Samachar Nama
×

वंदे मातरम पर कर्नाटक कांग्रेस प्रमुख बोले- देशभक्ति का मतलब राष्ट्रगीत गाने से न जोड़ा जाए

वंदे मातरम पर कर्नाटक कांग्रेस प्रमुख बोले- देशभक्ति का मतलब राष्ट्रगीत गाने से न जोड़ा जाए
वंदे मातरम पर कर्नाटक कांग्रेस प्रमुख बोले- देशभक्ति का मतलब राष्ट्रगीत गाने से न जोड़ा जाए

बेंगलुरु, 23 सितंबर (आईएएनएस)। कर्नाटक कांग्रेस के अध्यक्ष बीके हरिप्रसाद ने बुधवार को सुप्रीम कोर्ट की बयान का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने एक बार फिर यह साफ कर दिया है कि 'वंदे मातरम' न गाने पर किसी व्यक्ति को अपराधी नहीं ठहराया जा सकता।

कांग्रेस प्रमुख ने कहा कि कोर्ट का यह नजरिया लोकतांत्रिक और संवैधानिक सिद्धांतों की मजबूती का एक और उदाहरण है। कांग्रेस ने एआईसीसी वर्किंग कमेटी और कर्नाटक में पहले ही यह फैसला कर लिया था कि सरकारी कार्यक्रमों में वंदे मातरम के सिर्फ शुरुआती दो पद ही गाए जाएंगे। इस मुद्दे पर पार्टी का रुख साफ है।

हरिप्रसाद के मुताबिक, देशभक्ति का मतलब किसी को कोई खास गाना गाने के लिए मजबूर करना नहीं है। बल्कि, इसका मतलब है संविधान, देश की विविधता और हर नागरिक की अंतरात्मा की आजादी का सम्मान करना। आजादी की लड़ाई के दौरान राष्ट्रीय नेताओं ने वंदे मातरम पर गंभीर चर्चा की थी और एक ऐसा तरीका निकाला था जो भारत की अनेकता का सम्मान करता हो।

हरिप्रसाद ने कहा कि उस ऐतिहासिक सहमति को दरकिनार करके, केंद्र सरकार ने लोगों पर आधिकारिक तौर पर सभी छह पद गाने का नया सिस्टम थोप दिया है। कोई भी वंदे मातरम गाने का विरोध नहीं कर रहा है, लेकिन उनका तर्क था कि गाने के सम्मान के नाम पर संविधान को दरकिनार नहीं किया जा सकता। देश में ऐसी कोई स्थिति नहीं है जहां लोगों को भाजपा से देशभक्ति का सर्टिफिकेट लेना पड़े। जैसे हर नागरिक को देश से प्यार करने का अधिकार है, वैसे ही हर नागरिक को अपनी अंतरात्मा के अनुसार काम करने का भी अधिकार है।

हरिप्रसाद ने कर्नाटक विधानसभा सत्र के दौरान हुए विवाद को लेकर भी भाजपा की आलोचना की। उन्होंने कहा कि इस घटना ने इस मुद्दे पर भाजपा की राजनीतिक असंगति को उजागर कर दिया है।

उन्होंने कहा कि सरकारी कार्यक्रमों में सिर्फ शुरुआती दो पद गाने के सरकार के फैसले के विरोध में भाजपा सदस्यों ने विधानसभा में वंदे मातरम का पूरा वर्जन गाने पर जोर दिया। जब सत्ताधारी पार्टी के सदस्य शुरुआती दो पदों के बाद रुक गए और संविधान की प्रस्तावना पढ़ी, तो विपक्ष के सदस्य पूरा गाना गाते रहे।

हरिप्रसाद ने पूरा वर्जन गाते समय प्रिंटेड कॉपी का इस्तेमाल करने के लिए भाजपा सदस्यों का मजाक भी उड़ाया और पूरे बोल की जानकारी पर सवाल उठाए।

उन्होंने कहा कि यह अजीब बात है कि भाजपा, जिसने विधानसभा में पूरा 'वंदे मातरम' गाने पर जोर देकर इतना बड़ा राजनीतिक मुद्दा बनाया था, उसे इसके पूरे बोल तक याद नहीं थे। अगर बोल याद नहीं भी थे, तो भी उन्हें ठीक से न पढ़ पाना और न गा पाना और भी बड़ी विडंबना है।

हरिप्रसाद ने कहा कि किसी गाने को राजनीतिक हथियार बनाना, जबकि खुद उसे ठीक से न गा पाना, शायद सबसे बड़ा राजनीतिक विरोधाभास है।

सुप्रीम कोर्ट के बयान का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि जो भाजपा सदस्य वंदे मातरम ठीक से नहीं गा पा रहे थे, वे कम से कम राहत की सांस ले सकते हैं। उन्होंने कहा कि इस घटनाक्रम से उन्हें कुछ संतुष्टि मिली है।

--आईएएनएस

डीकेएम/पीएम

Share this story