिरफ्तारी के दौरान भी जनसेना के कार्यकर्ता और 'वीरा महिलाएं' (महिला कार्यकर्ता) सड़कों पर उतरी थीं और उन्होंने अपना समर्थन जताया था।

पवन कल्याण ने कहा, "मुश्किल समय में हमारे साथ खड़े रहने वालों के त्याग को हमें कभी नहीं भूलना चाहिए। आगामी स्थानीय निकाय चुनावों में गठबंधन के धर्म का सम्मान करते हुए जनसैनिकों और वीरा महिलाओं को उचित प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करना चाहिए। उनके त्याग को पहचान मिलनी चाहिए। सत्ता में कोई पद मांगे बिना हमारे साथ खड़े रहने वालों के भरोसे का सम्मान करना जरूरी है।"

उपमुख्यमंत्री ने 'अडवी थल्ली बाटा' कार्यक्रम का जिक्र करते हुए कहा कि गठबंधन सरकार का उद्देश्य आदिवासी गांवों को सड़क संपर्क उपलब्ध कराना और उन्हें विकास की मुख्यधारा से जोड़ना है। सड़क निर्माण के माध्यम से आदिवासी क्षेत्रों में शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं, रोजगार, परिवहन और बाजार तक पहुंच को बेहतर बनाने के प्रयास किए जा रहे हैं।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सहयोग और मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू के नेतृत्व में पीएम-जनमन, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना-4 और रोजगार गारंटी योजना जैसी योजनाओं के समन्वय से इस कार्यक्रम को लागू किया जा रहा है।

पवन कल्याण के अनुसार, इस पहल की शुरुआत पोलावरम, श्रीकाकुलम, विजयनगरम, नंदयाल और एलुरु जिलों में की गई थी। इसके तहत 1,406 करोड़ रुपये की लागत से 858 आदिवासी बस्तियों को जोड़ने के लिए 1,662 किलोमीटर सड़क निर्माण के कार्य किए गए।

उन्होंने बताया कि 'अडवी थल्ली बाटा 2.0' के तहत 2,052 करोड़ रुपये की लागत से कुल 2,569 कार्यों को मंजूरी दी गई है। इस चरण में 1,341 अन्य आदिवासी बस्तियों को जोड़ने के लिए 1,976 किलोमीटर सड़कें और 45 पुल बनाए जाएंगे।

पवन कल्याण ने कहा कि सरकार का लक्ष्य सड़क संपर्क के विस्तार के जरिए आदिवासी क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करना और विकास की प्रक्रिया को गति देना है।

--आईएएनएस

डीएससी

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