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सिद्दारमैया रमैया के इस्तीफे के बाद कांग्रेस नेताओं ने दिया अनुशासन और एकता पर जोर, बोले-जनता ही सर्वोपरि

बेंगलुरु, 29 मई (आईएएनएस)। कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के इस्तीफे के बाद एआईसीसी के महासचिव (संगठन) और लोकसभा सदस्य के.सी. वेणुगोपाल ने शुक्रवार को कहा कि कांग्रेस ने हमेशा पार्टी और लोगों को सत्ता के पदों से ऊपर रखा है।
सिद्दारमैया रमैया के इस्तीफे के बाद कांग्रेस नेताओं ने दिया अनुशासन और एकता पर जोर, बोले-जनता ही सर्वोपरि

बेंगलुरु, 29 मई (आईएएनएस)। कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के इस्तीफे के बाद एआईसीसी के महासचिव (संगठन) और लोकसभा सदस्य के.सी. वेणुगोपाल ने शुक्रवार को कहा कि कांग्रेस ने हमेशा पार्टी और लोगों को सत्ता के पदों से ऊपर रखा है।

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में वेणुगोपाल ने कहा, “स्वयं से ऊपर पार्टी, सत्ता से ऊपर जनता, क्योंकि कांग्रेस के लिए पार्टी हमारा परिवार है और जनता ही हमारा उद्देश्य है।”

उनकी यह टिप्पणी कर्नाटक के राजनीतिक घटनाक्रम के बाद आई है, जब सिद्दारमैया ने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दिया, जिसे कर्नाटक के राज्यपाल थावरचंद गहलोत ने स्वीकार कर लिया।

वेणुगोपाल का यह बयान कांग्रेस पार्टी के अनुशासन और सामूहिक नेतृत्व को दर्शाने वाले संदेश के रूप में, खासकर कर्नाटक में चल रहे राजनीतिक बदलावों के बीच देखा जा रहा है।

सिद्दारमैया को नए प्रबंध किए जाने तक कार्यवाहक मुख्यमंत्री के रूप में बने रहने के लिए कहा गया है।

सिद्धारमैया से कहा गया है कि जब तक कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं हो जाती, तब तक वे कार्यवाहक मुख्यमंत्री के तौर पर काम करते रहेंगे।

इस बीच, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री प्रियांक खड़गे ने शुक्रवार को सिद्धारमैया के कार्यकाल की तारीफ की। उन्होंने सिद्धारमैया को एक ऐसे नेता के तौर पर बताया, जिन्होंने जन-कल्याणकारी शासन, वैचारिक प्रतिबद्धता और राजनीतिक संघर्षों के जरिए लोगों का प्यार और भरोसा जीता।

प्रियांक खड़गे ने कहा कि सिद्धारमैया ने कर्नाटक के सबसे लंबे समय तक सेवा करने वाले मुख्यमंत्रियों में से एक बनकर एक रिकॉर्ड बनाया है। साथ ही, कांग्रेस पार्टी के जन-हितैषी कार्यक्रमों और सैद्धांतिक राजनीतिक रुख के जरिए वे एक 'जन-नेता' बन गए हैं।

उन्होंने कहा कि अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत से ही सिद्दारमैया संवैधानिक मूल्यों, धर्मनिरपेक्षता और समाजवादी सिद्धांतों के प्रति पूरी तरह समर्पित रहे। उन्होंने सार्वजनिक जीवन और प्रबुद्ध राजनीति में उच्च मानक स्थापित किए।

खड़गे ने कहा, "हमारी पीढ़ी के नेता और भविष्य के युवा राजनेता उन्हें एक प्रेरणा के तौर पर देखते हैं।"

अपनी खुद की राजनीतिक यात्रा में सिद्दारमैया की भूमिका को याद करते हुए खड़गे ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री ने उन्हें मार्गदर्शन देने और सलाह देने में अहम भूमिका निभाई। उन्होंने बताया कि जब उन्हें कम उम्र में ही सूचना प्रौद्योगिकी, जैव प्रौद्योगिकी और पर्यटन जैसे महत्वपूर्ण विभाग सौंपे गए थे, तब सिद्दारमैया ने उनमें आत्मविश्वास जगाया। उन्होंने यह भी सुनिश्चित किया कि कैबिनेट के सबसे कम उम्र के मंत्रियों में से एक होने के बावजूद उन्हें कभी भी किसी तरह की हिचकिचाहट महसूस न हो।

उन्होंने कहा, "उन्होंने न केवल मुझे प्रोत्साहित किया, बल्कि मुझे जन केंद्रित कार्यक्रम तैयार करने की पूरी आजादी भी दी। मौजूदा कार्यकाल के दौरान भी दो प्रमुख विभागों को संभालने में उनका मार्गदर्शन मेरे लिए बेहद मूल्यवान रहा।"

प्रियांक खड़गे ने आगे कहा कि सिद्दारमैया के नेतृत्व में कर्नाटक की कांग्रेस सरकार ने भ्रष्टाचार-मुक्त शासन और विकास-उन्मुख प्रशासन दिया। उन्होंने यह भी जोड़ा कि सरकार की 'गारंटी योजनाओं' ने लोगों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाया है। उन्होंने कहा, "ऐसे कद्दावर नेता के मंत्रिमंडल में मंत्री के तौर पर सेवा करना मेरे लिए गर्व की बात है।"

सिद्दारमैया के मुख्यमंत्री पद से हटने को कांग्रेस नेताओं और समर्थकों के लिए एक भावुक पल बताते हुए खड़गे ने पार्टी कार्यकर्ताओं से आग्रह किया कि वे उनके योगदान को याद रखें और उनके मार्गदर्शन में पार्टी को लगातार मजबूत करते रहें।

उन्होंने कहा, "आइए, हम उनके नेतृत्व और मार्गदर्शन में कांग्रेस पार्टी को और अधिक मजबूत करके राज्य को सांप्रदायिक ताकतों से बचाएं।"

--आईएएनएस

एससीएच/वीसी

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