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1947 का विभाजन एक मानवीय त्रासदी था : मणिपुर के राज्यपाल

1947 का विभाजन एक मानवीय त्रासदी था : मणिपुर के राज्यपाल
1947 का विभाजन एक मानवीय त्रासदी था : मणिपुर के राज्यपाल

इंफाल, 14 अगस्त (आईएएनएस)। मणिपुर के राज्यपाल अजय कुमार भल्ला ने शुक्रवार को कहा कि वर्ष 1947 का विभाजन केवल जमीन का बंटवारा नहीं था, बल्कि एक मानवीय त्रासदी थी, जिसने लाखों लोगों को पीड़ा, जान-माल की हानि और विस्थापन का दर्द दिया।

मुख्यमंत्री युमनाम खेमचंद सिंह ने कहा कि विभाजन के कारण अनगिनत लोगों की जान गई और बड़े पैमाने पर संपत्ति का नुकसान हुआ। हालांकि, जो लोग बच गए और भारत पहुंचे, उन्होंने साहस दिखाया, अपने जीवन को फिर से खड़ा किया और नई शुरुआत की।

राज्यपाल और मुख्यमंत्री इंफाल स्थित पैलेस ऑडिटोरियम, मणिपुर स्टेट फिल्म डेवलपमेंट सोसाइटी में आयोजित 'विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस' कार्यक्रम में शामिल हुए।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राज्यपाल भल्ला ने कहा कि 1947 का विभाजन केवल एक बंटवारा नहीं, बल्कि एक मानवीय त्रासदी था। देश के इतिहास में कुछ पल उत्सव मनाने के होते हैं, जबकि कुछ ऐसे भी होते हैं, जब हमें रुककर अतीत को याद करना और उससे सीख लेना चाहिए।

राज्यपाल ने बताया कि भारत सरकार ने वर्ष 2021 में 14 अगस्त को 'विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस' घोषित किया था, ताकि विभाजन के दौरान लोगों द्वारा झेली गई पीड़ा, बलिदान और विस्थापन की घटनाएं राष्ट्रीय स्मृति का हिस्सा बनी रहें।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने विभाजन के दौरान लोगों को झेलनी पड़ी कठिनाइयों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि इस घटना के कारण अनगिनत लोगों की जान गई और बड़े पैमाने पर संपत्ति का नुकसान हुआ। विभाजन के बाद बचे हुए लोगों ने जीवन को दोबारा संभाला और नई शुरुआत की।

मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम के दौरान दिखाई गई डॉक्यूमेंट्री "ए न्यू पोस्टबॉक्स: टेल्स फ्रॉम द पार्टिशन" का जिक्र करते हुए कहा कि उसमें एक बात कही गई थी, "हमारी आंखें सिर के पीछे नहीं बल्कि सामने होती हैं, जो हमें यह याद दिलाती हैं कि हमें अतीत में अटकने के बजाय आगे देखना चाहिए।"

मुख्यमंत्री ने कहा कि वे चुराचांदपुर जिले की सीमा से लगे क्षेत्र के हिंसा प्रभावित आंतरिक रूप से विस्थापित लोगों की चिंताओं से बेहद प्रभावित हुए। इन लोगों ने बताया कि वे केवल दिन के समय ही अपने घर लौट पाते हैं, क्योंकि उनमें रात में वहां रहने का भरोसा नहीं है। ये लोग अपनी आजीविका कमाने के अवसरों से भी वंचित हैं।

मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि किसी भी संकट के समय लोगों का दर्द एक जैसा होता है। उन्होंने राज्य के लोगों से शांति और सौहार्दपूर्ण सह-अस्तित्व को बढ़ावा देने की अपील की।

कार्यक्रम के दौरान विभाजन से प्रभावित सभी लोगों को श्रद्धांजलि देने के लिए दो मिनट का मौन भी रखा गया।

--आईएएनएस

एएमटी/एबीएम

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